शिवपुरी। मामला एक थ्री व्हीलर ऑटो से जुडा है। कोलारस टीआई रवि चौहान की माने तो मामला एक आटो की चोरी का है,ऑटो एजेंसी की मैनेजर की माने तो मामला सैल्समन के द्वारा सिल्क मे गड़बड़ी करने का है,सेल्समैन की माने तो मैनेजर के सितम का है, ऑटो के मालिक की माने तो मामला मैनेजर साहब और सेल्समैन के आपसी विवाद का है। कुल मिलाकर कहानी मे ट्विस्ट है और सीधे शब्दों में लिखे तो एजेंसी मैनेजर और सेल्समैन की आपसी लड़ाई का है और इस लड़ाई में एक गरीब युवक पीस और इधर कोलारस पुलिस इस मामले में मोहरा बन गई और अपनी भद्द पिटवा दी,आईए इस पूरे मामले का एक्सरे करते हैं।
1 लाख 20 हजार डाउन पेमेंट जमा करवाने के बाद 2 लाख 55 हजार रुपए फाइनेंस होने की तय हुई। दिनेश कुशवाह ने बताया कि उसने 1 लाख 20 हजार रुपए जमा सहित फाइनेंस के लिए सभी कागजात जमा किए। IndusInd Bank ltd से जब वाहन का डिलेवरी आर्डर आ गया उसके बाद कोलारस के शोरूम पर काम करने वाले शिवम शर्मा ने मुझे आटो शोरूम से रिलीज कर दिया। इस समय शोरूम पर मेरा आटो के सामने चाबी देते समय फोटो भी खींचा गया था।
दिनेश कुशवाह ने अपने आवेदन के माध्यम से कलेक्टर,सहित एसपी शिवपुरी से निवेदन किया था। ऑटो लेने के बाद 8 माह तक मेरी गाड़ी का नंबर नहीं आया है इस कारण उसे अपना वाहन चलाने मे परेशानी का सामना करना पड रहा है। इसलिए अर्पित भार्गव के खिलाफ कार्यवाही की जाए।
इस मामले मे सवाल यह भी उठ रहा है कि चोरी से आटो बेचा गया तो बेचने और खरीदने वाले दोनों पर मामला दर्ज होना चाहिए,लेकिन कोलारस पुलिस ने ऑटो बेचने वाले पर मामला दर्ज किया गया। दिनेश कुशवाह भी इस मामले को लेकर थानो के चक्कर काट रहा था,आवेदन दे रहा था। पुलिस को यह आटो विवाद पता था फिर कैसे कोलारस टीआई रवि चौहान ने सेठ जी के कहने पर एफआईआर कर ली। मामला मैनेजर और सेल्समैन के बीच का था लेकिन पुलिस ने इस मामले मे एक गरीब का आटो भी शामिल कर लिया।
इनका कहना है
पुसिस दिनेश कुशवाह और उसके आटो को लेने के लिए उसके घर गई थी,वहां पर विवाद शुरू हो गया। पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे थे,आटो चोरी नहीं हुआ था बल्कि पूरी शान से शोरूम से पूजा होकर घर आया था। विवाद एजेंसी के लोगों का आपसी था। पुलिस को जनता का विरोध का सामना करना पड़ा,पुलिस गलती मे थी इस कारण उल्टे पांव वापस आना पडा। अब विवाद सुल्ट गया है बजाज ऑटो की एजेंसी के मालिक भितरवार विधायक मोहन सिंह को पूरा मामला फोन पर बताया गया,अब गाडी का डाउन पेमेंट एजेंसी की सेल्समैन को देना होगा,जब आटो के पूरे कागजता कंप्लीट होकर आ जाएगा उसके बाद दिनेश बाकी का पेमेंट देना होगा।
पहले पहले पढे आप ऑटो की चोरी की एफआईआर
एडवांस ऑटोमोबाइल कंपनी के शोरूम के सेल्समैन अर्पित भार्गव ने कोलारस थाने मे एफआईआर दर्ज कराई कि उसके कोलारस के एडवांस ऑटोमोबाइल के शोरूम के सेल्समैन शिवम शर्मा निवासी श्रीराम कालोनी शिवपुरी ने शो रूम से 30 जनवरी 2025 से 14 जनवरी 2025 के बीच किसी को बेच दी है। उक्त पैसा न हमारी कम्पनी में जमा हुआ न ही उक्त दोनो गांडियां बिल हुई हैं। और उससे निरंतर संपर्क करने की कोशिश की लेकिन वह संपर्क नहीं कर रहा हैं जिससे यह स्पष्ट होता है कि उसके द्वारा आपराधिक षड्यंत्र कर गाड़ी बेच दी हैं और पैसा अपने पास रख लिया है अतः उसके विरुद्ध धोखाधडी एवं आपराधिक न्यासभंग की कार्यवाही की जावें। पुलिस ने इस मामले में शिवम शर्मा सहित 2 युवको पर चोरी का मामला दर्ज कर लिया।इन दोनों ऑटो में से एक आटो खरीदी लुकवासा के एक गरीब ने
दिनेश कुशवाह निवासी लुकवासा ने पुलिस को एक आवेदन दिया था इस आवेदन के अनुसार कोलारस के मनिपुरा में स्थित एडवांस ऑटोमोबाइल्स पर वह एक आटो खरीदने गया था। शोरूम पर उसे शिवम शर्मा मिला था। शिवम शर्मा ने बताया कि आटो की कीमत बताई और मैंने कहा कि फाइनेंस करवाना है शिवम शर्मा ने बताया कि 3 लाख 60 हजार सहित 15 हजार फाइल चार्ज लगेगा।1 लाख 20 हजार डाउन पेमेंट जमा करवाने के बाद 2 लाख 55 हजार रुपए फाइनेंस होने की तय हुई। दिनेश कुशवाह ने बताया कि उसने 1 लाख 20 हजार रुपए जमा सहित फाइनेंस के लिए सभी कागजात जमा किए। IndusInd Bank ltd से जब वाहन का डिलेवरी आर्डर आ गया उसके बाद कोलारस के शोरूम पर काम करने वाले शिवम शर्मा ने मुझे आटो शोरूम से रिलीज कर दिया। इस समय शोरूम पर मेरा आटो के सामने चाबी देते समय फोटो भी खींचा गया था।
दिनेश कुशवाह ने अपने आवेदन के माध्यम से कलेक्टर,सहित एसपी शिवपुरी से निवेदन किया था। ऑटो लेने के बाद 8 माह तक मेरी गाड़ी का नंबर नहीं आया है इस कारण उसे अपना वाहन चलाने मे परेशानी का सामना करना पड रहा है। इसलिए अर्पित भार्गव के खिलाफ कार्यवाही की जाए।
यह बोले शिवम शर्मा
इस मामले को और अधिक समझने के लिए शिवपुरी समाचार ने शिवम शर्मा से फोन पर बातचीत की तो शिवम ने बताया कि मैनेजर अर्पित भार्गव ने ही दिनेश कुशवाह की आटो फाइनेंस नही होने दी,जबकि उसके कागजात फाइनेंस कंपनी पर जमा हो गए थे,उसके बाद ही उसे वाहन रिलीज किया था। मेरा और मैनेजर के बीच विवाद हो गया था इस विवाद के बाद फायनेंस कम्पनी के कर्मचारियों ने आटो फाइनेंस एजेंसी मैनेजर के कहने पर नहीं किया। बाकी ऑटो का डाउन पेमेंट मैनेजर को जमा करा दिया गया था। फाइनेंस की फाइल हमारे मैनेजर अर्पित भार्गव ही चलाते है क्योंकि वह ऐसे जी के मैनेजर है अगर डाउन पेमेंट नहीं होता तो मैनेजर कैसे आटो फाइनेंस की फाइल चलाते है। मेरे उपर झूठा मामला दर्ज करवाया गया है।अब क्या हुआ,पुलिस कैसे मोहरा बनी
कोलारस पुलिस की दो गाडिया दिनेश कुशवाह को उठाने के लिए लुकवासा पहुंच गई। मामला चोरी से जुड़ा था। दिनेश कुशवाह के घर पुलिस पहुंची तो वहां विरोध शुरू हो गया,दिनेश कुशवाह के परिजन सहित लुकवासा के अन्य लोग पुलिस की इस कार्यवाही का विरोध करने लगे,चूंकि पैसा देकर आटो खरीदा गया था। इस मामले की वीडियो भी वायरल हुआ था। जनमानस के विरोध को कारण पुलिस को उल्टे पांव लौटना पड़ा,पुलिस को सीधे तौर पर धमकी दी गई,अगर दिनेश कुशवाह या उसका आटो उठ गया तो पुलिस को बडे जन आक्रोश का सामना करना पडेगा। दिनेश कुशवाह का कहना है कि उसे अपने आटो को बाकी पैसा देना है वह तैयार है लेकिन उससे पहले उसके सभी कागजात पूरे होने चाहिए। नहीं तो मेरे 1 लाख 20 हजार रुपए वापस कर दिए जाए इस पूरे प्रकरण में मेरी कोई गलती नहीं है।यह बोले टीआई रवि चौहान
कोलारस टीआई रवि चौहान ने बताया कि कोलारस पुलिस लुकवासा मे किसी अन्य मामले मे गई थी,चूंकि आटो चोरी की रिपोर्ट थी इसलिए आटो को जब्त करने के लिए दिनेश कुशवाह के भी घर गई थी,वहां किसी प्रकार का विवाद भी नहीं हुआ,अब मामले को आपसी सहमति से निपटा लिया जाऐगा।इस मामले मे सवाल यह भी उठ रहा है कि चोरी से आटो बेचा गया तो बेचने और खरीदने वाले दोनों पर मामला दर्ज होना चाहिए,लेकिन कोलारस पुलिस ने ऑटो बेचने वाले पर मामला दर्ज किया गया। दिनेश कुशवाह भी इस मामले को लेकर थानो के चक्कर काट रहा था,आवेदन दे रहा था। पुलिस को यह आटो विवाद पता था फिर कैसे कोलारस टीआई रवि चौहान ने सेठ जी के कहने पर एफआईआर कर ली। मामला मैनेजर और सेल्समैन के बीच का था लेकिन पुलिस ने इस मामले मे एक गरीब का आटो भी शामिल कर लिया।
इनका कहना है
पुसिस दिनेश कुशवाह और उसके आटो को लेने के लिए उसके घर गई थी,वहां पर विवाद शुरू हो गया। पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे थे,आटो चोरी नहीं हुआ था बल्कि पूरी शान से शोरूम से पूजा होकर घर आया था। विवाद एजेंसी के लोगों का आपसी था। पुलिस को जनता का विरोध का सामना करना पड़ा,पुलिस गलती मे थी इस कारण उल्टे पांव वापस आना पडा। अब विवाद सुल्ट गया है बजाज ऑटो की एजेंसी के मालिक भितरवार विधायक मोहन सिंह को पूरा मामला फोन पर बताया गया,अब गाडी का डाउन पेमेंट एजेंसी की सेल्समैन को देना होगा,जब आटो के पूरे कागजता कंप्लीट होकर आ जाएगा उसके बाद दिनेश बाकी का पेमेंट देना होगा।
हरिओम रघुवंशी, भाजपा मंडल अध्यक्ष लुकवासा
