सम्मेद शिखर को पर्यटक नहीं पवित्र क्षेत्र घोषित करे, बामौरकलां में भी जैन समाज का विरोध- Shivpuri News

बामौरकलां।
शिवपुरी जिले के पिछोर विधानसभा में आने वाले कस्बे और जिले की सीमा से सटी जिले के सबसे बडी पंचायत बामौरकलां में जैन समाज ने सरकार के द्वारा पर्वतराज को पर्यटक स्थल घोषित करने के विरोध दर्ज कराया। जैन समाज ने एक स्वर में कहा कि सम्मेद शिखर सिद्ध क्षेत्र हम सबके लिए शाश्वत और पावन क्षेत्र है। क्षेत्र को सरकार द्वारा पर्यटन स्थल घोषित कर धार्मिक स्थल से खिलवाड़ किया जा रहा है, जबकि इस सिद्ध क्षेत्र को पर्यटन स्थल की जगह पवित्र स्थल घोषित करना चाहिए। सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम का जैन समाज विरोध करता है और मांग करता है कि सिद्ध क्षेत्र सम्मेद शिखर के साथ सरकार खिलवाड़ ना करें।

इसलिए सरकार कान खोल कर सुन ले, हम अपनी बात ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और देश के गृहमंत्री तक पहुंचा रहे हैं, ताकि सरकार हमारी बातों को मान ले। जैन समाज अहिंसक है, किंतु कायर नहीं, इस बात को भी सरकार बेहतर ढंग से समझ ले। यह बात जैन समाज के सम्मेद शिखर बचाओ अभियान के तहत पिछोर विधानसभा के बामौरकलां पंचायत में निकाली गई जागरूकता रैली के बाद सौंपे गए ज्ञापन में प्रदर्शन के दौरान जैन समाज द्वारा कही गई।

जैन समाज ने सरकार के समक्ष यह रखी मांगे

सम्मेद शिखर जी को पर्यटन स्थल नहीं पवित्र क्षेत्र घोषित करे केंद्र सरकार
पारसनाथ पर्वतराज को वन्य जीव अभ्यारण्य, पर्यावरण पर्यटन के लिए घोषित इको सेंसिटिव जोन के अंतर्गत जोनल मास्टर प्लान व पर्यटन मास्टर प्लान, पर्यटन, धार्मिक पर्यटन सूची से बाहर किया जाएँ।

पारसनाथ पर्वतराज, को बिना जैन समाज की सहमति के इको सेंसिटिव जोन के अंतर्गत वन्य जीव अभयारण्य का एक भाग और तीर्थ माना जाता है लिखकर तीर्थराज की स्वतंत्र पहचान व पवित्रता नष्ट करने वाली झारखंड सरकार की अनुशंसा पर केंद्रीय वन मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना क्र 2795 दिनांक 02 अगस्त 2019 को अविलंब रद्द किया जाए।
पारसनाथ पर्वतराजश् और मधुवन को मास.मदिरा बिक्री मुक्त पवित्र जैन तीर्थ स्थल घोषित किया जाए।
पर्वत राज की वंदना मार्ग को अतिक्रमण वाहन संचालन व अभक्ष्य सामग्री बिक्री मुक्त कर यात्री पंजीकरणएसामान जांच के लिए ब्त्च्थ् व स्कैनरएब्ब्ज्ट कैमरे सहित दो चेक पोस्ट चिकित्सा सुविधा सहित बनाये जाए।
पर्वतराज से पेड़ों का अवैध कटान पत्थरों का अवैध खनन और महुआ के लिए आग लगाना प्रतिबंधित हो।