सतनवाडा में विराट हिंदू सम्मेलन, भगवा रंग में रंगा क्षेत्र 10 हजार संख्या पहुंची

Bhopal Samachar

सतनवाड़ा शिवपुरी। संगठित हिंदू सक्षम भारत के जयघोष के साथ सोमवार, 19 जनवरी 2026 को सतनवाड़ा कलां में 'सकल हिंदू समाज' के तत्वाधान में एक ऐतिहासिक और विशाल 'हिंदू सम्मेलन' का आयोजन संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में धर्म, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला।

भगवा ध्वज और भव्य कलश यात्रा से शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ एक भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। सतनवाड़ा कला, सतनवाड़ा बमोरी से शुरू होकर यह यात्रा पुराने खेरे वाले हनुमान जी मंदिर तक पहुँची। डीजे की धुन और हाथों में भगवा ध्वज लिए हजारों की संख्या में मातृशक्ति और युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। पूरा सतनवाड़ा क्षेत्र भगवा रंग में रंगा नजर आया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
सम्मेलन के मंच पर सर्वप्रथम गौ-पूजन और कन्या-पूजन कर भारतीय संस्कृति का मान बढ़ाया गया। इसके पश्चात आसपास के स्कूलों के छात्र-छात्राओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।

आस पास के स्कूलों से आई छात्राओं ने बेटी बचाओ और वृद्धाश्रम की विभीषिका को दर्शाते नाटकों ने उपस्थित जनसमूह को भावुक कर दिया। जोश और भक्ति मां काली के स्वरूप का सांस्कृतिक नृत्य और देशभक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियों ने पंडाल में मौजूद 5000 से अधिक लोगों में जोश भर दिया।

संतों के आशीर्वचन और सामाजिक समरसता का संदेश
धर्मसभा में क्षेत्र के मूर्धन्य साधु-संतों का समागम हुआ। मुख्य रूप से प्रसिद्ध प्राचीन सिद्ध स्थान चुना खो से महंत जी,पड़गा खो स्थान से पधारे  माधवानंद महाराज जी और खेरे वाले हनुमान जी मंदिर के महंत परशुराम बाबा जी ने एवं अन्य साधु संत ने भक्तों को आशीर्वाद दिया।

बौद्धिक सत्र में वक्ताओं ने भारत को विश्वगुरु बनाने की दिशा में समाज की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का एकमात्र ऐसा राष्ट्र है जहाँ नारी को पूजा जाता है, इसलिए माताओं को अपने बच्चों में उत्तम संस्कार डालने चाहिए। वक्ताओं ने क्षेत्रवासियों से जाति-पांति भुलाकर एकजुट रहने और भारत के वीर सपूतों के बलिदान को याद रखने का आह्वान किया।

विशाल भंडारा और जनसैलाब
कार्यक्रम के समापन पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। आयोजकों के अनुसार, इस महाप्रसादी में सतनवाड़ा और आसपास के गांवों के लगभग 10,000 श्रद्धालुओं ने भोजन प्रसादी ग्रहण की।

इन गांवों के स्वयंसेवकों ने संभाली कमान
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में सतनवाड़ा कलां, सतनवाड़ा खुर्द, ठह , कांकर, और नयागांव सहित आसपास के  गांवों के सकल हिंदू समाज के स्वयंसेवकों ने दिन-रात मेहनत की।