SHIVPURI NEWS - अंजलि की हत्या के सुराग तलाशने कुंए तक खाली करना पड़ा

Bhopal Samachar

शिवपुरी। शिवपुरी जिले के पिछोर अनुविभाग के खनियाधाना सीमा के अंतर्गत आने वाले गांव मुहारीकला ने निवास करने वाली 15 साल की अंजलि पाल की मर्डर मिस्ट्री उलझती जा रही है। पुलिस को सुराग तलाशने के लिए कुआं तक खाली करना पड़ा,लेकिन पुलिस किसी नतीजे पर अभी तक नहीं पहुंची है। जैसा कि विदित है कि अंजलि बीते 5 अप्रैल को खनियाधाना थाने पहुंचकर दर्ज कराई थी। जिसके बाद आज 48 घंटे बाद पुलिस को नाबालिग किशोरी का शव मुहारीेकला गांव में ही एक कुएं में मिला है।

किशोरी का शव गांव के करनजूं लोधी के खेत में बने कुएं से पुलिस ने बरामद की है। किशोरी की जीभ बाहर निकली हुई है। किशोरी के नाक, कान व होंठ कटे हालात में मिले हैं। शव भी दो से तीन दिन पुराना है। यह मामला ऑनर किलिंग या फिर प्रेम-प्रसंग से जुड़ा बताया जा रहा है।

आज इस मामले को पूरे 8 दिन गुजर चुके है,पुलिस ने इस मामले के संदेहियो को राउंउअप किया था,लेकिन पुलिस को अभी तक कुछ खास सुराग नही मिले है। पुलिस इस मामले की जड तक पहुंचने के लिए कुंए तक पहुंची ओर कुंए को भी खाली कराया गया लेकिन कुंए ने पानी के अतिरिक्त कुछ नही उगला,खाली कुंए में भी पुलिस के सुराग खाली ही रहे। यहां बताना होगा कि कुआं से मिलने के बाद मृतिका के चेहरे पर कटे-पिटे निशान थे। ऐसे में आशंका व्यक्त की जा रही थी कि तीन दिन से लाश कुएं में पड़ी हुई है, इसलिए मछलियों ने शव को खा लिया होगा,लेकिन जब कुंआ खाली कराया गया तब उसमें किसी प्रकार के जलीय जीव जंतु नहीं निकले। ऐसे में मृतिका के चेहरे पर चोटों के निशान भी तमाम संदेह पैदा कर रहे हैं।

डायटम टेस्ट और अन्य टेस्ट खोलेंगे मौत का राज
पुलिस ने मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने के लिए मृतिका के अंगों को परीक्षण के लिए भिजवाया है। पुलिस का कहना है कि डायटम टेस्ट के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि युवती की मौत पानी में डूबने से हुई है या फिर युवती की मौत के बाद लाश को कुएं में फेंका गया है। इसके अलावा अन्य अंगों को भी परीक्षण के लिए भेजा गया है, ताकि मौत के अन्य कारणों से भी पर्दा उठ सके।

फिलहाल हम मामले की जांच कर रहे हैं। मौत के कारणों का पता करने के लिए हमने मृतिका के अंगों को परीक्षण के लिए भेजा है। टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ स्पष्ट हो पाएगा। हम जल्द ही मामले से पर्दा उठाया जाएगा।
प्रशांत शर्मा, एसडीओपी, पिछोर

G-W2F7VGPV5M