शिवपुरी। जिले के एक गरीब ग्रामीण के साथ शहर के एक नामी सर्राफा कारोबारी द्वारा धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित किसान ने आरोप लगाया है कि उसने अपनी मुसीबत के समय जो गहने गिरवी रखे थे, उन्हें छुड़ाने के लिए वह मूल राशि से चार गुना ज्यादा पैसा (ब्याज समेत) दे चुका है, इसके बावजूद सर्राफ उसकी पूरी अमानत वापस नहीं कर रहा है। हद तो तब हो गई जब देहात थाने की पुलिस ने पीड़ित की मदद करने के बजाय उसे थाने से भगा दिया। हार मानकर अब पीड़ित ने एसपी दफ्तर की चौखट पर न्याय की गुहार लगाई है।
50 हजार के बदले चुकाए 2.30 लाख, फिर भी डकार ली चांदी
मामला ग्राम सुजवाया निवासी नवल सिंह गुर्जर का है। नवल सिंह ने बताया कि करीब 4-5 साल पहले उसने अपनी मजबूरी के चलते नवाब सर्राफ के पास 50,000 रुपए में कुछ जेवर गिरवी रखे थे। इन जेवरों में 700.5 ग्राम चांदी और 8 ग्राम 6 रत्ती सोना शामिल था। समय बीतने के साथ नवल सिंह ने पेट काटकर पाई-पाई जोड़ी और ब्याज समेत कुल 2 लाख 30 हजार रुपए सर्राफ को चुका दिए।
वजन में हेराफेरी और दबंगई का आरोप
पीड़ित का आरोप है कि जब उसने अपनी रकम वापस मांगी, तो सर्राफ ने उसे कम वजन के जेवर थमा दिए। उसे चांदी सिर्फ 630 ग्राम और सोना 8 ग्राम 1 रत्ती दिया गया, जो कि असल वजन से काफी कम है। जब नवल सिंह ने अपने पुत्र बृजभान के सामने विरोध दर्ज कराया, तो सर्राफ अपनी बात से मुकर गया और झूठ बोलकर उसे भगा दिया।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
नवल सिंह का दर्द है कि वह इस धोखाधड़ी की शिकायत लेकर देहात थाने गया, लेकिन वहां उसे न्याय मिलने के बजाय पुलिसकर्मियों के दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा। थाने से भगाए जाने के बाद अब पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से निवेदन किया है कि रसूखदार सर्राफ के खिलाफ कार्रवाई की जाए और उसके पसीने की कमाई से बनाए गए जेवर उसे पूरे वापस दिलाए जाएं।
50 हजार के बदले चुकाए 2.30 लाख, फिर भी डकार ली चांदी
मामला ग्राम सुजवाया निवासी नवल सिंह गुर्जर का है। नवल सिंह ने बताया कि करीब 4-5 साल पहले उसने अपनी मजबूरी के चलते नवाब सर्राफ के पास 50,000 रुपए में कुछ जेवर गिरवी रखे थे। इन जेवरों में 700.5 ग्राम चांदी और 8 ग्राम 6 रत्ती सोना शामिल था। समय बीतने के साथ नवल सिंह ने पेट काटकर पाई-पाई जोड़ी और ब्याज समेत कुल 2 लाख 30 हजार रुपए सर्राफ को चुका दिए।
वजन में हेराफेरी और दबंगई का आरोप
पीड़ित का आरोप है कि जब उसने अपनी रकम वापस मांगी, तो सर्राफ ने उसे कम वजन के जेवर थमा दिए। उसे चांदी सिर्फ 630 ग्राम और सोना 8 ग्राम 1 रत्ती दिया गया, जो कि असल वजन से काफी कम है। जब नवल सिंह ने अपने पुत्र बृजभान के सामने विरोध दर्ज कराया, तो सर्राफ अपनी बात से मुकर गया और झूठ बोलकर उसे भगा दिया।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
नवल सिंह का दर्द है कि वह इस धोखाधड़ी की शिकायत लेकर देहात थाने गया, लेकिन वहां उसे न्याय मिलने के बजाय पुलिसकर्मियों के दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा। थाने से भगाए जाने के बाद अब पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से निवेदन किया है कि रसूखदार सर्राफ के खिलाफ कार्रवाई की जाए और उसके पसीने की कमाई से बनाए गए जेवर उसे पूरे वापस दिलाए जाएं।