SHIVPURI NEWS - नपा अध्यक्ष की कार्यप्रणाली के कारण लटकी बजट होने के बाद भी शहर की 23 सडके

शिवपुरी। शिवपुरी नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा की कार्यप्रणाली से नगर पालिका में काम करने वाले ठेकेदारों का विश्वास डेढ़ साल पूर्व ही उठ गया था। शिवपुरी विधायक देवेन्द्र जैन ने शहर के विकास के लिए 4 करोड़ रुपए अपनी विधायक निधि से नगर पालिका को दिया था। बजट होने के बाद भी शहर की सड़कें नहीं बनी है 23 सडको पर एक साल से काम नहीं है,नगर पालिका अध्यक्ष की कार्यप्रणाली के कारण शहर के लोगो अस्थि पंजर निकली सड़कों पर चलना पडा है। सिंधिया के शहर के लिए बजट होने के बाद भी सड़कों का निर्माण नहीं होना यह दर्शाता है कि नगर पालिका अध्यक्ष की टीम इस बजट का बंदरबांट करना चाहती थी। मंसूबे पूरे नहीं हुए इसलिए सड़कों का निर्माण नहीं हो सका।

विश्व में नही ले पाई ठेकेदारों को नगर पालिका अध्यक्ष
शिवपुरी शहर के 39 वार्डों में जो भी सड़कें बननी है, वह सभी सीसी रोड है। इनमें कुछ से सड़कों का काम तो एक साल अधिक समय से टेंडर होने के बाद शुरू नहीं हो पाया। काम लेने वाले ठेकेदारों को ऐसा लग रहा था कि नगर पालिका में बजट नहीं है और उनके पहले के कामों के भुगतान नहीं हो पाए है। ऐसे में कहीं उन्होंने यह नया काम किया तो यह लाखों रुपए और फंसकर रह जाएगा। इसी फेर में कई ठेकेदारों ने काम लेने के बाद भी रोड बनाने का काम शुरू तक नहीं किया। बड़ी बात यह है कि विधायक द्वारा दी गई राशि पर नगर पालिका को अभी तक 25 लाख रुपए का ब्याज तक मिल गया है, लेकिन इस राशि का अभी तक जिम्मेदारों की उदासीनता के फेर में आमजन को लाभ नहीं मिल पाया।

इन फर्मों को दिए जा चुके हैं नोटिस
टेंडर होने के बाद भी जिन ठेकेदारों व फर्मों ने काम नहीं किए, उनमें से नगर पालिका प्रशासन ने कुछ फर्म को तो काम करने के लिए अंतिम नोटिस पत्र दिए हैं। जबकि कुछ के टेंडर निरस्त कर नए सिरे से टेंडर लगा दिए हैं। इन फर्मों श्रीवर्धा ग्रुप, देव इंफ्रा, माँ पीताम्बरा कंस्ट्रक्शन, लाडली शिवहरे आदि को अंतिम चेतावनी पत्र देकर काम जल्द शुरू करने की बात कही गई है। बताया जा रहा है कि विधायक निधि से बनने वाली सभी सड़कों के भुगतान के लिए नगर पालिका के पास पहले से बजट उपलब्ध है। पर ठेकेदार इस बात को मानने तैयार नहीं है।

यह बोले जिम्मेदार
इस मामले में नगर पालिका के एई सचिन चौहान का कहना है कि विधायक निधि से शहर में 39 सड़कों का निर्माण होना था। इसके लिए हमारे पास 4 करोड़ रुपए की राशि भी है। 16 सड़कें तो बनकर पूरी हो गई हैं, जबकि 23 का काम शुरू नहीं हो पाया है। हमने कुछ ठेकेदारों के तो टेंडर निरस्त कर नए टेंडर कर दिए है, जबकि कुछ फर्मों को काम करने के लिए अंतिम चेतावनी पत्र जारी किए है।

इन सड़कों का एक साल में भी नहीं हुआ काम शुरू 
विधायक निधि से बनने वाली इन 39 सड़कों में से 23 का काम अभी शुरू तक नहीं हुआ है। इनमें वैष्णो देवी माता वाली गली से झांसी रोड, कंचनपुरी के पास सीसी रोड, मानस भवन के कोने से लेकर सरकारी क्वार्टर होते हुए भैया बाथम की पुलिया तक, अग्रवाल मारवाड़ी धर्मशाला वाली गली में, शंकरजी मंदिर से जगदीश चक्की तक, शंकरजी मंदिर से आदिवासी बस्ती तक, हरिवल्लभ ओझा से भैसासुर के मंदिर तक छोटा लुहारपुरा, इंद्रा कॉलोनी में पार्षद निवास के पीछे से मझेरा वालो के मकान तक, पार्षद के निवास से कालू बाथम के घर तक मिलाकर आदि सड़कें हैं, जिनके काम टेंडर होने के एक साल बाद भी शुरू नहीं हो पाए। ऐसे में लोगों को जर्जर सड़क होने के कारण काफी परेशान होना पड़ रहा है।