Shivpuri News: बैराड में कैमरे गायब होने का मामला, 22 लाख से लगाया 35 कैमरो का सिस्टम धरातल पर फैल

बैराड। शिवपुरी जिले की बैराड़ नगर परिषद में शासकीय राशि का दुरुपयोग कैसे किया जाता है इसका उदाहरण हमें देखने को मिल रहा है। यहां लाखों की राशि के दुरुपयोग के साथ साथ आमजन की सुरक्षा से भी खिलवाड़ किया जा रहा है। बैराड़ नगर में सुरक्षा की की दृष्टि से करीब दो वर्ष पूर्व नगर के प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर 22 लाख रुपए की लागत से 35 सीसीटीवी कैमरे लगाए थे। अब ये कैमरे बंद पड़े हैं। कैमरों के बंद होने से नगर की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो गई है।

बताया जा रहा है कि कैमरे लगाने की शुरुआत कुछ महीनों बाद इनमें तकनीकी खराबियाँ आने लगीं। कई स्थानों पर बिजली चोरी से गुजर रही केबल कैमरे को बचाने की टक्कर से टूट गईं, जिससे कैमरों का पूरा नेटवर्क निष्क्रिय हो गया।

नगर से लगे कैमरे करीब दो वर्ष से लगे हैं। आपराधिक गतिविधियों, दुर्घटना या संदिग्ध हरकत की निगरानी के लिए लगाए गए इन कैमरों का उद्देश्य शिथिल हो चुका है। इस स्थिति को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि और नागरिकों में तनाव बढ़ रहा है।

यह बोला पार्षद और पूर्व पार्षद
पार्षद  विनोद विनोद कुमार बाथम और पूर्व पार्षद राजीव सिंघल ने कहा कि नगर की सुरक्षा के लिए कृषि उपज मंडी गेट से लेकर तालाब की पार और घाटी तक   35 हाई रिजोल्यूशन कैमरे लगाए गए थे।

लेकिन कैमरे लगाने के कुछ माह बाद ही ठेकेदार द्वारा लगाए गए उपकरणों में खराबी और आग लगने लगी। जगह-जगह पर कैमरों की केबल टूटने से हार्डडिस्क और अन्य उपकरण भी क्षतिग्रस्त हो गए। लाखों रुपए की लागत से लगाया गया यह सिस्टम बेकार पड़ा है।

एलईडी स्क्रीन लगाकर निगरानी पॉइंट बनाने का निर्णय था
उन्होंने यह भी बताया कि नगर परिषद ने निगरानी को प्रभावी बनाने के लिए सात प्रमुख स्थानों पर एलईडी स्क्रीन लगाकर निगरानी पॉइंट बनाने का निर्णय लिया था। लेकिन सीएमओ कार्यकाल में इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की, परिणामस्वरूप न तो कैमरों की मॉनिटरिंग हो सकी और न ही सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो पाई।

सबसे गंभीर बात यह है कि
कहीं-कहीं कैमरे अब गायब हो गए हैं। लगभग 2 लाख रुपए कीमत के दो बड़े कैमरे, एक तालाब की पार और  दूसरा पुरानी मंडी चौराहे पर लगे हाईमास्ट पोल पर लगा हुआ था, जो ठेकेदार द्वारा मरम्मत के नाम पर कुछ महीने पहले निकाल लिए गए और तभी से उनका कोई अता पता नही है। इसी तरह धौरिया रोड बस स्टैंड और माता रोड चौराहे पर लगे कैमरे भी गुम बताए जा रहे हैं।

इन स्थानों पर लगे कैमरे बंद
कृषि उपज मंडी गेट, धौरिया रोड चौराहा, नगर परिषद कार्यालय के आगे, बरौद रोड, अस्पताल के सामने, कालामढ़ रोड, तहसील कार्यालय के आगे, बिजली ऑफिस के पास, बैराड़ रोड, पुलिस थाने के सामने, पुराना बस स्टैंड, पुरानी सब्जी मंडी रोड, भदेरा माता रोड, तालाब की पार, टोंटिया रोड, इन सभी स्थानों पर लगे कैमरे बंद हैं। कुल 35 स्थानों पर कैमरे लगाए गए थे। वर्तमान में सभी कैमरे खराब, बंद या गायब हैं।

स्थानीय नागरिकों का कहना है
कि बंद कैमरे चालू रहते तो नगर में आए दिन होने वाली छोटी-बड़ी घटनाओं की निगरानी में आसानी रहती। जनप्रतिनिधियों ने नगर परिषद से तत्काल जांच करने, कैमरे दुरुस्त करने और गायब कैमरों के मामले में जिम्मेदारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

कैमरे ठीक किए जाएँगे
नगर परिषद में लगे सीसीटीवी कैमरे केवल लाइन की टूटने के कारण बंद हो गए हैं, जिन्हें ठीक करने की कार्रवाई की जा रही है। गायब कैमरे के बारे में जानकारी एकत्रित करते हैं
बाबूलाल कुशवाह, सीएमओ, नगर परिषद बैराड़