शिवपुरी शिवपुरी की धरा आज सेवा के एक अनूठे अध्याय की साक्षी बनी। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री तथा स्थानीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने श्रीमंत माधवराव सिंधिया सेवा स्वास्थ्य मिशन और रोटरी रीजनल मेडिकल मिशन के तत्वावधान में आयोजित विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का भव्य उद्घाटन किया। यह आयोजन केवल एक चिकित्सा शिविर नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का एक महायज्ञ बनकर उभरा है।
डॉक्टर हैं जानदाता: सिंधिया का नया संबोधन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया एक अलग ही अंदाज़ में नज़र आए। उन्होंने समाज के तीन स्तंभों को रेखांकित करते हुए कहा कि जिस तरह शिक्षक 'ज्ञानदाता' है और किसान 'अन्नदाता' है, उसी प्रकार एक चिकित्सक 'जानदाता' है। उन्होंने मंच से इन तीनों वर्गों को ईश्वर का रूप बताते हुए नमन किया। सिंधिया ने भावुक होते हुए कहा कि उनके पूज्य पिता माधवराव सिंधिया जी ने दशकों पहले यह सपना देखा था कि बड़े शहरों की आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं गरीब के दरवाजे तक पहुँचनी चाहिए, और आज यह मिशन उसी परिकल्पना को धरातल पर उतार रहा है।
दिव्यांगजनों के जीवन में आया प्रकाश
स्वास्थ्य शिविर के साथ ही दिव्यांगजन किट वितरण का एक विशाल कार्यक्रम संपन्न हुआ। सिंधिया ने स्वयं अपने हाथों से 786 दिव्यांग भाई-बहनों को सहायक उपकरण भेंट किए।
सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता, हेलमेट पहनना सिखाया
कार्यक्रम का सबसे प्रेरक क्षण वह था जब ज्योतिरादित्य सिंधिया मंच से नीचे उतरे और दिव्यांगजनों से व्यक्तिगत रूप से मिले। उन्होंने न केवल उन्हें ट्राइसाइकिल पर बैठाया, बल्कि सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें हेलमेट भी पहनाया। उन्होंने मंच से हेलमेट को लॉक और अनलॉक करने का तरीका डेमो देकर सिखाया और अपील की कि "सुविधा के साथ सुरक्षा भी जरूरी है।"
गरिमामयी उपस्थिति
इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, विधायक देवेंद्र जैन, महेंद्र यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष जसवंत जाटव सहित जिले के आला अधिकारी, जनप्रतिनिधि और हजारों की संख्या में आमजन मौजूद रहे। सभी ने सिंधिया के इस सेवा संकल्प की सराहना की।
डॉक्टर हैं जानदाता: सिंधिया का नया संबोधन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया एक अलग ही अंदाज़ में नज़र आए। उन्होंने समाज के तीन स्तंभों को रेखांकित करते हुए कहा कि जिस तरह शिक्षक 'ज्ञानदाता' है और किसान 'अन्नदाता' है, उसी प्रकार एक चिकित्सक 'जानदाता' है। उन्होंने मंच से इन तीनों वर्गों को ईश्वर का रूप बताते हुए नमन किया। सिंधिया ने भावुक होते हुए कहा कि उनके पूज्य पिता माधवराव सिंधिया जी ने दशकों पहले यह सपना देखा था कि बड़े शहरों की आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं गरीब के दरवाजे तक पहुँचनी चाहिए, और आज यह मिशन उसी परिकल्पना को धरातल पर उतार रहा है।
In Shivpuri, Scindia made his father's dream a reality
शिवपुरी बना मेडिकल हब, एम्स और मेदांता के विशेषज्ञ तैनात इस स्वास्थ्य शिविर की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहाँ एम्स दिल्ली, एम्स भोपाल और मेदांता जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। इस शिविर में प्रतिदिन 25,000 मरीजों की ओपीडी और 500 से 700 ऑपरेशन की व्यवस्था रखी गई हैं। वही आधुनिक मशीनें और जांच उपकरण, जो बड़े महानगरों के निजी अस्पतालों में ही उपलब्ध होते हैं। सिंधिया ने गर्व से कहा कि आज शिवपुरी में जो चिकित्सा ढांचा खड़ा हुआ है, वह आसपास के कई जिलों के लिए मिसाल है।दिव्यांगजनों के जीवन में आया प्रकाश
स्वास्थ्य शिविर के साथ ही दिव्यांगजन किट वितरण का एक विशाल कार्यक्रम संपन्न हुआ। सिंधिया ने स्वयं अपने हाथों से 786 दिव्यांग भाई-बहनों को सहायक उपकरण भेंट किए।
सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता, हेलमेट पहनना सिखाया
कार्यक्रम का सबसे प्रेरक क्षण वह था जब ज्योतिरादित्य सिंधिया मंच से नीचे उतरे और दिव्यांगजनों से व्यक्तिगत रूप से मिले। उन्होंने न केवल उन्हें ट्राइसाइकिल पर बैठाया, बल्कि सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें हेलमेट भी पहनाया। उन्होंने मंच से हेलमेट को लॉक और अनलॉक करने का तरीका डेमो देकर सिखाया और अपील की कि "सुविधा के साथ सुरक्षा भी जरूरी है।"
गरिमामयी उपस्थिति
इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, विधायक देवेंद्र जैन, महेंद्र यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष जसवंत जाटव सहित जिले के आला अधिकारी, जनप्रतिनिधि और हजारों की संख्या में आमजन मौजूद रहे। सभी ने सिंधिया के इस सेवा संकल्प की सराहना की।