नावली बांध हादसा: तकनीकी खराबी और गलत प्रबंधन ने डुबोई किसानों की मेहनत

पिछोर। पिछोर के नावली बांध की आरवीसी नहर ओवरफ्लो होकर फूट गई। गेट में तकनीकी खराबी थी। जल संसाधन विभाग की ईएंडएम टीम 25 जनवरी की शाम गेट सुधारने पहुंची थी। सुधार के दौरान गेट बंद नहीं हो सका। पानी लगातार 24 घंटे बहता रहा। नहर किनारे खेतों में पानी भर गया। किसानों की फसलें डूब गईं।

तीन महीने से गेट में खराबी थी। इसके बावजूद किसानों को सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जा रहा था। जल संसाधन विभाग ग्वालियर दतिया की ईएंडएम टीम को दो हफ्ते पहले जानकारी दी गई थी। गेट सुधारते समय वह खुला रह गया। सिंचाई की जरूरत न होने से पानी का उपयोग नहीं हो सका। नहर ओवरफ्लो होकर एक जगह से टूट गई। जहां नहर फूटी, वहां नाला है। पानी नाली में बहता रहा।

किसान मानवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि उनकी 7 बीघा जमीन की फसल खराब हो गई। किसान भगवान सिंह और पंचम सिंह ने भी नुकसान बताया। एसडीओ आकाश सिंह ने बताया कि नहर का गेट फंस गया था। 40 फीट नीचे जाकर बंद करना होता है। गेट लगभग बंद हो गया था, लेकिन अतिरिक्त पानी निकालने वाला गेट समय पर नहीं खुल पाया। इसी कारण नहर ओवरफ्लो होकर फूट गई।