SHIVPURI NEWS- सरकार को संयुक्त मोर्चा की चेतावनी निलंबन वापस लो नही तो कीमत चुकानी होगी,वायरल वीडियो मामला

शिवपुरी।
वायरल वीडियो में शिक्षक और शिक्षिका डांस करते दिखाई दे रहे हैं वह एक्टिविटी सीसीएलई प्रक्रिया की है। हर शिक्षक शिक्षिका ने डांस करके इस विधा में अपना प्रदर्शन किया है ऐसे में शिक्षकों के खिलाफ बिना सोचे समझे निलंबन की कार्रवाई करना यह शिक्षकों के साथ अन्याय है हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे 2 दिन बाद भी शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस पर कोई सुनवाई नहीं की है इसलिए हम चेतावनी भी दे रहे हैं कि शिक्षकों का निलंबन वापस ले वरना हमें ऐसा स्टेप उठाना होगा जो सरकार के लिए बेहद खतरा भरा होगा।

यह निर्णय शनिवार को शहर के वनस्थली होटल में आयोजित हुई शिक्षा विभाग और संयुक्त कर्मचारी मोर्चा संगठन के बैठक के दौरान पदाधिकारियों ने सरकार को चेतावनी जारी करते हुए कही।

प्रशिक्षण के दौरान हुए वीडियो वायरल को लेकर संभागीय आयुक्त द्वारा प्रभारी प्राचार्य संगीता माझी और संजीव अग्रवाल को बिना जांच के तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया था। जिसकी संयुक्त मोर्चा जिला शाखा शिवपुरी ने घोर निंदा कर अपना विरोध दर्ज कराया। पदाधिकारियों ने कहा कि शासन के आदेश के पालन में सीसीएलई गतिविधियों में हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम में सीसीएलई की चल रहे प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों द्वारा किए गए सांस्कृतिक कार्यक्रम को अमर्यादित नृत्य मानकर शिक्षकों को निलंबित किया गया, जबकि यह कार्य प्रशिक्षण का एक हिस्सा था। जिसके तारतम्य मैं संयुक्त मोर्चा अधिकारी कर्मचारी संघ ने 20 मई को एक बैठक रखी।

जिसमें संयुक्त मोर्चा के जिलाध्यक्ष राजेंद्र पिपलोदा, वन कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष दुर्गा प्रसाद ग्वाल, संयुक्त मोर्चा के महामंत्री अरविंद सरैया, राज्य अध्यापक संघ के जिलाध्यक्ष स्नेह सिंह रघुवंशी, मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष तारिक सिद्धकी, संयुक्त मोर्चा के जिला प्रवक्ता महावीर मुद्गल, कर्मचारी कांग्रेस के नगेंद्र रघुवंशी, स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष मनोज भार्गव, मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी एकता मंच के जिला अध्यक्ष बृजेंद्र भार्गव, राजपत्रित संघ के प्रकाश पांडे, अध्यापक कांग्रेस के अमरदीप श्रीवास्तव, पेंशन संघ के प्रदेश संगठन मंत्री मनमोहन जाटव, राजू शर्मा प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

जिन्होंने सरकार के इस गलत इस टाइप की निंदा की और कहा कि घटना को 48 घंटे गुजर गए बावजूद इसके अब तक शिक्षकों का निलंबन वापस नहीं लिया गया है इसलिए शिक्षकों में खासा आक्रोश है और अब 22 तारीख को ज्ञापन सौंपकर अपना विरोध प्रदर्शन शिक्षक करेंगे।


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