Shivpuri News : डिजिटल डकैती, सोते रहे मामा, जागते रहे ठग-भांजी की शादी के 4.65 लाख उड़ाए

Adhiraj Awasthi

पिछोर। शिवपुरी जिले की पिछोर नगर के एक व्यापारी के साथ साइबर ठगों ने ऐसी शातिर चाल चली कि बिना मोबाइल छुए ही उनके खाते से 4.65 लाख रुपये साफ कर दिए। ठगों ने व्यापारी का मोबाइल नंबर कॉल फॉरवर्ड पर डाल दिया, जिससे बैंक के तमाम ओटीपी (OTP) ठगों के पास पहुंचने लगे। जब तक व्यापारी को समझ आता कि उनके फोन पर कॉल आना क्यों बंद हो गए हैं, काली रात में 6 घंटों के भीतर 10 ट्रांजेक्शन कर ठगों ने बैंक खाते को पूरी तरह खाली कर दिया। दुखद पहलू यह है कि यह पैसा व्यापारी ने अपनी भांजी की शादी में भात ले जाने और बेटे की कॉलेज फीस भरने के लिए जोड़कर रखा था।

जानकारी के मुताबिक न्यू कोर्ट के पास पिछोर निवासी कपड़ा व्यापारी बृजेश गुप्ता उम्र 49 साल पुत्र रामचरण पंसारी के साथ 25-26 जनवरी की दरम्यानी रात सायबर फ्रॉड हो गया है। बृजेश गुप्ता का कहना है कि मेरा मोबाइल नंबर किसी ने फॉरवर्ड कर लिया और ओटीपी के जरिए मेरे बैंक खाते से 4 लाख 65 हजार 750 रु. पार कर दिए। 25 जनवरी की रात 12 बजे से लेकर 26 जनवरी की सुबह 6 बजे के बीच 10 ट्रांजेक्शन हुए हैं।

एसबीआई शाखा पिछोर से बैंक स्टेटमेंट निकलवाने के बाद व्यापारी गुरुवार को पिछोर थाने पहुंचा। पिछोर थाना पुलिस ने अज्ञात सायबर ठग के खिलाफ बीएनएस की धारा 318 (4) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है। वहीं व्यापारी का कहना है कि योनो एप बंद हो गया था। एक माह पहले उसे चालू कराने की प्रक्रिया कराई थी। यूपीआई आईडी मांगने पर देने से मना कर दिया था। हो सकता है कि एक-दो दिन पहले किसी लिंक या एपीके फाइल पर क्लिक हो गया हो।

भात ले जाने की तैयारी थी
बृजेश गुप्ता का कहना है कि 4 फरवरी को भानजी की शादी है। इकलौता मामा होने के नाते भात ले जाना था। स्कूल ड्रेस भी खरीदने के लिए खाते में पैसे जमा थे। दिल्ली कॉलेज में पड़ रहे बेटे की हर छह माह बाद यानी मार्च में 50 हजार रु. फीस भी भरनी है।

दो नंबरों पर बिल पेमेंट, एक खाते में किराया भुगतान
पहले मोबाइल नंबर 98716801506 पर कुल 6 ट्रांजेक्शन से कुल 320416 रु. का बिल भुगतान कर फ्रॉड किया है। इसी तरह दूसरे मोबाइल नंबर 98730801507 पर कुल 3 ट्रांजेक्शन के जरिए 111869 रु. का बिल भुगतान किया गया है। जबकि आखिरी ट्रांजेक्शन खाता नंबर 37168644686 पर कुल 33500 रु. का किया है। यह बैंक खाता राजस्थान के जिला चूरू के शोबासा के ओमप्रकाश नेहरा के नाम से दर्ज है। आखिरी ट्रांजेक्शन रेंट यानी किराया के रूप में दर्ज है।

छुट्टी और दूसरे दिन हड़ताल के चलते बैंक स्टेटमेंट नहीं निकला
25 जनवरी की रात सायबर फ्रॉड हो गया और 26 जनवरी को बैंक की छुट्टी पड़ गई। 27 जनवरी को बैंक की हड़ताल हो गई। 28 जनवरी को एसपी ऑफिस में शिकायत की और 29 जनवरी को बैंक जाकर खाते का स्टेटमेंट लेकर एफआईआर कराई।

बात नहीं होने पर कॉल फॉरवर्ड का पता चला
व्यापारी बृजेश गुप्ता का कहना है कि रात में अचानक कॉल आना बंद हो गईं। दूसरे नंबर पर लोगों ने कॉल लगाया, तब कॉल फॉरवर्ड होने का पता चला। कंप्लेंट करके कॉल फॉरवर्ड को वापस ठीक कराया। लेकिन इस बीच मैसेज आते रहे और खाते से रकम कटती गई।

ट्रांजेक्शन के जरिए फ्रॉड की राशि का पता लगाएंगे
सायबर फ्रॉड की राशि किन बैंक खातों में पहुंची है। स्टेटमेंट और यूपीआई ट्रांजैक्शन के जरिए फ्रॉड की राशि का पता लगाएंगे। धर्मेंद्र सिंह जाट, एसआई एवं प्रभारी, सायबर सेल