शिवपुरी। शिवपुरी जिले के पोहरी अनुविभाग के गोपालपुर थाना सीमा में आने वाले पटेवरी गांव मे एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ रिश्तों की मर्यादा चंद रुपयों के लालच और गुस्से की भेंट चढ़ गई। महज 150 रुपये के भाड़े को लेकर हुए विवाद में एक व्यक्ति ने अपने ही चचेरे भाई के पेट में चाकू मारकर उसकी हत्या कर दी। यह दुखद घटना सोमवार शाम की है, जिसने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है।
मजदूरी से लौटे थे साथ, आलुओं पर अटका था विवाद
जानकारी के मुताबिक, पटेवरी निवासी 57 वर्षीय माधव आदिवासी पिछले महीने मजदूरी के सिलसिले में आगरा गए थे। उनके साथ उनका चचेरा भाई रमेश आदिवासी और उसकी पत्नी अशर्फी भी थे। काम खत्म होने के बाद जब सभी मजदूर गांव लौटे, तो अशर्फी को मजदूरी के बदले कुछ आलू मिले थे, जो माधव के पास रखे हुए थे।
सोमवार शाम जब रमेश अपने हिस्से के आलू लेने माधव के घर पहुँचा, तो माधव ने पहले 150 रुपये का पिछला भाड़ा चुकाने की शर्त रख दी। भाड़े के पैसों को लेकर शुरू हुई मामूली कहासुनी देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बहस के दौरान रमेश इतना उत्तेजित हो गया कि उसने अपना आपा खो दिया और पास रखा चाकू निकालकर सीधे माधव के पेट में उतार दिया।
गंभीर रूप से लहूलुहान माधव को तुरंत मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन जख्म इतना गहरा था कि डॉक्टरों ने उन्हें देखते ही मृत घोषित कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई और फरार आरोपी
गोपालपुर थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी विनोद यादव ने बताया कि आरोपी रमेश आदिवासी के खिलाफ हत्या (धारा 302) के तहत केस दर्ज किया गया है। वारदात को अंजाम देने के बाद से ही आरोपी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।
महज 150 रुपये के विवाद में हत्या जैसी संगीन वारदात को अंजाम देना दुर्भाग्यपूर्ण है। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है और आरोपी की तलाश जारी है।"
विनोद यादव, थाना प्रभारी, गोपालपुर
मजदूरी से लौटे थे साथ, आलुओं पर अटका था विवाद
जानकारी के मुताबिक, पटेवरी निवासी 57 वर्षीय माधव आदिवासी पिछले महीने मजदूरी के सिलसिले में आगरा गए थे। उनके साथ उनका चचेरा भाई रमेश आदिवासी और उसकी पत्नी अशर्फी भी थे। काम खत्म होने के बाद जब सभी मजदूर गांव लौटे, तो अशर्फी को मजदूरी के बदले कुछ आलू मिले थे, जो माधव के पास रखे हुए थे।
सोमवार शाम जब रमेश अपने हिस्से के आलू लेने माधव के घर पहुँचा, तो माधव ने पहले 150 रुपये का पिछला भाड़ा चुकाने की शर्त रख दी। भाड़े के पैसों को लेकर शुरू हुई मामूली कहासुनी देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बहस के दौरान रमेश इतना उत्तेजित हो गया कि उसने अपना आपा खो दिया और पास रखा चाकू निकालकर सीधे माधव के पेट में उतार दिया।
गंभीर रूप से लहूलुहान माधव को तुरंत मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन जख्म इतना गहरा था कि डॉक्टरों ने उन्हें देखते ही मृत घोषित कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई और फरार आरोपी
गोपालपुर थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी विनोद यादव ने बताया कि आरोपी रमेश आदिवासी के खिलाफ हत्या (धारा 302) के तहत केस दर्ज किया गया है। वारदात को अंजाम देने के बाद से ही आरोपी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।
महज 150 रुपये के विवाद में हत्या जैसी संगीन वारदात को अंजाम देना दुर्भाग्यपूर्ण है। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है और आरोपी की तलाश जारी है।"
विनोद यादव, थाना प्रभारी, गोपालपुर