SHIVPURI NEWS - शक्ति के उपासना के समय मे कांग्रेस ने महिला अपराधो का डाटा किया रिलीज, प्रतिदिन 20 बलात्कार

शिवपुरी। नवरात्रि के दिन चल रहे है लोग शक्ति की भक्ति में लीन है,ऐसे समय में मप्र शासन के कैबीनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने राहुल गांधी ओर प्रियंका गांधी पर दिया गया बयान शर्मनाक है महिलाओ का अपमान है और हिन्दू धर्म का सबसे पवित्र रिश्ता भाई बहन के रिश्ते को भी कंलकित करने का घोर पाप किया है। कैलाश विजयवर्गीय के इस बयान पर कांग्रेस ने अपना प्रेस नोट रिलीज किया है।

प्रेस रिजील के माध्यम से कहा गया  

नवरात्रि में माँ दुर्गा हमें नारी शक्ति की याद दिलाती हैं, लेकिन कैलाश विजयवर्गीय जैसे मंत्री बहन-भाई के पवित्र रिश्ते को अपमानित कर रहे हैं। उनका बयान मध्यप्रदेश की गरिमा के खिलाफ है। एक मंत्री, जो जनता की सेवा की शपथ लेता है, वह सार्वजनिक मंच से बहन-बेटियों पर अभद्र टिप्पणी करता माँ दुर्गा से सुरक्षा की प्रार्थना करते हैं, बीजेपी सरकार महिलाओं की रक्षा करने में विफल हो रही है।

महिलाओं के खिलाफ अपराधों का भयावह सचः
बलात्कार के मामले-साल 2020 में प्रदेश में 6,134 बलात्कार की घटनाएँ दर्ज थी, जो 2024 तक बढ़कर 7,294 हो गई, यानी 19% की वृद्धि। मुख्यमंत्री ने स्वयं विधानसभा में स्वीकार किया कि प्रत्येक दिन लगभग 20 बलात्कार के मामले हो रहे हैं। रोज़ाना अपराधः प्रतिदिन 20 बलात्कार के साथ-साथ 33 महिलाओं के अपहरण की घटनाएँ हो रही हैं। दिसंबर 2023 से जून 2025 तक, औसतन प्रतिदिन 18 बलात्कार दर्ज हुए।

SC/ST महिलाओं पर अत्याचारः 2022-2024 के दौरान 7,418 आदिवासी (ST) और अनुसूचित जाति (SC) महिलाएँ बलात्कार की शिकार हुई। इस अवधि में 338 सामूहिक बलात्कार (गैंगरेप) के मामले दर्ज हुए। प्रतिदिन औसतन 41 अपराध SC/ST महिलाओं के खिलाफ हो रहे हैं, जिनमें 7 बलात्कार के मामले शामिल हैं। सजा दरः पिछले पाँच वर्षों में अनुसूचित जाति के बलात्कार मामलों में केवल 23% अभियुक्तों को सजा हुई, जबकि 77% बरी हो गए। अनुसूचित जनजाति में सजा दर 22%, पिछड़े वर्ग में 21% और सामान्य वर्ग में मात्र 18% है। लापता मामलेः जनवरी 2024 से जून 2025 के बीच 21,175 महिलाएँ और नाबालिग बालिकाएँ लापता हुई। इस अवधि में 10,840 बलात्कार के मामले दर्ज हुए, जिनमें 4,805 महिलाएँ और 6,035 नाबालिग थीं।

कांग्रेस की माँग
कैलाश विजयवर्गीय तत्काल माँ दुर्गा के सामने झुककर सार्वजनिक माफी माँगें और बहन-भाई के पवित्र रिश्ते का सम्मान करें। यदि माफी नहीं माँगी जाती, तो मुख्यमंत्री उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त करें। चीजेपी नेताओं द्वारा महिलाओं का अपमान बंद हो, अन्यथा महिला कांग्रेस नवरात्रि की शक्ति से प्रेरित होकर सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी।


कांग्रेस के आरोप
हर भाई-बहन अपनी मर्यादा जानता है। मंत्री जी को महिलाओं को संस्कार सिखाने की ज़रूरत नहीं है। उनका बयान मध्यप्रदेश की अस्मिता और नवरात्रि की पवित्रता पर हमला है।" बीजेपी के नेताओं की जुबान लगातार बिगड़ती जा रही है। कभी महिलाओं के कपड़ों पर टिप्पणी, कभी बेटियों के चरित्र पर सवाल यह उनकी मानसिकता को दर्शाता है। यह महिलाओं का अपमान ही नहीं, बल्कि माँ दुर्गा के पवित्र उत्सव को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है। बहन-भाई का रिश्ता पवित्रता का प्रतीक है, लेकिन बीजेपी के नेता इसे राजनीतिक हथियार बना रहे हैं।