SHIVPURI शर्मसार, 3 दिन मे तीसरा तिरपाल में अंतिम संस्कार, फिर मुक्तिधाम में भ्रष्टाचार

नरवर। शिवपुरी जिले की करैरा विधानसभा में आज यह तिरपाल के नीचे शव को जलाने का तीसरा मामला सामने आया है, यह सीधे-सीधे यही दर्शाता है कि हमने भ्रष्टाचार किया हैं,हमने श्मशान घाट के पैसे खाए हैं। क्योंकि आज के समय में अंतिम संस्कार भी लोग ठीक के नहीं कर पा रहे हैं इसका कारण यह है कि पंचायत और वार्ड में मौजूद शमशान घाट के लिए शासन की ओर के आये फंड को पार्षद और सरपंच डकार जाते हैं और फिर चाहे जनता परेशान होती रहे।

आपको बता दें कि बीती 16 जुलाई को ही नरवर की ग्राम पंचायत कैरूआ से ही तिरपाल के नीचे शव को जलाने का मामला सामने आया हैं,तथा उसी के बाद आज फिर यह दूसरा मामला सामने आया हैं जिसमें नरवर के ही वार्ड क्रमांक 15 की श्मशान घाट में बिना टीन सेट के नीचे,तिरपाल लगाते हुए शव का जलाया जा रहा हैं। वहीं आपको बता दें कि अभी दो दिन पहले ही करैरा की ग्राम पंचायत काली पहाड़ी से भी ऐसा ही मामला सामने आया है जिसमें भी तिरपाल के नीचे शव का जलाया जा रहा हैं।

सरपंच और पार्षद अपना पेट भरने के लिए अंतिम समय में भी लोगों को बिना परेशानी के लोग ठीक से अंतिम संस्कार भी नहीं कर सकते हैं, जब इतनी पवित्र जगह में भी सरपंच और पार्षद भ्रष्टाचार कर रहे हैं और क्षेत्र में होने वाले कार्यों के लिए आये हुए फंड को कैसे छोड़ेंगे। ऐसे सरपंचों और पार्षद पर कार्यवाही होनी अतिआवश्यक हैं।

पहला मामला - आज नरवर वार्ड क्रमांक 15 में बिना टीन सेट के किया अंतिम संस्कार
जानकारी के अनुसार नरवर नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 15 में श्मशान घाट पर टीन सेट न होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं नरवर के वार्ड क्रमांक 15 में आज एक व्यक्ति की मौत हो जाती हैं और परिजन उसका अंतिम संस्कार करने हेतु नरवर के वार्ड क्रमांक 15 में ले जाते हैं,लेकिन जब लोगों ने मुक्तिधाम की स्थिति को देखा,तो कुछ लोग क्रोधित हो गये और कुछ लोगों को रोना भी आया कि एक तो हमारा इंसान इस दुनिया से हमेशा हमेशा के लिए चला गया और हम उसका इस बरसात और बिना टीन शेड वाली मुक्तिधाम में मुखाग्नि दे रहे हैं।

जो कि तिरपाल के सहारे देनी पड़ रही हैं,क्योंकि पार्थिव शरीर बरसात के कारण भीग गया और साथ ही लड़कियां और कंडे भी बरसात में भीग गये। लोगों ने बताया कि फिल्टर के सामने मुक्तिधाम बना हुआ है यहां कई वर्षों से मुक्तिधाम है इस मुक्तिधाम पर किसी पार्षद के द्वारा आज तक नाही तीन सेट कराई गई है ना ही इसका बाउंड्री वॉल है यहां लोगों को किसी का अंतिम संस्कार करने के लिए बारिश के मौसम में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

दूसरा अंतिम संस्कार-नरवर की ग्राम पंचायत कैरूआ में तिरपाल तानकर अंतिम संस्कार,भ्रष्टाचार की खुली पोल

वहीं कल बीती 15 जुलाई को नरवर जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत कैरूआ से एक दुखद घटना सामने आई हैं, कैरूआ गांव में कल सुबह 10 बजे एक बुजुर्ग बैजनाथ रावत उम्र 81 साल की बीमारी के चलते मौत हो जाती हैं। चारों तरफ घर में मातम का माहौल था, मृत बुजुर्ग के पोते दीपक ने बताया कि हम दादाजी के शरीर को अंतिम संस्कार के लिए शमशान घाट कैरूआ लेकर पहुंचे।

तिरपाल के नीचे किया गया अंतिम संस्कार
जहां पहुंचने के बाद हम दादाजी का अंतिम संस्कार कर ही रहे थे तो अचानक से तेज बारिश होने लगी, और शमशान घाट में टीन शेट से चारों तरफ से पानी गिरने लगा। यहां तक की दादी के शरीर को मूखअग्नि दी जा रही थी तो कंडों के नीचे तक पानी चला गया।  जिसके बाद हम लोगों ने तत्काल 2 तिरपाल मंगवाई और नीचे से कंडो में मिट्टी लगाई। जिसके बाद अंतिम संस्कार हो पाया।

सरपंच ने श्मशान घाट की आई 11 लाख राशि हड़पी
वहीं ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत कैरूआ के सरपंच दिलीप खटीक द्वारा इस शमशान घाट की मरम्मत तो करवाई थी,लेकिन सरपंच साहब ने पुरानी टूटी-फूटी टीन शेट मंगवाकर लगवा दी। और अपने पेट भरने के लिए शासन की ओर से आई 11 लाख से ज्यादा की राशि हड़प ली। जब ग्रामीणों ने सरपंच से पूछा की सरपंच साहब शमशान घाट की मरम्मत के लिए सरकार की तरफ से जो राशि आई थी उसको आपने कहां खर्च कर दिया। कम से कम यह शमशान घाट की ठीक से मरम्मत तो करवा देते और यहां इतने लोग परेशान हो रहे हैंं इसी पर सरपंच साहब का कहना था कि मैंने इसमें टीनशेड डलवाई तो हैं। अब पानी बरस रहा हैं तो इसमें मैं क्या कर सकता हूं।

करैरा काली पहाड़ी पंचायत में नहीं है मुक्तिधाम, तिरपाल तान के अंतिम संस्कार
वहीं तीसरी घटना,जनपद पंचायत करैरा की ग्राम पंचायत काली पहाड़ी की हैं जहां इन दिनों मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रही है सबसे गंभीर स्थिति तब सामने आई जब यह पता चला कि गांव में अंतिम संस्कार के लिए कोई स्थायी मुक्तिधाम ही नहीं है। ग्रामीणों को मजबूरी में तिरपाल लगाकर अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है यह प्रशासन की उदासीनता को उजागर करता है इस स्थिति का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

जब इस बारे में ग्राम पंचायत काली पहाड़ी के सचिव एवं सरपंच से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत काली पहाड़ी द्वारा अब तक तीन बार जनपद पंचायत करैरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को पत्र भेजकर नए मुक्तिधाम निर्माण की मांग की जा चुकी है उनका कहना है कि पूर्व में जो मुक्तिधाम बनाया गया था, वह अब पूरी तरह जर्जर हो चुका है और उपयोग के लायक नहीं बचा है।