शिवपुरी। शिवपुरी के मेडिकल कॉलेज के पीछे पीएम आवास योजना की कॉलोनी में शनिवार को पानी की सप्लाई बंद होने पर जमकर हंगामा हुआ। बकाया भुगतान न होने से नाराज प्रोजेक्ट के ठेकेदार ने अपने कर्मचारियों को भेजकर बोरवेल की मोटर निकलवा दी। इससे गुस्साए रहवासी सड़कों पर उतर आए। सूचना मिलते ही नगर पालिका सीएमओ ईशांत धाकड़ और अध्यक्ष गायत्री शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने मोटर ले जा रहे वाहन को जब्त कर मोटर दोबारा लगवाई और सप्लाई शुरू करवाई।
ठेकेदार के कर्मचारी जब मोटर निकाल रहे थे, तभी नपा अमला पहुंच गया। दोनों पक्षों में मौके पर तीखी कहासुनी हुई। नपा अधिकारियों ने सख्ती दिखाते हुए कर्मचारियों को मोटर ले जाने से रोका और उसे वापस बोरवेल में डलवाया, तब जाकर मामला शांत हुआ।
डेढ़ करोड़ पुराना और 6 करोड़ नया बिल बाकी
प्रोजेक्ट में ठेकेदार की ओर से काम कर रहे विजय राय ने बताया कि नगर पालिका पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये का पुराना बकाया है, जबकि 5 करोड़ 85 लाख रुपये का नया बिल भी लंबित है। भुगतान न होने से कर्मचारियों और सप्लायरों को पैसा नहीं दिया जा पा रहा है। कंपनी पर लगातार दबाव है, जबकि फिलहाल रहवासियों के लिए पानी-बिजली का खर्च कंपनी ही उठा रही है।
2017 से अधूरा है प्रोजेक्ट, पहले ही दे दी चाबी
यह प्रोजेक्ट वर्ष 2017 में शुरू हुआ था, जिसमें 1030 आवास बनने थे, लेकिन अब तक 660 ही बन पाए हैं। नगर पालिका ने राजस्व के चक्कर में काम पूरा होने से पहले ही लोगों को चाबियां सौंप दीं और सुविधाओं का आश्वासन दे दिया। यहां करीब 500 परिवार रह रहे हैं, जो मूलभूत सुविधाओं के लिए अस्थायी इंतजामों पर निर्भर हैं।
शादियां हैं पानी बंद हुआ तो बेइज्जती होगी
कॉलोनी निवासी ज्योति धाकड़ ने बताया, वर्तमान में करीब 500 परिवार यहां निवास कर रहे हैं। हर आठ दिन में पानी और लाइट को लेकर परेशानी खड़ी हो जाती है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि बोरवेल की मोटर नगर पालिका की है या ठेकेदार की। फरवरी में कई घरों में शादियां हैं, ऐसे में बिजली-पानी बंद होना सामाजिक मान-सम्मान पर भी असर डालेगा। सुरक्षा व्यवस्था भी बदहाल है, चोरी की घटनाएं होती रहती हैं।"
CMO बोले- ठेकेदार पर कराएंगे FIR
नगर पालिका सीएमओ ईशांत धाकड़ ने कहा,सूचना मिली थी कि ठेकेदार ने पानी की सप्लाई बंद कर दी है। मौके पर पहुंचने पर बोरवेल की मोटर निकाली जा रही थी, जिसे रुकवाकर दोबारा लगवाया गया है। ठेकेदार और उनके लोगों के खिलाफ न्यूसेंस फैलाने और शासकीय कार्य में बाधा की धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
ठेकेदार के कर्मचारी जब मोटर निकाल रहे थे, तभी नपा अमला पहुंच गया। दोनों पक्षों में मौके पर तीखी कहासुनी हुई। नपा अधिकारियों ने सख्ती दिखाते हुए कर्मचारियों को मोटर ले जाने से रोका और उसे वापस बोरवेल में डलवाया, तब जाकर मामला शांत हुआ।
डेढ़ करोड़ पुराना और 6 करोड़ नया बिल बाकी
प्रोजेक्ट में ठेकेदार की ओर से काम कर रहे विजय राय ने बताया कि नगर पालिका पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये का पुराना बकाया है, जबकि 5 करोड़ 85 लाख रुपये का नया बिल भी लंबित है। भुगतान न होने से कर्मचारियों और सप्लायरों को पैसा नहीं दिया जा पा रहा है। कंपनी पर लगातार दबाव है, जबकि फिलहाल रहवासियों के लिए पानी-बिजली का खर्च कंपनी ही उठा रही है।
2017 से अधूरा है प्रोजेक्ट, पहले ही दे दी चाबी
यह प्रोजेक्ट वर्ष 2017 में शुरू हुआ था, जिसमें 1030 आवास बनने थे, लेकिन अब तक 660 ही बन पाए हैं। नगर पालिका ने राजस्व के चक्कर में काम पूरा होने से पहले ही लोगों को चाबियां सौंप दीं और सुविधाओं का आश्वासन दे दिया। यहां करीब 500 परिवार रह रहे हैं, जो मूलभूत सुविधाओं के लिए अस्थायी इंतजामों पर निर्भर हैं।
शादियां हैं पानी बंद हुआ तो बेइज्जती होगी
कॉलोनी निवासी ज्योति धाकड़ ने बताया, वर्तमान में करीब 500 परिवार यहां निवास कर रहे हैं। हर आठ दिन में पानी और लाइट को लेकर परेशानी खड़ी हो जाती है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि बोरवेल की मोटर नगर पालिका की है या ठेकेदार की। फरवरी में कई घरों में शादियां हैं, ऐसे में बिजली-पानी बंद होना सामाजिक मान-सम्मान पर भी असर डालेगा। सुरक्षा व्यवस्था भी बदहाल है, चोरी की घटनाएं होती रहती हैं।"
CMO बोले- ठेकेदार पर कराएंगे FIR
नगर पालिका सीएमओ ईशांत धाकड़ ने कहा,सूचना मिली थी कि ठेकेदार ने पानी की सप्लाई बंद कर दी है। मौके पर पहुंचने पर बोरवेल की मोटर निकाली जा रही थी, जिसे रुकवाकर दोबारा लगवाया गया है। ठेकेदार और उनके लोगों के खिलाफ न्यूसेंस फैलाने और शासकीय कार्य में बाधा की धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।