बैराड़। बैराड़ के बरौद रोड स्थित एक फर्जी डॉक्टर संतू धाकड़ के इलाज से डोंगर सनावड़ा निवासी जितेंद्र जाटव की तबियत गंभीर रूप से बिगड़ गई। 13 सितंबर को पेट दर्द की शिकायत पर जितेंद्र अपने भाई प्रताप जाटव के साथ संतू धाकड़ के पास इलाज कराने पहुंचे। फर्जी डॉक्टर ने युवक को दो इंजेक्शन लगाए, जिसके बाद तुरंत जितेंद्र को उल्टी, सिर चकराना और पैर सुन्न होने की समस्या हुई।
परिजनों ने उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर बताते हुए उसे शिवपुरी रेफर किया। शिवपुरी में प्राथमिक उपचार के बाद, परिजन उसे ग्वालियर स्थित एक अस्पताल ले गए, जहां उसका इलाज जारी है। फिलहाल उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। जितेंद्र के भाई प्रताप जाटव ने आरोप लगाया कि फर्जी डॉक्टर की लापरवाही के कारण उनके भाई की तबियत बिगड़ी, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने अब तक इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बरौद रोड और नगर में आधा दर्जन से अधिक फर्जी डॉक्टर सक्रिय हैं, जो मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत से ये लोग खुलेआम इलाज कर रहे हैं। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि अन्य लोगों की जान संकट में न पड़े।
