Karera News- दबंगों की कैद में गुप्तेश्वर महादेव, तहसीलदार के आदेश के बाद भी अतिक्रमण मुक्त नहीं

करैरा।
शिवपुरी जिले की करैरा तहसील के अंतर्गत आने वाले दिनारा कस्बे में काफी प्राचीन सिद्ध स्थान गुप्तेश्वर महादेव का मंदिर बना हुआ है जिसका निर्माण तत्कालीन औरछा नरेश महाराज वीर सिंह जूदेव ने करवाया था। तभी उन्होंने मंदिर के रख-रखाव के लिये भूमि भी दान की थी, लेकिन गांव के दबंगों ने उक्त भूमि के कूट रचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी विक्रय पत्र करा कर अवैध कब्जा पूर्व में कर लिया था। इस पर तहसीलदार ने इनके खिलाफ बेदखली का एक वर्ष पूर्व आदेश भी पारित कर दिया, लेकिन आज तक इन दबंगो से मंदिर को जमीन मुक्त नहीं कराई गई।

इस पर गांव के दबंग धनीराम, मक्खन, भगवत एवं हरिराम ने फर्जी विक्रय पत्र के आधार पर कब्जा कर रखा है। जबकि नायब तहसीलदार करैरा द्वारा दिनांक 24 दिसंबर 2021 को पारित आदेश में मध्यप्रदेश भू राजस्व संहिता 1959 की धारा 248 के अंतर्गत इन दबंगों को दोषी मानते हुए बेदखली आदेश सहित इन पर 5-5 हजार का जुर्माना भी किया गय था।

लेकिन एक साल बाद भी मंदिर की जमीन खाली नहीं हो सकी जो प्रशासन की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह बना हुआ है। उल्लेखनीय है कि स्टेट टाइम से गुप्तेश्वर महादेव मंदिर के नाम पर गम आवास में इसलिए जमीन प्रदान की गई थीं कि इस भूमि से जी खेती हो वह मंदिर की पूजा अर्चना एवं निर्माण कार्य में उपयोग की जा सके।

15 बीघा जमीन पर है 25 सालों से कब्जा

दिनारा स्थित प्राचीन गुप्तेश्वर महादेव मंदिर का सर्वे संख्या 412, 442, 441, 440, 439, 415, 471, 410, 220 जिसका कुल रकबा एक दशमलव 65 हेक्टेयर लगभग 15 बीघा है। उक्त सम्पूर्ण भूमि पर 25 सालों से कब्जा कर खेती कर रहे है।

ग्रामीणों का कहना है कि इस मंदिर की भूमि विक्रय पत्र किसने कब और कैसे संपादित किया यह जांच का विषय है। इसमें कौन लोग दोषी है उनके विरुद्ध कलेक्टर शिवपुरी को उक्त मंदिर के व्यवस्थापक होने के नाते जांच करानी चाहिए जो लोग दोषी पाए जाते है उनके विरुद्ध ठोस दंडात्मक कार्यवाही होना चाहिए क्योंकि यह भूमि विक्रय से वर्जित है फिर इस भूमि को कैसे बेचा गया. आज भी भूअभिलेख, खसरा, खतौनी एवं कंप्यूटर अभिलेख में यह जमीन गुप्तेश्वर महादेव मंदिर के नाम पर दर्ज है।

इनका कहना है
गुप्तेश्वर महादेव मंदिर की जमीन का फर्जी विक्रय पत्र जिसने भी तैयार किया हो वह 18 मार्च 1997 का आदेश अपास्त हो गया है तो उन दबंग लोगों को जमीन छोड़ देना चाहिए। लेकिन वह पुरानी अपास्त की गई रजिस्ट्री के आधार पर इस मंदिर की जमीन पर आज भी अतिक्रमण किए हुए है। आए दिन मुझे जान से मारने की धमकी देते हैं कि आप इस जमीन के मामले में नहीं पडे, उक्त मामले में मैंने दिनारा थाना प्रभारी को पूर्व में आवेदन भी दिया था जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
शिवभूषण तिवारी, पुजारी