Shivpuri की अनवेशा की मेहंदी की पेंटिंग ने वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में बनाई अपनी जगह,पढिए खबर

शिवपुरी। शिवपुरी जिले के कोलारस कस्बे की एक होनहार बेटी ने अपनी कला के दम पर विश्व स्तर पर पहचान बनाई है। सीएम राइज स्कूल की 11वीं की छात्रा अनवेशा पाराशर ने अपनी अनोखी मेंहदी कला के जरिए 'इन्फ्लुएंसर बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' (Influencer Book of World Records) में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज कराया है।

अनोखी कलाकृति और रिकॉर्ड का पैमाना
25 जनवरी को गुलाबी नगरी जयपुर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान अनवेशा ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। उन्होंने मेहंदी की सहायता से 9 फीट ऊंची और 5 फीट चौड़ी एक विशालकाय कलाकृति बनाई। इस कलाकृति की भव्यता और उसमें बारीकी से उकेरी गई आकृतियों ने विशेषज्ञों को हैरान कर दिया, जिसके बाद उन्हें वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रमाण पत्र से नवाजा गया।

देशभक्ति और महापुरुषों का संगम
अनवेशा ने अपनी इस रिकॉर्ड तोड़ कलाकृति में अपनी गहरी राष्ट्रभक्ति को दर्शाया है। उन्होंने मेंहदी के माध्यम से भारत माता, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार और माधव सदाशिवराव गोलवलकर (श्री गुरुजी) के जीवंत चित्र उकेरे हैं। एक ही फ्रेम में इतने बड़े स्तर पर इन महापुरुषों के पोर्ट्रेट को मेंहदी से बनाना कला का उत्कृष्ट उदाहरण है।

पिता का साया उठा, तो कला को बनाया ढाल
अनवेशा का यह सफर आसान नहीं रहा। उनके पिता स्व. रिंकू पाराशर के निधन के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था, लेकिन अनवेशा ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपने दुख को अपनी रचनात्मकता में बदला और अपनी स्केचिंग कला को निखारा। आज वे एक सफल स्केच आर्टिस्ट भी हैं और उनके बनाए स्केच की मांग देश भर में है।

20 दिनों की कड़ी तपस्या
इस विश्व रिकॉर्ड के पीछे अनवेशा की कड़ी मेहनत छिपी है। उन्होंने बताया कि इस पूरी कलाकृति को तैयार करने में उन्हें 20 दिन का समय लगा। योजना के पहले 15 दिन पेंसिल स्केचिंग, ग्राफ तैयार करने और स्ट्रक्चर बनाने में खर्च हुए, ताकि अनुपात सही रहे। इसके बाद अंतिम 5 दिनों में लगातार मेहंदी से बारीकियां भरी गईं। इस पूरी प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग और निगरानी वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम द्वारा की गई थी।