Shivpuri News - कलेक्टर चौधरी के निर्देश टांग दिए खूंटी पर, प्रसूता की हुई होम डिलेवरी

Adhiraj Awasthi

पिछोर। शिवपुरी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं वेंटिलेटर पर है। ग्रामीण अस्पताल में ना ही स्टाफ है और सुविधाएं भी गायब है। बीते रोज मनपुरा के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर एक आदिवासी महिला का प्रसव नहीं हो सका,जैसे ही महिला का परिवार अस्पताल पहुंचा तो वहां पर स्टाफ मौजूद नहीं था। इस कारण परिजनों को घर पर ही सुरक्षित प्रसव करना पडा।

शिवपुरी कलेक्टर रविंद्र चौधरी बार बार मीटिंग कर अधिकारी और कर्मचारियों को निर्देश दे रहे है कि होम डिलीवरी नहीं होनी चाहिए,मैदानी अमला सतर्क रहें,होम डिलेवरी होने पर जिम्मेदारी पर कार्यवाही होनी चाहिए,लेकिन यहां प्रसूता को अस्पताल से वापस ले जाना पडा। कलेक्टर की गाइडलाइन का यहां स्वास्थ्य कर्मियों ने तोड दिया गंभीरता से नहीं लिया। अब देखते है इस मामले में कलेक्टर शिवपुरी क्या एक्शन लेते है।

प्रसूता की होम डिलेवरी होने के कारण मनपुरा में विधायक प्रतिनिधि ने प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। इन प्रर्दशन करने वालो में विधायक प्रतिनिधि रमेश लोधी, जयप्रकाश मिश्रा, पूर्व सरपंच अतुल पहारिया, सुशील सोनी, रामबिहारी शर्मा, दिनेश सगर, रमेश केवट, सुनील लोधी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। ग्रामीणों ने मांग की कि अस्पताल में डॉक्टर और स्टाफ की संख्या बढ़ाई जाए। भवन की मरम्मत हो। साफ-सफाई की व्यवस्था सुधारी जाए। नियमित स्वास्थ्य सेवाएं दी जाएं।

ग्रामीणों ने कहा कि अस्पताल की हालत बेहद खराब है। साफ-सफाई नहीं होती। भवन की रंगाई-पुताई वर्षों से नहीं हुई। बिजली की वायरिंग और बोर्ड जले हुए हैं। छत से चूना टपकता है। इन हालातों में कोई मरीज भर्ती नहीं होता। जरूरत पड़े तो इलाज नहीं मिल पाता।

डॉक्टर बोले-स्टाफ की कमी के चलते मरीजों को नहीं दे पा रहे सुविधा
इस संबंध में मेडिकल ऑफिसर डॉ. अरविंद कुमार अग्रवाल ने कहा-स्टाफ की कमी के कारण रात में सुविधा नहीं दे पा रहे। हमने स्टाफ की मांग की है। अभी एक डॉक्टर, एक लैब टेक्नीशियन, एक नर्स, दो वार्ड बॉय और एक एएनएम है। व्यवस्थाएं सुधारने में समय लगेगा। रंगाई-पुताई, सफाई, लाइट रिपेयर जैसे जल्द कराए जाएंगे।