Shivpuri News- जिले के 8 हजार शिक्षकों की मोबाइल से मॉनिटरिंग, कही स्कूल तो बंक नही कर गए मास्टर साहब

शिवपुरी
। शिवपुरी जिले में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था पटरी पर लाने के लिए कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने शिक्षा से जीर्णोद्धार योजना शुरू की है। इस योजना में जिले के 3000 स्कूलों पर अब डीईओ कार्यालय के कंट्रोल रूम से रखी जाऐगी। इस योजना के तहत जिले के लगभग 8 हजार शिक्षकों को कंट्रोल रूम से फोन और वीडियो कॉल के जरिए लोकेशन लेंगें,कि शिक्षक स्कूल में है यह स्कूल को बंक कर गया है। इस योजना को अमलीजामा पहनाया जा रहा है और डीईओ ऑफिस में कंट्रोल रूम बनाने की तैयारी जोरों पर है।

सुबह 10:30 से शाम 4:30 के बीच होगी कॉलिंग

कंट्रोल रूम से यह फोन सुबह 10:30 से शाम 4:30 के मध्य जाएंगे। इस दौरान लापरवाही मिलने पर उसी दिन समीक्षा के आधार पर लापरवाहों पर कार्रवाई की कवायद भी शुरू हो जाएगी। सबकुछ ठीक रहा तो इसी हफ्ते शिक्षकों पर मोबाइल के जरिए नजर रखने की यह व्यवस्था धरातल पर दिखने लगेगी।

नई प्रक्रिया के तहत लेकर स्कूल में पदस्थ शिक्षकों व अतिथि शिक्षकों के साथ-साथ मैदानी अमले में शामिल सीएसी को सुबह 10:30 से शाम 4:30 के बीच अपने मोबाइल चालू रखने होंगे। यदि मोबाइल बंद या कवरेज क्षेत्र से बाहर होने की स्थिति मिलती है तो उसे गैर हाजिर माना जाएगा। यही कारण है कि सभी जन शिक्षकों को हिदायत दी गई है कि यदि उनके क्षेत्र के किसी स्कूल पर नेटवर्क नहीं आता है तो वे उनकी सूची तत्काल निरीक्षण प्रकोष्ठ को उपलब्ध कराएं। इस दौरान मॉनिटरिंग अमले की भी क्रॉस चैकिंग कंट्रोल रूम से होगी।

पहली बार हाई व हाई सेकेंडरी स्कूल भी शामिल जिले में सामान्य मोबाइल काल के जरिए का प्रयोग करीब सात साल पहले तत्कालीन डीपीसी शिरोमणि दुबे ने जिला शिक्षा केंद्र के माध्यम से शुरू की थी, हालांकि इस व्यवस्था में सिर्फ प्रायमरी व मिडिल स्कूलों को ही शामिल किया गया था, लेकिन हाल ही में कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह विद्या से जीर्णोद्धार योजना के तहत प्रारंभ की, जिसमें स्कूलों के निरीक्षण, संचालन और शिक्षकों की पूरे समय स्कूल में उपस्थिति पर फोकस किया है। इसी क्रम में अब पुरानी मोबाइल मॉनिटरिंग को नए और सशक्त रूप में डीईओ समर सिंह राठौड़ ने लागू करने की रूपरेखा तैयार की है। इस योजना में पहली बार प्राइमरी व मिडिल के साथ हाई व हायर सेकंडरी सहित सीएम राइज स्कूलों की मोबाइल मॉनिटरिंग की जद में लिया है।

छह सदस्यीय निरीक्षण दल का हुआ गठन

इस पूरी कवायद के लिए जिला स्तर पर छह सदस्सीय निरीक्षण प्रकोष्ठ का भी गठन कर दिया गया है। इसमें शिक्षा विभाग के राजपत्रित स्तर के अधिकारी तो हैं ही, साथ ही कम्प्यूटर आपरेटर व लिपिक भी शामिल रहेंगे। कंट्रोल रूम पर अधिकृत मोबाइल नंबर के साथ- साथ कम्प्यूटर भी रहेगा, जहां हर काल के बाद निरीक्षण की स्थिति को कंप्यूटर में लिपिबद्ध किया जाएगा। निरीक्षण के इस डाटा के आधार पर संबंधित बीईओ, बीआरसीसी व संकुल प्राचार्य से समीक्षा के बाद कार्रवाई को अमल में लाया जाएगा।

कम से कम 50 स्कूलों को काल

प्रत्येक दिन कंट्रोल रूम से जिले के आठों विकासखंड में से प्रत्येक के एक-एक हाई व हायर सेकेण्डरी व दो-दो प्रावि व मावि में फोन लगाए जाएंगे, यानि कम से कम 50 स्कूलों की निगरानी मोबाइल से होगी। यह संख्या और अधिक भी बढ़ाई जा सकती है।

कलेक्टर ने शिक्षा से जीर्णोद्धार योजना प्रारंभ की गई है, जिसमें स्कूलों के नियमित निरीक्षण व मूल्यांकन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मोबाइल मॉनिटरिंग शुरू कर रहे हैं। इसके लिए छह सदस्यीय निरीक्षण प्रकोष्ठ का भी गठन कर लिया गया है। मॉनिटरिंग के दौरान लापरवाही मिलने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। - समर सिंह राठौड़, डीईओ शिवपुरी।