एक्सरे ललित मुदगल शिवपुरी। शिवपुरी जिले की सीमाएं मध्यप्रदेश और राजस्थान से लगती है। राजस्थान की ओर से लगने वाली सीमा कोलारस विधानसभा को स्पर्श करती है और राजस्थान सीमा और मध्यप्रदेश की सीमा पर पूर्व में परिवहन विभाग का खरई बैरियर था। शासन के ओदश अनुसार इस बैरियर को समाप्त कर दिया,लेकिन यहां शिवपुरी के परिवहन विभाग का एक उडनदस्ता बड़े ही शान से अवैध वसूली कर रहा है। उड़न दस्ते को तैनात कर्मचारियो की माल वाहनों से वसूली और अभद्रता और मारपीट की घटनाओं से देश में मध्यप्रदेश बदनाम हो रहा है।
जानकारी के अनुसार कोलारस अनुविभाग के तेंदुआ थाना सीमा में फोरलेन पर स्थित खरई बैरियर पर पूर्व में आरटीओ चेक पोस्ट थी,शासन के आदेश अनुसार परिवहन विभाग की इस चेक पोस्ट को बंद कर दिया गया था। व्यवस्था के स्तर पर परिवहन विभाग ने मालवाहक वाहन और यात्री बसों को चेक करने के लिए पेट्रोलिंग व्यवस्था बनाते हुए उड़न दस्ते का गठन किया,यह उड़न दस्ते पेट्रोलिंग करते हुए माल वाहन को चेक करेगें।
लेकिन मध्य प्रदेश राजस्थान की सीमा परिवहन विभाग की वसूली बंद नही हुई है। यह उडनदस्ते के प्रभारी ने नई वसूली व्यवस्था को जन्म दे दिया है,परिवहन विभाग बदनाम ना हो,मध्य प्रदेश का नाम देश में खराब ना हो इसलिए परिवहन विभाग के चेकपोस्ट बंद कर दिए गए थे। लेकिन यहां ड्यूटी में तैनात उडनदस्ता मध्यप्रदेश को पूरे देश मे बदनामी की ब्रांडिंग कर रहा है।
आरटीओ की प्लेट वाली बुलेरो और पर्सनल स्कॉर्पियो दिन भर करती है लूट
जानकारी मिल रही है कि खरई पोस्ट पर तैनात उड़न दस्ते पर आरटीओ की प्लेट लगाकर फोरलेन हाईवे की एक ओर खडी हो जाती है वही दूसरी ओर एक प्राइवेट स्कॉर्पियो खडी हो जाती है। इन दोनो वाहनों में परिवहन विभाग के कर्मचारियो के साथ आरटीआई इंस्पेक्टर सहित 2 दर्जन निजी वसूली वाले गुर्गे होते है ओर फोरलेन से इस देश के विकास में योगदान दे रहे माल वाहनों को रोककर वसूली करते है।चेक पोस्ट बनाम इंस्पेक्टर लूट पोस्ट
खरई बैरियर के यह दोनों वाहन काम परिवहन चेक पोस्ट वाला ही कर रहे है अब ऑफिस नहीं है वाहन ही ऑफिस है। नियमानुसार इस उडनदस्ते को पेट्रोलिंग करना था लेकिन यह एक स्थान पर खडा होकर वाहनों को रोकते है और अवैध वसूली करते है और आनाकानी करने वाले ड्राइवरों के साथ मारपीट भी करते है। चूकि माल वाहन का ड्राइवर स्थानीय ना होकर अन्य शहर या प्रदेश का होता है तो वह आगे की कार्यवाही नही करता ओर इसी बात का फायदा यह लूट आर्मी उठाती है।
यात्री बसे नही दिखती इस उडनदस्ते को
इस स्थान से उत्तर प्रदेश,मध्य प्रदेश की वीडियो कोच बस राजस्थान और गुजरात तक यह जाती है इनमे से अधिकांश बसे मजदूर लेकर जाती है इन बसों में यात्रियों को ठूस ठूस कर भरा जाता है लेकिन इन यात्री बसों को रोका नहीं जाता है,क्योंकि इन बसों का प्रतिदिन का काम है और इनका महिना फिक्स है। कुल मिलाकर यह अदना सा उडनदस्ता अपने नियम विरुद्ध कार्य के कारण मध्यप्रदेश को बदनाम कर रहा है। इनकी लूट खसोट के कारण एमपी की बेड ब्राडिंग हो रही है।
