शिवपुरी:सड़क या गड्डो का समंदर,1 घंटे के सफर में 5 घंटे,सिस्टम की पंचर हालत

Adhiraj Awasthi

शिवपुरी। शिवपुरी जिले का रन्नौद-पिछोर मार्ग अब सड़क नहीं, बल्कि हादसों का ब्लैक स्पॉट बन चुका है। पिछले एक साल से बदहाली का दंश झेल रहे इस 70 किलोमीटर लंबे मार्ग पर सफर करना किसी जंग जीतने से कम नहीं है। हर कदम पर बिछे मौत के जाल रूपी गड्ढों ने अब तक 7 जिंदगियां निगल ली हैं, फिर भी जिम्मेदार विभाग गहरी नींद में सोया है। धूल के गुबार, कमर तोड़ झटके और जगह-जगह भरा गंदा पानी न केवल राहगीरों की सेहत बिगाड़ रहा है, बल्कि उनके सब्र का बांध भी तोड़ रहा है। 1 घंटे का सफर 5 घंटे में तब्दील हो चुका है।

विकास के दावों के बीच, मौत का सफर
पचावली-रन्नौद-पिछोर मार्ग लगभग 70 किलोमीटर लंबा है, लेकिन हर किलोमीटर पर सैकड़ों गड्ढे मौजूद हैं। तेज रफ्तार वाहन यदि इन गड्ढों में फंस जाए तो उसका संतुलन बिगड़ना तय है। बीते तीन महीनों में इस मार्ग पर आधा दर्जन से अधिक गंभीर दुर्घटनाएं हो चुकी है। इसके बावजूद सड़क मरम्मत को लेकर प्रशासन और जिम्मेदार विभागों की चुप्पी लोगों में आक्रोश पैदा कर रही हैं।

सड़क की जर्जर हालत का असर यातायात व्यवस्था पर भी साफ दिखाई दे रहा है। जहां पहले यह सफर एक से डेढ़ घंटे में पूरा हो जाता था, वहीं अब बसों और अन्य वाहनों को 4 से 5 घंटे तक का समय लग रहा है। गड्ढों के कारण रोजाना वाहनों के टूट-फूट के मामले सामने आ रहे हैं, जिससे यात्रियों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान सड़क की हालत और अधिक खराब हो गई थी, लेकिन अब तक गड्ढों को भरने का कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया। उड़ती धूल और झटकों के कारण यात्रियों में कमर, पीठ, सर्वाइकल और सांस से जुड़ी बीमारियां बढ़ रही है।

डॉक्टर अक्षय शर्मा के अनुसार, लगातार खराब सड़क पर सफर करने से गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। सड़क निर्माण को लेकर भाजपा जिला महामंत्री योगेंद्र रघुवंशी ने कहा कि वे इस विषय में कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी से चर्चा कर जल्द से जल्द सड़क पर पंचवर्क कराने का प्रयास करेंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन कब जागता है,

हादसों में 7 की गई जान
रन्नौद-पिछोर मार्ग पर बीते एक साल में हुए आधा दर्जन से अधिक सड़क हादसों में 7 लोगों की जान जा चुकी है। मार्ग पर ग्राम माड़ा पेट्रोल पंप के पास हुए एक सड़क हादसे में तो एक साथ 4 लोगों की मौत भी हो चुकी है। बावजूद इसके सड़क की मरम्मत को लेकर प्रशासन एवं पीडब्ल्यूडी ने कोई प्लान तैयार कर कार्य शुरू नहीं कराया है। इस वजह से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

सड़क पर भरा गंदा पानी, रात को खतरा
मार्ग पर जगह जगह गंदा पानी भरने से रात के समय हादसों का खतरा बढ़ गया है। गहरे गड्ढे में पानी भरा होने की वजह से वाहन चालकों को गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। ऐसे में हादसों की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। सड़क मरम्मत का कार्य नहीं होने से लगभग 2 हजार के करीब लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यदि सड़क की मरम्मत हो जाए तो ग्रामीणों को कुछ हद तक राहत मिल सकती है।

सड़क में बने गहरे गड्ढे न
केवल यातायात के लिए जोखिम भरे हैं, बल्कि आमजन के लिए बेहद कष्टदायक भी हैं। आए दिन यहां दुर्घटनाएं हो रहीं हैं, कई बार बाइक सवार फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं कर रहा।
रवि परिहार, रन्नौद निवासी

कहीं यह सड़क किसी बड़ी दुर्घटना की वजह न बन जाए
आठ महीनों से कोई मरम्मत नहीं हुई। हमने एक दो बार तहसीलदार सहित नगर भ्रमण पर आए अधिकारियों से सड़क मरम्मत को लेकर शिकायत की। कोई सुनवाई ही नहीं हुई।
धनपाल यादव, रन्नौद पिछोर मार्ग

यह बोले जिम्मेदार
जर्जर सड़क के बारे में मुझे जानकारी है। मैं भी मौके पर गया था. हम उसकी दो से तीन बार मरम्मत करा चुके हैं। नई रोड बनाने का प्रस्ताव भी हम भेज चुके हैं। जैसे ही स्वीकृति मिलेगी, हम उस पर नई सड़क का निर्माण करा देंगे। सड़क पर कहीं बहुत ज्यादा खराब हालत हो तो फोटो भेज दें, मैं उसे कल ही सही करा देता हूं।
गौरव गुप्ता, एसडीओ पीडब्ल्यूडी