शिवपुरी। शिवपुरी शहर के पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर आज एक पत्नी अपने मृतक पति को न्याय दिलाने की गुहार लेकर पहुंची,जहां महिला का कहना हैं कि मेरे पति को जन्मदिन की पार्टी के बाहन उनकी हत्या कर दी गई हैं,इस पर पुलिस ने अभी तक कोई भी कार्यवाही नहीं की हैं, जबकि आरोपी सरेआम बाहर घूम रहे हैं।
जानकारी के अनुसार निवासी ग्राम नाद पिछोर की रहने वाली कल्पना लोधी ने बताया कि बीती 16 जनवरी 2026 को गांव का ही दीपक लोधी, मेरे पति रामनरेश को जन्मदिन की पार्टी के बहाने अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर ग्राम पारेश्वर ले गया था। रात 11 बजे के बाद से मेरे पति का फोन बंद हो गया। अगले दिन सुबह दीपक ने परिजनों को गुमराह किया और बाद में मेरे पति की लाश एक कुएं में बरामद हुई।
वहीं कल्पना लोधी का कहना हैं कि मेरे पति जब घर से गये थे तब उनके पर्स में 10 हजार रुपये थे,लेकिन जब उसका शव मिला तक उसकी जेब से पर्स गायब था और मोबाइल और दुकान की चाबियां जेब में ही मिली। कल्पना का आरोप है कि इस घटना में दीपक के साथ शिवकुमार और पुष्पेंद्र भी शामिल थे। वहीं जाहर सिंह नामक व्यक्ति ने हत्या की बात स्वीकार करते हुए गवाही दी थी, जिसका वीडियो उनके पास मौजूद है, लेकिन अब वह गवाह दबाव में बदल गया है। वहीं घटना के पीछे सोशल मीडिया पर की गई किसी आपत्तिजनक पोस्ट को भी रंजिश की वजह बताया जा रहा है।
वहीं कल्पना ने उठाये पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
मृतक की पत्नी का आरोप है कि आरोपी दीपक खुद फरियादी बनकर पुलिस को गुमराह कर रहा है और परिजनों से तथ्य छुपा रहा है। पुलिस द्वारा निष्पक्ष जांच न किए जाने से आहत होकर पीड़ित परिवार अब जिला मुख्यालय पहुंचा है। उन्होंने एसपी से मांग की है कि मामले की दोबारा निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
जानकारी के अनुसार निवासी ग्राम नाद पिछोर की रहने वाली कल्पना लोधी ने बताया कि बीती 16 जनवरी 2026 को गांव का ही दीपक लोधी, मेरे पति रामनरेश को जन्मदिन की पार्टी के बहाने अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर ग्राम पारेश्वर ले गया था। रात 11 बजे के बाद से मेरे पति का फोन बंद हो गया। अगले दिन सुबह दीपक ने परिजनों को गुमराह किया और बाद में मेरे पति की लाश एक कुएं में बरामद हुई।
वहीं कल्पना लोधी का कहना हैं कि मेरे पति जब घर से गये थे तब उनके पर्स में 10 हजार रुपये थे,लेकिन जब उसका शव मिला तक उसकी जेब से पर्स गायब था और मोबाइल और दुकान की चाबियां जेब में ही मिली। कल्पना का आरोप है कि इस घटना में दीपक के साथ शिवकुमार और पुष्पेंद्र भी शामिल थे। वहीं जाहर सिंह नामक व्यक्ति ने हत्या की बात स्वीकार करते हुए गवाही दी थी, जिसका वीडियो उनके पास मौजूद है, लेकिन अब वह गवाह दबाव में बदल गया है। वहीं घटना के पीछे सोशल मीडिया पर की गई किसी आपत्तिजनक पोस्ट को भी रंजिश की वजह बताया जा रहा है।
वहीं कल्पना ने उठाये पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
मृतक की पत्नी का आरोप है कि आरोपी दीपक खुद फरियादी बनकर पुलिस को गुमराह कर रहा है और परिजनों से तथ्य छुपा रहा है। पुलिस द्वारा निष्पक्ष जांच न किए जाने से आहत होकर पीड़ित परिवार अब जिला मुख्यालय पहुंचा है। उन्होंने एसपी से मांग की है कि मामले की दोबारा निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।