शिवपुरी। शिवपुरी नगर पालिका परिषद की मंगलवार को आयोजित साधारण सभा की बैठक हंगामे और गहमागहमी के बीच संपन्न हुई। बैठक में शहर के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, लेकिन भ्रष्टाचार के आरोपों और पार्षदों की नाराजगी ने माहौल को गर्म कर दिया। नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा और सीएमओ ईशांत धाकड़ को कई बार पार्षदों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा।
बैठक के दौरान पार्षद हुईं अचेत
सदन में चर्चा के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई जब वार्ड क्रमांक 39 की पार्षद कृष्णा वीरेंद्र नागर अचानक बेहोश होकर गिर पड़ीं। सदन में मौजूद सदस्यों ने तुरंत उन्हें संभाला और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें तत्काल सीएमओ के वाहन से अस्पताल पहुंचाया गया। उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी हालत में सुधार बताया है। इस घटना के कारण बैठक की कार्यवाही कुछ समय के लिए रोकनी पड़ी।
अतिक्रमण दस्ते पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
बैठक में भ्रष्टाचार का मुद्दा भी जोर-शोर से गूँजा। भाजपा पार्षद प्रदीप शर्मा ने नगर पालिका के अतिक्रमण हटाओ दस्ते पर अवैध वसूली के सनसनीखेज आरोप लगाए। उन्होंने सीधे तौर पर दस्ता प्रभारी अशोक खरे को निशाने पर लेते हुए कहा कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर अवैध रूप से धन उगाही की जा रही है। इन आरोपों पर सफाई देते हुए प्रभारी खरे ने कहा कि विभाग का काम चुनौतीपूर्ण है और लोग अक्सर इस तरह के आरोप लगाते रहते हैं।
ट्रांसपोर्ट नगर की दुकानें लीज पर नहीं, सीधे बेची जाएंगी
ट्रांसपोर्ट नगर को लेकर अध्यक्ष गायत्री शर्मा ने एक बड़ा नीतिगत स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने साफ किया कि निर्माणाधीन ट्रांसपोर्ट नगर की दुकानों को लीज पर देने के बजाय सीधे बेचा जाएगा। उन्होंने तर्क दिया कि इन दुकानों की बिक्री से जो एकमुश्त बड़ी राशि प्राप्त होगी, उसे शहर के अन्य विकास कार्यों और अधोसंरचना विस्तार में खर्च किया जाएगा।
21 में से 6 प्रस्तावों पर पार्षदों की 'ना'
साधारण सभा में कुल 21 प्रस्तावों पर चर्चा की गई। सदन में व्यापक विचार-विमर्श के बाद पार्षदों ने 6 प्रमुख बिंदुओं (क्रमांक 1, 2, 9, 14, 18 और 19) पर असहमति जताई। इन नामंजूर प्रस्तावों में मुख्य रूप से शामिल थे,
नवीन बस स्टैंड का संचालन और वसूली ठेका। बाजार बैठक एवं मंडी का ठेका। नगर पालिका परिसर में निर्माण और हाईमास्ट लाइट की खरीदी,ट्रांसपोर्ट नगर की दुकानों और भूखंडों को लीज पर देने का प्रस्ताव।
इन विकास कार्यों पर बनी सहमति
विरोध के बावजूद, सदन ने शेष 15 प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी। अब शहर में ई-नीलामी प्रक्रिया, महापुरुषों की मूर्तियों की स्थापना, नालों का निर्माण और स्ट्रीट लाइट की खरीदी का मार्ग प्रशस्त हो गया है। साथ ही पीएम स्वनिधि, प्रधानमंत्री आवास योजना और पार्कों के नामकरण जैसे जनहित के कार्यों पर सभी ने सहमति जताई।
बैठक के दौरान पार्षद हुईं अचेत
सदन में चर्चा के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई जब वार्ड क्रमांक 39 की पार्षद कृष्णा वीरेंद्र नागर अचानक बेहोश होकर गिर पड़ीं। सदन में मौजूद सदस्यों ने तुरंत उन्हें संभाला और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें तत्काल सीएमओ के वाहन से अस्पताल पहुंचाया गया। उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी हालत में सुधार बताया है। इस घटना के कारण बैठक की कार्यवाही कुछ समय के लिए रोकनी पड़ी।
अतिक्रमण दस्ते पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
बैठक में भ्रष्टाचार का मुद्दा भी जोर-शोर से गूँजा। भाजपा पार्षद प्रदीप शर्मा ने नगर पालिका के अतिक्रमण हटाओ दस्ते पर अवैध वसूली के सनसनीखेज आरोप लगाए। उन्होंने सीधे तौर पर दस्ता प्रभारी अशोक खरे को निशाने पर लेते हुए कहा कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर अवैध रूप से धन उगाही की जा रही है। इन आरोपों पर सफाई देते हुए प्रभारी खरे ने कहा कि विभाग का काम चुनौतीपूर्ण है और लोग अक्सर इस तरह के आरोप लगाते रहते हैं।
ट्रांसपोर्ट नगर की दुकानें लीज पर नहीं, सीधे बेची जाएंगी
ट्रांसपोर्ट नगर को लेकर अध्यक्ष गायत्री शर्मा ने एक बड़ा नीतिगत स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने साफ किया कि निर्माणाधीन ट्रांसपोर्ट नगर की दुकानों को लीज पर देने के बजाय सीधे बेचा जाएगा। उन्होंने तर्क दिया कि इन दुकानों की बिक्री से जो एकमुश्त बड़ी राशि प्राप्त होगी, उसे शहर के अन्य विकास कार्यों और अधोसंरचना विस्तार में खर्च किया जाएगा।
21 में से 6 प्रस्तावों पर पार्षदों की 'ना'
साधारण सभा में कुल 21 प्रस्तावों पर चर्चा की गई। सदन में व्यापक विचार-विमर्श के बाद पार्षदों ने 6 प्रमुख बिंदुओं (क्रमांक 1, 2, 9, 14, 18 और 19) पर असहमति जताई। इन नामंजूर प्रस्तावों में मुख्य रूप से शामिल थे,
नवीन बस स्टैंड का संचालन और वसूली ठेका। बाजार बैठक एवं मंडी का ठेका। नगर पालिका परिसर में निर्माण और हाईमास्ट लाइट की खरीदी,ट्रांसपोर्ट नगर की दुकानों और भूखंडों को लीज पर देने का प्रस्ताव।
इन विकास कार्यों पर बनी सहमति
विरोध के बावजूद, सदन ने शेष 15 प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी। अब शहर में ई-नीलामी प्रक्रिया, महापुरुषों की मूर्तियों की स्थापना, नालों का निर्माण और स्ट्रीट लाइट की खरीदी का मार्ग प्रशस्त हो गया है। साथ ही पीएम स्वनिधि, प्रधानमंत्री आवास योजना और पार्कों के नामकरण जैसे जनहित के कार्यों पर सभी ने सहमति जताई।
