शिवपुरी। शिवपुरी मेडिकल कॉलेज को शिवपुरी में स्थापित और संचालित हुए आठ साल का लंबा समय बीत चुका है। मेडिकल कालेज में स्टाफ क्वार्टर, हास्टल सब कुछ है, परंतु नर्सिंग स्टाफ के लिए आवासों का आवंटन नहीं किया जाता है। इस कारण नर्सिंग स्टाफ को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। खास बात यह है कि डीन से लेकन डीएमई तक गुहार लगाने के बावजूद भी नर्सिंग स्टाफ की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। नर्सिंग स्टाफ ने बुधवार को मेडिकल कालेज में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में पहंची, प्रियदर्शनी राजे सिंधिया से आवास के लिए एक बार फिर से गुहार लगाई है।
नर्सिंग स्टाफ के अनुसार वर्ष 2018 से आज तक मेडिकल कालेज में कार्यरत समस्त नर्सिंग स्टाफ को मेडिकल कालेज कैम्पस में शासकीय आवास आवंटित नहीं किया गया है, जिससे नर्सिंग स्टाफ को मेडिकल कालेज कैम्पस से दूर बाहर किराये के मकानों में रहने को मजबूर हैं। नर्सिंग स्टाफ को नाइट ड्यूटी पर आते-जाते समय अप्रिय घटनाएं होने का भय व्याप्त रहता है। नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि वह मेडिकल कॉलेज कैम्पस के बाहर किराये के मकान में निवास करते है। जिनको स्थानीय दबंगों, चोरों, अवांक्षित तत्वों द्वारा बार-बार परेशान रास्ते में आते-जाते समय रोकना, अभद्र भाषा का प्रयोग करना, छेड़छाड़ करना, रास्ते में रोककर धमकाना, चोरी होना, लड़ाई-झगड़ा कर मारपीट करना इत्यादि परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
हमे मेडिकल कॉलेज कैम्पस में शासकीय आवास आवंटन नहीं होने से काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उनके अनुसार समस्त नर्सिंग स्टाफ को मकान मालिकों द्वारा हर 6 महीने या एक साल में किराया बढ़ाने या मकान खाली कराने हेतु बोला जाता है जिससे आर्थिक एवं मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने प्रियदर्शनी राजे सिंधिया से मेडिकल कॉलेज कैम्पस में शासकीय आवास आवंटित कराने की मांग की है।यहां बताना होगा कि इससे पूर्व वह पिछले आठ सालों में मेडिकल कालेज में पदस्थ रहे सभी डीन और भोपाल में डीएमई को आवेदन देकर आवास आवंटन की गुहार लगा चुकी हैं।
नर्सिंग स्टाफ के अनुसार वर्ष 2018 से आज तक मेडिकल कालेज में कार्यरत समस्त नर्सिंग स्टाफ को मेडिकल कालेज कैम्पस में शासकीय आवास आवंटित नहीं किया गया है, जिससे नर्सिंग स्टाफ को मेडिकल कालेज कैम्पस से दूर बाहर किराये के मकानों में रहने को मजबूर हैं। नर्सिंग स्टाफ को नाइट ड्यूटी पर आते-जाते समय अप्रिय घटनाएं होने का भय व्याप्त रहता है। नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि वह मेडिकल कॉलेज कैम्पस के बाहर किराये के मकान में निवास करते है। जिनको स्थानीय दबंगों, चोरों, अवांक्षित तत्वों द्वारा बार-बार परेशान रास्ते में आते-जाते समय रोकना, अभद्र भाषा का प्रयोग करना, छेड़छाड़ करना, रास्ते में रोककर धमकाना, चोरी होना, लड़ाई-झगड़ा कर मारपीट करना इत्यादि परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
हमे मेडिकल कॉलेज कैम्पस में शासकीय आवास आवंटन नहीं होने से काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उनके अनुसार समस्त नर्सिंग स्टाफ को मकान मालिकों द्वारा हर 6 महीने या एक साल में किराया बढ़ाने या मकान खाली कराने हेतु बोला जाता है जिससे आर्थिक एवं मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने प्रियदर्शनी राजे सिंधिया से मेडिकल कॉलेज कैम्पस में शासकीय आवास आवंटित कराने की मांग की है।यहां बताना होगा कि इससे पूर्व वह पिछले आठ सालों में मेडिकल कालेज में पदस्थ रहे सभी डीन और भोपाल में डीएमई को आवेदन देकर आवास आवंटन की गुहार लगा चुकी हैं।