शिवपुरी। शहर में आवारा कुत्तों का आतंक है। रात के समय ये स्वान लोगों को ज्यादा शिकार बना रहे है और प्रतिदिन ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। शहर में बीते 6 माह में 2 हजार लोगों पर आवारा कुत्तों ने हमला किया, जिन्हें जिला अस्पताल में रेबीज के इंजेक्शन लगे हैं। शहर में रोज औसतन 10 मरीजों को आवारा कुत्ते काट रहे है।
इन कुत्तों का आतंक इतना बढ़ चुका है कि लोगों को अब रात के समय घर से बाहर निकलते ही अपने हाथ में कुत्तों से बचाव के लिए डंडा लेना पड़ रहा है। वहीं एक साल पूर्व नपाध्यक्ष व सीएमओ द्वारा श्वानों को पकड़ने के आश्वासन पर अब तक अमल नहीं हो सका है
रोज डॉग बाइट के आ रहे 10 केस
जिला अस्पताल में रोज औसतन 10 से अधिक मरीज डॉग बाइट के आ रहे हैं। 6 माह के भीतर अस्पताल में 1955 ऐसे मरीज पहुंचे, जिन्हें आवारा कुत्तों ने काट लिया था, हैरानी की बात यह है कि इनमें 90 फीसदी मरीज शिवपुरी के शहरी क्षेत्र से हैं। डॉग बाइट के अलावा अस्पताल में मंकी बाइट के 59 और बिल्ली के के काटने के 117 और अन्य जानवरों के काटने के 71 मरीज पहुंचे। सितम्बर माह के 12 दिन में ही जिला अस्पताल में 45 मरीज ऐसे पहुंचे जिन्हें आवारा श्वानों ने काट लिया है।
5 साल से नहीं चली स्वान पकड़ने मुहिम
नगर पालिका के अधिकारियों द्वारा बीते 5 साल से शहर में कुत्तों को पकड़ने की बड़ी मुहिम नहीं चलाई गई है। जिसके चलते शहर में दिनों दिन आवारा कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ती जा रही है। शहर की हर गली एवं मोहल्ले में दर्जनों आवारा कुत्ते घूमते हुए दिखाई दे जाते हैं। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आवारा कुत्तों को पकड़ कर उनका बंध्याकरण व टीकाकरण करने के बाद ही उन्हें छोड़ा जाएगा। इसके साथ आक्रामक और रेबीज संक्रमित कुत्ते पकड़ने के बाद सड़कों पर छोड़े नहीं जाएंगे, यहां तक कि उन्हें डॉग शेल्टर में भी अलग रखा जाएगा।
नगरीय निकाय प्रत्येक वार्ड में श्वानों को भोजन कराने के लिए स्थान बनाएंगी। सड़क पर कुत्तों को खाना खिलाने पर कानूनी कार्रवाई होगी। कोर्ट का यह आदेश देश भर में समान रूप से लागू होगा। बावजूद इसके नपा इसका पालन नहीं कर रही है,एक आंकड़े के हिसाब से शिवपुरी शहर में 10 हजार से अधिक आवारा स्वान है।
बच्चो का शिकार अधिक
यह स्कूल जाने वाले बच्चों को ज्यादा शिकार बना रहे हैं। बच्चों को रैबीज के इंजेक्शन लगाने के बाद कई दिनों तक दर्द झेलना पड़ता है। कई बार कुत्तों के काटने से जान जाने का खतरा भी बढ़ जाता है। बावजूद नगरपालिका के अधिकारी इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
सुरेश अग्रवाल, निवासी वार्ड क्रमांक 7
यह बोले जिम्मेदार
शहर में आवारा कुत्तों के के काटने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रहीं हैं। हम इसपर अंकुश लगाने का प्रयास कर रहे हैं, एक दो दिन में बड़ी मुहिम चलाकर शहरी क्षेत्र से आवारा कुत्तों को पकड़कर दूर जंगलों में छोड़ेंगे। शिवपुरी में डॉग को रखने की व्यवस्था भी नहीं है।
आनंद सिंह राजावत, एसडीएम एवं प्रभारी नपा सीएमओ, शिवपुरी
इन कुत्तों का आतंक इतना बढ़ चुका है कि लोगों को अब रात के समय घर से बाहर निकलते ही अपने हाथ में कुत्तों से बचाव के लिए डंडा लेना पड़ रहा है। वहीं एक साल पूर्व नपाध्यक्ष व सीएमओ द्वारा श्वानों को पकड़ने के आश्वासन पर अब तक अमल नहीं हो सका है
रोज डॉग बाइट के आ रहे 10 केस
जिला अस्पताल में रोज औसतन 10 से अधिक मरीज डॉग बाइट के आ रहे हैं। 6 माह के भीतर अस्पताल में 1955 ऐसे मरीज पहुंचे, जिन्हें आवारा कुत्तों ने काट लिया था, हैरानी की बात यह है कि इनमें 90 फीसदी मरीज शिवपुरी के शहरी क्षेत्र से हैं। डॉग बाइट के अलावा अस्पताल में मंकी बाइट के 59 और बिल्ली के के काटने के 117 और अन्य जानवरों के काटने के 71 मरीज पहुंचे। सितम्बर माह के 12 दिन में ही जिला अस्पताल में 45 मरीज ऐसे पहुंचे जिन्हें आवारा श्वानों ने काट लिया है।
5 साल से नहीं चली स्वान पकड़ने मुहिम
नगर पालिका के अधिकारियों द्वारा बीते 5 साल से शहर में कुत्तों को पकड़ने की बड़ी मुहिम नहीं चलाई गई है। जिसके चलते शहर में दिनों दिन आवारा कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ती जा रही है। शहर की हर गली एवं मोहल्ले में दर्जनों आवारा कुत्ते घूमते हुए दिखाई दे जाते हैं। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आवारा कुत्तों को पकड़ कर उनका बंध्याकरण व टीकाकरण करने के बाद ही उन्हें छोड़ा जाएगा। इसके साथ आक्रामक और रेबीज संक्रमित कुत्ते पकड़ने के बाद सड़कों पर छोड़े नहीं जाएंगे, यहां तक कि उन्हें डॉग शेल्टर में भी अलग रखा जाएगा।
नगरीय निकाय प्रत्येक वार्ड में श्वानों को भोजन कराने के लिए स्थान बनाएंगी। सड़क पर कुत्तों को खाना खिलाने पर कानूनी कार्रवाई होगी। कोर्ट का यह आदेश देश भर में समान रूप से लागू होगा। बावजूद इसके नपा इसका पालन नहीं कर रही है,एक आंकड़े के हिसाब से शिवपुरी शहर में 10 हजार से अधिक आवारा स्वान है।
बच्चो का शिकार अधिक
यह स्कूल जाने वाले बच्चों को ज्यादा शिकार बना रहे हैं। बच्चों को रैबीज के इंजेक्शन लगाने के बाद कई दिनों तक दर्द झेलना पड़ता है। कई बार कुत्तों के काटने से जान जाने का खतरा भी बढ़ जाता है। बावजूद नगरपालिका के अधिकारी इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
सुरेश अग्रवाल, निवासी वार्ड क्रमांक 7
यह बोले जिम्मेदार
शहर में आवारा कुत्तों के के काटने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रहीं हैं। हम इसपर अंकुश लगाने का प्रयास कर रहे हैं, एक दो दिन में बड़ी मुहिम चलाकर शहरी क्षेत्र से आवारा कुत्तों को पकड़कर दूर जंगलों में छोड़ेंगे। शिवपुरी में डॉग को रखने की व्यवस्था भी नहीं है।
आनंद सिंह राजावत, एसडीएम एवं प्रभारी नपा सीएमओ, शिवपुरी
