शिवपुरी। मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई इस कैबिनेट की मीटिंग में मंत्री-परिषद द्वारा प्रदेश की नगर पालिका परिषद नगर परिषदों के अध्यक्ष पद का निर्वाचन आगामी आम-निर्वाचन में प्रत्यक्ष प्रणाली से सीधे मतदाताओं द्वारा कराये जाने के लिए मध्यप्रदेश नगर पालिका (संशोधन) अध्यादेश 2025 लाये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई।
मध्यप्रदेश में नगरीय निकायों के अध्यक्ष पद का निर्वाचन प्रत्यक्ष प्रणाली से सीधे मतदाताओं द्वारा वर्ष 1999 से 2014 तक लगातार किया जाता रहा है। कोविड महामारी के आ जाने से वर्ष 2019 में निर्वाचन नहीं हो सके। इसके बाद वर्ष 2022 के नगरीय निकाय चुनाव में अध्यक्ष पद का निर्वाचन अप्रत्यक्ष प्रणाली से किया गया। वर्ष 2027 के नगरीय निकायों में अध्यक्ष पद का निर्वाचन प्रत्यक्ष प्रणाली से सीधे मतदाताओं द्वारा किया जाना है। उपरोक्त स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की संबंधित धाराओं में संशोधन के लिए मध्यप्रदेश नगर पालिका (संशोधन) अध्यादेश 2025 लाये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई।
शिवपुरी नगर पालिका सहित शिवपुरी जिले की निकायों का इस बार अध्यक्ष का चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से हुआ था। अध्यक्ष का चुनाव जनता ने नहीं बल्कि पार्षदों ने किया था। इस कारण शिवपुरी नगर पालिका सहित मप्र की कई नगर पालिकाओ में पार्षद ने अध्यक्ष के खिलाफ बगावत कर दी थी। शिवपुरी नगर पालिका इसका प्रत्यक्ष उदाहरण बना है। यह अध्यक्ष के खिलाफ पार्षदों ने बगावत कर दी थी। अविश्वास प्रस्ताव का आवेदन भी कलेक्टर को सौंप दिया था हालांकि बाद में अविश्वास प्रस्ताव का पार्षदों ने वापस ले लिए थे और 14 पार्षदों ने इस्तीफा सौंप दिए थे,कलेक्टर ने यह इस्तीफे अस्वीकार कर दिए।
मध्यप्रदेश में नगरीय निकायों के अध्यक्ष पद का निर्वाचन प्रत्यक्ष प्रणाली से सीधे मतदाताओं द्वारा वर्ष 1999 से 2014 तक लगातार किया जाता रहा है। कोविड महामारी के आ जाने से वर्ष 2019 में निर्वाचन नहीं हो सके। इसके बाद वर्ष 2022 के नगरीय निकाय चुनाव में अध्यक्ष पद का निर्वाचन अप्रत्यक्ष प्रणाली से किया गया। वर्ष 2027 के नगरीय निकायों में अध्यक्ष पद का निर्वाचन प्रत्यक्ष प्रणाली से सीधे मतदाताओं द्वारा किया जाना है। उपरोक्त स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की संबंधित धाराओं में संशोधन के लिए मध्यप्रदेश नगर पालिका (संशोधन) अध्यादेश 2025 लाये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई।
शिवपुरी नगर पालिका सहित शिवपुरी जिले की निकायों का इस बार अध्यक्ष का चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से हुआ था। अध्यक्ष का चुनाव जनता ने नहीं बल्कि पार्षदों ने किया था। इस कारण शिवपुरी नगर पालिका सहित मप्र की कई नगर पालिकाओ में पार्षद ने अध्यक्ष के खिलाफ बगावत कर दी थी। शिवपुरी नगर पालिका इसका प्रत्यक्ष उदाहरण बना है। यह अध्यक्ष के खिलाफ पार्षदों ने बगावत कर दी थी। अविश्वास प्रस्ताव का आवेदन भी कलेक्टर को सौंप दिया था हालांकि बाद में अविश्वास प्रस्ताव का पार्षदों ने वापस ले लिए थे और 14 पार्षदों ने इस्तीफा सौंप दिए थे,कलेक्टर ने यह इस्तीफे अस्वीकार कर दिए।
