शिवपुरी में UGC के नए नियमों खिलाफ सवर्ण समाज का विरोध शुरू,पढ़िए खबर

Bhopal Samachar

शिवपुरी। अखिल भारतीय सवर्ण समाज संगठन, जिला शिवपुरी ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा हाल ही में जारी किए गए नए नियमों UGC (Promotion of Equity in Higher Education Institutions) Regulations, 2026 के विरुद्ध कड़ा विरोध दर्ज कराया है। संगठन ने इस अधिसूचना को संवैधानिक समानता के अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए इसे तत्काल वापस (Rollback) लेने की मांग की है।

क्या है पूरा मामला
संगठन के अनुसार, UGC ने 13 जनवरी 2026 को ये नियम जारी किए थे, जिन्हें 15 जनवरी 2026 को भारत के राजपत्र में अधिसूचित कर लागू कर दिया गया है। इन नियमों का उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति-आधारित भेदभाव को रोकना और SC, ST, OBC एवं दिव्यांग छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए इक्विटी कमेटियों का गठन करना है।

सवर्ण समाज की आपत्तियां
अखिल भारतीय सवर्ण समाज संगठन ने इस अधिसूचना पर गंभीर विधिक और संवैधानिक सवाल उठाए हैं:
समानता के अधिकार का हनन: संगठन का तर्क है कि यह अधिसूचना भारत के संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 के अनुरूप नहीं है, क्योंकि यह केवल विशिष्ट वर्गों के अधिकारों पर केंद्रित है और सामान्य वर्ग (General Category) के छात्रों के हितों को पूरी तरह नजरअंदाज करती है。

दंडात्मक प्रावधानों का विरोध: ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि प्रारंभिक ड्राफ्ट में OBC वर्ग शामिल नहीं था, लेकिन बाद में इसे जोड़ दिया गया। संगठन को आशंका है कि कमेटियों को दिए गए दंडात्मक अधिकारों का दुरुपयोग सवर्ण समाज के खिलाफ झूठी शिकायतों के लिए किया जा सकता है।

सामाजिक असंतोष का डर
संगठन का मानना है कि इस तरह के एकतरफा नियमों से शिक्षण संस्थानों के परिसरों में भय, असंतोष और असमानता का वातावरण उत्पन्न हो रहा है, जिससे सामान्य वर्ग के करोड़ों युवाओं में नाराजगी है।

आंदोलन की चेतावनी
संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार इस अधिसूचना को वापस नहीं लेती है, तो सवर्ण समाज लोकतांत्रिक, संवैधानिक और विधिक तरीकों से इसका कड़ा विरोध करेगा। ज्ञापन के अंत में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से आग्रह किया गया है कि वे इस गंभीर विषय पर संज्ञान लें और न्यायोचित निर्णय प्रदान करें।