Shivpuri जिले मे धर्मकांटे के धर्म को मापने के लिए मात्र एक अधिकारी, वजन का शॉर्टकट

Adhiraj Awasthi

शिवपुरी। भारतीय बाजार में तोल कांटे को धर्म कांटे की संज्ञा दी गई है,इस धर्म कांटे के धर्म को मापने लिए मप्र सरकार का पूरा का पूरा एक विभाग विधिक माप विज्ञान विभाग है,इस विभाग की आफिस शिवपुरी जिले में भी है और इसके लिए अधिकारी कर्मचारी भी तैनात है।

शिवपुरी जिले की लगभग 15 से 17 लाख की आबादी प्रतिदिन बाजार से कुछ कुछ खरीदती है,ग्राहको को सही नाप या तौल मिले यह जिम्मेदारी विधिक माप विज्ञान विभाग की है लेकिन इस विभाग के पास कर्मचारी नाम मात्र के इस कारण शिवपुरी का जनमानस वजन के शॉर्टकट का शिकार हो रहा है।

पहले समझे वजन के शॉर्टकट को
सपाक्स जिला संयोजक महेंद्र कुमार दुबे ने साक्ष्यों के साथ बताया कि 23 और 28 जनवरी को शहर के विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण के दौरान चौंकाने वाली हकीकत सामने आई। कई फल विक्रेताओं के पास जो बांट मिले, वे न केवल अत्यधिक पुराने और घिसे हुए थे, बल्कि उनमें जानबूझकर छेद (ड्रिल) किए गए थे। विशेष रूप से एक जामफल विक्रेता के 1 किलोग्राम के बांट में बड़ा छेद कर उसे अंदर से खोखला कर दिया गया है, ताकि वजन कम रहे और मुनाफा बढ़ाया जा सके। यह सीधे तौर पर धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है।

विभाग की लाचारी
इस मामले में सबसे चिंताजनक पहलू विधि माप विज्ञान विभाग का ढुलमुल रवैया है। दुबे ने जब इस संबंध में विभाग के स्थानीय अधिकारी से संपर्क किया, तो उन्होंने स्टाफ की कमी और जिले के अन्य क्षेत्रों में व्यस्तता का रोना रोकर पल्ला झाड़ लिया। अधिकारी का यह तर्क कि एकमात्र स्टाफ होने के कारण कार्रवाई संभव नहीं, प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवालिया निशान खड़े करता है।

इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटों में पकडी गई है गडबडी
शिवपुरी जिले में वजन घोटाले के कई तस्वीरें अभी तक सामने आ चुकी है। अब युग बदल चुका है और देशी कांटो के स्थान पर इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटो ने अपनी जगह बना ली है,लेकिन शिवपुरी जिले में इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटो में वजन की गड़बड़ी पकड़ी जा चुकी है,इसलिए अब इन कांटो की सत्यता पर विश्वास करना भी मुश्किल है,मप्र माप विज्ञान विभाग ने अभी तक कोई बड़ा अभियान नहीं चलाया और इनकी सत्यता की पैमाने का जांचा परखा नही है। इसलिए शिवपुरी का जनमानस प्रतिदिन वजन घोटाले का शिकार हो रहा है।

सपाक्स के अध्यक्ष ने मांग की हैं कि
शिवपुरी की स्थिति को देखते हुए महेंद्र कुमार दुबे ने अब कंट्रोलर (भोपाल) को ई-मेल के जरिए इस धांधली की सूचना दी है। उन्होंने मांग की है कि शहर में तत्काल एक विशेष जांच मुहिम चलाई जाए,सभी ठेला विक्रेताओं के कांटों और बांधों का भौतिक सत्यापन हो। बिना सील वाले और अवैध रूप से संशोधित बांटों को जब्त कर संबंधित विक्रेताओं पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।