शिवपुरी: 1 करोड़ की रिश्वत काण्ड में सांस तोड रहा है प्रोजेक्ट, 220 परिवार बिना बिजली-पानी के फसे

Adhiraj Awasthi

शिवपुरी। शिवपुरी की कुंडली में विकास की रफ्तार पर ग्रहण लगा है,शिवपुरी शहर का कोई भी प्रोजेक्ट समय पर पूरा नहीं होता है,निर्धारित समय सीमा से 5 गुना या उससे भी अधिक समय लग जाता है जिससे प्रोजेक्ट की लागत बढ़ जाती है,ऐसा ही कुछ हो रहा है शिवपुरी शहर के पीएम आवास प्रोजेक्ट में,अब इस प्रोजेक्ट में एक करोड़ रुपए का रिश्वत काण्ड सामने आया है,बिल पास कराने के एवज में इंजीनियर ने 1 करोड की रिश्वत मांगी है,इस कारण ठेकेदार ने काम रोक दिया है। आरोप प्रत्यारोप के इस बीच इस कॉलोनी में रहने वाले 220 परिवार फस गए है,उनके सामने कभी बिजली का संकट खडा हो जाता है और कभी पानी का

शिवपुरी मेडिकल कॉलेज के पीछे पीएम आवास प्रोजेक्ट अपनी निर्धारित समय सीमा से 6 गुना पीछे चल रहा है। 1030 आवास वाले प्रोजेक्ट को पूरा करने की समय सीमा डेढ़ साल थी लेकिन अब इस प्रोजेक्ट को 9वीं साल चल रहा है और अभी यह प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ है। अब इस प्रोजेक्ट में एक करोड की रिश्वत का विवाद सामने आया है इस कारण इस प्रोजेक्ट को बनाने वाली कंपनी ने काम बंद कर दिया है।  साथ ही मौके पर रहने वाले 220 परिवारों की पानी सप्लाई भी रोक दी गई है।

जैसा कि विदित है कि शिवपुरी शहर का यह प्रोजेक्ट अप्रैल 2017 में शुरू हुआ था। इसे 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य था। अब आठ साल बाद भी केवल 610 आवास ही पूरे हुए हैं। शेष  आवासों का काम बंद है। इस कॉलोनी में लगभग 220 परिवार निवास करने पहुंच गए हैं,लेकिन यह परिवार लगातार मूलभूत सुविधाओं से जूझ रहे हैं।

इस प्रोजेक्ट का निर्माण करने वाली जेआरजे ग्रुप के चेयरमैन नवीन जैन ने मीडिया को बताया कि हमारा  30वां रनिंग बिल का 3 करोड़ रुपए बकाया है। 31वां रनिंग बिल 5.78 करोड़ का 27 फरवरी को भेजा गया। लेकिन कंसल्टेंसी की वजह से इसे रोक दिया। रिवाइज एस्टीमेट में कंसल्टेंसी  ने हमे 10वें रनिंग बिल में भी छेड़छाड़ की। असिस्टेंट इंजीनियर नरेंद्र आर्य ने एक करोड़ रुपए की रिश्वत मांगी। रिकॉर्ड मैनेजमेंट में भी छेड़छाड़ की गईी 18 प्रतिशत जीएसटी का भुगतान भी नहीं किया। इस कारण हमने प्रोजेक्ट का काम बंद कर दिया है। हम बोरवेल से 220 परिवारों को पानी सप्लाई दे रहे थे। यह सप्लाई गुरुवार से रोक दी है।

हमें बिना वजह बदनाम किया जा रहा है।
एजेस कंसल्टेंसी के इंजीनियर नरेंद्र आर्य का कहना है कि 1030 में से 610 आवास कंप्लीट हो चुके हैं। इसके बाद भी काफी काम मचा है। बाकी काम प्रोग्रेस में है। एक करोड़ की रिश्वत के आरोप बेबुनियाद हैं। पेमेंट नगर पालिका बिल चेक करके करती है, इसमें कंसल्टेंसी का कोई हस्तक्षेप नहीं है। हमें बिना वजह बदनाम किया जा रहा है।

सब-स्टेशन भी नहीं बना, सब मीटर से काम चला रहे परिवार
नगर पालिका ने पिछले साल 220 परिवारों को चाबियां सौंप दी हैं। लेकिन 1030 आवासों के लिए अलग से सब स्टेशन अभी तक नहीं बन पाया है। ठेकेदार की डीपी से  परिवारों को सब मीटर लगाकर बिजली सप्लाई दी जा रही है। पिछले दिनों बकाया के चलते बिजली कंपनी ने लाइट भी काट दी थी।

पानी सप्लाई वाला बोरवेल मी बंद कर दिया
नपा ने आवास स्थल तक मडीखेडा सप्लाई लाइन भी बिछा दी है। लेकिन लाइन को ज्वाइंट नहीं किया है। ऐसे में ठेकेदार परिवारों को बोरवेल के जरिए टंकी भरकर पानी की सप्लाई दे रहा था। लेकिन 29 जनवरी को ठेकेदार ने बोरवेल से टंकी भरना बंद कर दिया है।

परिवारों को समस्या नहीं आने देंगे
पानी सप्लाई बंद करने का पता नहीं है। नगर पालिका के पास फंड उपलब्ध नहीं है। इस कारण ठेकेदार का भुगतान बाकी है। प्रोजेक्ट का कुछ काम बाकी रह गया है। हालांकि परिवारों को किसी भी तरह की समस्या नहीं आने देंगे। -
सचिन चौहान,एई नगर पालिका शिवपुरी