शिवपुरी। शिवपुरी जिले के 15 मजदूरों को कर्नाटक की एक किशमिश फैक्ट्री में नौकरी का झांसा देकर फंसाने का मामला सामने आया है। परिजनों ने ठेकेदार राजेश जाटव और विक्रम जाटव पर आरोप लगाया है कि उन्होंने मजदूरों को अच्छी नौकरी और सुविधाओं का लालच देकर बाहर भेजा और वहां बंधक बनाकर काम कराया जा रहा है। इन मजदूरों में पोहरी क्षेत्र के ग्राम भदरौनी के चार लोग भी शामिल हैं। परिजनों ने मजदूरों को छुड़ाने की अपील करते हुए एसपी ऑफिस में ज्ञापन दिया।
25 हजार वेतन और मुफ्त सुविधा का दिया था लालच
परिजनों के अनुसार, ठेकेदारों ने मजदूरों से कहा था कि उन्हें हर महीने 25 हजार रुपये वेतन, मुफ्त खाना और रहने की सुविधा मिलेगी। इसी भरोसे पर मजदूर कर्नाटक की फैक्ट्री में काम करने चले गए। शुरुआत में कुछ दिनों तक मजदूरों की अपने घरवालों से बात होती रही, लेकिन बाद में उनके मोबाइल फोन बंद हो गए। हाल ही में दो मजदूर किसी तरह वहां से भागकर शिवपुरी पहुंचे, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ।
बंधक बनाकर काम कराने का आरोप लगाया
भागकर आए मजदूरों ने बताया कि फैक्ट्री में उनके मोबाइल फोन छीन लिए गए थे। उन्हें ठीक से खाना नहीं दिया जा रहा था और न ही तय मजदूरी मिल रही थी। उन्हें किसी से बात करने की इजाजत नहीं थी और बंधक बनाकर रखा गया था। मजदूरों के परिजनों ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर ठेकेदारों और संबंधित कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही सभी फंसे हुए मजदूरों को सुरक्षित वापस लाने की गुहार लगाई है।
25 हजार वेतन और मुफ्त सुविधा का दिया था लालच
परिजनों के अनुसार, ठेकेदारों ने मजदूरों से कहा था कि उन्हें हर महीने 25 हजार रुपये वेतन, मुफ्त खाना और रहने की सुविधा मिलेगी। इसी भरोसे पर मजदूर कर्नाटक की फैक्ट्री में काम करने चले गए। शुरुआत में कुछ दिनों तक मजदूरों की अपने घरवालों से बात होती रही, लेकिन बाद में उनके मोबाइल फोन बंद हो गए। हाल ही में दो मजदूर किसी तरह वहां से भागकर शिवपुरी पहुंचे, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ।
बंधक बनाकर काम कराने का आरोप लगाया
भागकर आए मजदूरों ने बताया कि फैक्ट्री में उनके मोबाइल फोन छीन लिए गए थे। उन्हें ठीक से खाना नहीं दिया जा रहा था और न ही तय मजदूरी मिल रही थी। उन्हें किसी से बात करने की इजाजत नहीं थी और बंधक बनाकर रखा गया था। मजदूरों के परिजनों ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर ठेकेदारों और संबंधित कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही सभी फंसे हुए मजदूरों को सुरक्षित वापस लाने की गुहार लगाई है।