शिवपुरी। कहते है कि हौसलों से उड़ान होती है पंखो से नही,इस कहावत को सत्य किया है शिवपुरी जिले के कोलारस अनुविभाग के अंतर्गत आने वाले अलावदी गांव की किसान की बेटी ने सलोनी यादव ने,सलोनी ने 26 जनवरी को देश की राजधानी राजपथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस के भव्य आयोजन मे महिला एनसीसी प्लाटून विंग का नेतृत्व कर अपनी मातृभूमि का नाम पूरे देश में रोशन किया है।
किसान पिता की होनहार लाड़ली सलोनी यादव एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता चंद्रपाल यादव अपनी बेटी की इस अभूतपूर्व उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं। सलोनी वर्तमान में राजस्थान के पिलानी स्थित प्रतिष्ठित संस्थान बिरला बालिका विद्यापीठ में कक्षा 11वीं की छात्रा हैं। शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन और सेना के प्रति उनके जुनून ने ही उन्हें एनसीसी के इस मुकाम तक पहुँचाया है।
कठिन परिश्रम और चयन की प्रक्रिया राजपथ पर परेड का हिस्सा बनना किसी भी एनसीसी कैडेट के लिए सबसे बड़ा सपना होता है। इसके लिए देश भर से हजारों कैडेट्स के बीच कड़ा मुकाबला होता है। सलोनी ने कई स्तरों के चयन प्रशिक्षण और कठिन रिहर्सल को पार करते हुए महिला एनसीसी प्लाटून के नेतृत्वकर्ता के रूप में अपनी जगह बनाई। परेड के दौरान सलोनी के आत्मविश्वास और सधे हुए कदमों ने वहां मौजूद दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
पूरे जिले में जश्न का माहौल सलोनी की इस उपलब्धि की खबर जैसे ही उनके गृह जिले शिवपुरी और गांव अलावदी पहुंची, वहां खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों का कहना है कि सलोनी ने यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण अंचल की बेटियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें सही मार्गदर्शन और अवसर की तलाश होती है। सलोनी की यह सफलता आने वाली पीढ़ियों और क्षेत्र की अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
किसान पिता की होनहार लाड़ली सलोनी यादव एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता चंद्रपाल यादव अपनी बेटी की इस अभूतपूर्व उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं। सलोनी वर्तमान में राजस्थान के पिलानी स्थित प्रतिष्ठित संस्थान बिरला बालिका विद्यापीठ में कक्षा 11वीं की छात्रा हैं। शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन और सेना के प्रति उनके जुनून ने ही उन्हें एनसीसी के इस मुकाम तक पहुँचाया है।
कठिन परिश्रम और चयन की प्रक्रिया राजपथ पर परेड का हिस्सा बनना किसी भी एनसीसी कैडेट के लिए सबसे बड़ा सपना होता है। इसके लिए देश भर से हजारों कैडेट्स के बीच कड़ा मुकाबला होता है। सलोनी ने कई स्तरों के चयन प्रशिक्षण और कठिन रिहर्सल को पार करते हुए महिला एनसीसी प्लाटून के नेतृत्वकर्ता के रूप में अपनी जगह बनाई। परेड के दौरान सलोनी के आत्मविश्वास और सधे हुए कदमों ने वहां मौजूद दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
पूरे जिले में जश्न का माहौल सलोनी की इस उपलब्धि की खबर जैसे ही उनके गृह जिले शिवपुरी और गांव अलावदी पहुंची, वहां खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों का कहना है कि सलोनी ने यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण अंचल की बेटियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें सही मार्गदर्शन और अवसर की तलाश होती है। सलोनी की यह सफलता आने वाली पीढ़ियों और क्षेत्र की अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
