SHIVPURI जिले में 1150 मिलियन की अमृत वर्षा, पढिए कृषि विभाग और आंकड़ों का ​गणित

Bhopal Samachar

काजल सिकरवार @ शिवपुरी। शिवपुरी जिले में पिछले शुक्रवार से लदे पकिस्तान बादलों ने आज मंगलवार को मंगल ही मंगल कर दिया है। आज सुबह से पानी बरसा जो दिन भर रूक रूक कर बरसता रहा। यह बारिश पूरे शिवपुरी जिले में बताई जा रही है। कृषि विभाग से जारी बोवनी के आंकड़े और सिंचाई में खर्च के आंकड़े को निकाले तो आज आसमान ने लगभग 1150 मिलियन अर्थात 1 अरब 15 करोड़ रुपए की कीमत की अमृत वर्षा की है।

शिवपुरी जिले में कृषि विभाग के रवि सीजन आंकड़ों के अनुसार शिवपुरी जिले में गेहूं की बोवनी 231740 हेक्टेयर,चना की बोबनी 18870 हेक्टेयर,
मसूर की बोबनी 20810 हेक्टेयर, सरसों की फसल की बोवनी 75611 हेक्टेयर और 850 हेक्टेयर की बोवनी जो की फसल की है। इस प्रकार इस वर्ष रवि की सीजन की कुल बोवनी का क्षेत्रफल: 3,47,881 हेक्टेयर हैं।

गेहूं की फसल में आमतौर पर 3 बार पानी दिया जाता है। जनवरी माह के अंतिम समय में दूसरा या तीसरा पानी किसान अपनी फसलो को दे रहे है। मंगलवार को आसमान मे लदे बदलो ने पानी बरसाया तो किसानों को एक पानी से राहत मिल गई है। सीधे शब्दों में लिखे तो यह पानी किसानों को फ्रि मे मिल गया है।

यह है फसलों में पानी देने का गणित
किसानों का कहना है कि प्रति हेक्टेयर 5 हजार रु. की बचत हुई है। कृषि विभाग के अनुसार जिले में 3.47 लाख हेक्टेयर में रबी फसलों की बोवनी हुई है। जिसमें 231 लाख हेक्टेयर में गेहूं की बोवनी हुई है। वर्तमान में रवि सीजन की फसलों में सबसे अधिक गेहूं की फसलो मे ही पानी की आवश्यकता थी। अगर पानी देने के गणित मे एक सिंचाई पर प्रति हेक्टेयर, 1500 रु. मजदूरी है। जबकि अन्य मेहनत, लाइट आदि जोड़कर 5 हजार रु. खर्चा आता है,इस हिसाब से देखा जाए तो 1 अरब 15 करोड़ रुपए का खर्चा किसानों को गेहूं की फसल में देने को आता,अब इस रकम को खर्च करने की आवश्यकता किसानो को नही होगी।

यह बारिश फसलों को पाले से भी प्रोटेक्ट करेगी
यह बारिश मावठ के रूप में सभी फसलें जैसे गेहूं, सरसों, मसूर, मटर, चना, आलू के साथ-साथ यह टमाटर के लिए भी लाभकारी है। इस बारिश से किसानों का प्रति हेक्टेयर 5 से 6 हजार सिंचाई खर्चा बचा है। गेहूं में इस पानी से नाइट्रोजन की पूर्ति भी हो गई है, जिससे यूरिया छिड़काव की जरूरत नहीं।