दतिया से शिवपुरी घूमने निकली थी महिला, संदूक में निकले कैंची,चाकू और ब्लेड, बोली में नहीं जानती- Shivpuri News

शिवपुरी।
शिवपुरी में स्थित अपना घर आश्रम दिव्यांग और निरोश्रितो के लिए भगवान का वरदान बनता जा रहा है,कहते है कि नर सेवा ही नारायण सेवा है,इसलिए यहां रहने वाले दिव्यांग और निराश्रित लोगों को सम्मान सूचक शब्द प्रभुजी के नाम से पुकारा जाता है,दतिया में निवास करने वाली मानसिक रूप से कमजोर महिला के लिए फिर अपना घर आश्रम वरदान बना,उसे आश्रम के संचालको ने सुरक्षित घर पहुंचाया जिससे वह किसी अनहोनी से भी बच गई।

कैलाश दुबे ने बताया कि वह अपना घर आश्रम सिरसौद से शिवपुरी की ओर कार से अध्यक्ष और अपना घर में सेवारत गौरव जैन के साथ आ रहे थेए तभी दो बत्ती चौराहे के पास उन्हें एक युवती मानसिक रूप से दिव्यांग स्थिति में लगी। जो अपने साथ एक संदूक लिए खड़ी थी। युवती से पूछा कि कहां जाना है तो वह कुछ जवाब न देते हुए इतना बोली कि शिवपुरी घूमने आई हूं और यहां सब चीजें देखूंगी। जब पूछा गया कि शिवपुरी में कोई रिश्तेदार है क्या उनका नाम बताएं तो वह बोली कि मैं तो अकेली ही आई है और अकेली ही जाऊंगी। मैं यहां किसी को नहीं जानती।

रात अधिक होने और ठंड की वजह से युवती के इस व्यवहार को देखकर कैलाश दुबे और उनके साथियों के मन में विचार आया कि क्यों न इन्हें महिला अपना घर आश्रम में ले जाया जाए जहां इनकी देखरेख होगी और सुबह जानकारी लेंगे। युवती से पूछने पर वह अपना घर जाने के लिए राजी हो गई।

महिला का आश्रम में जब उसके संदूक को खोला गया तो उसमें चाकू, ब्लेड और अन्य सामग्री के साथ एक स्लिप लिखी मिली जिस पर दतिया लिखा हुआ था और एक मोबाइल नंबर भी था। इस नंबर पर संपर्क कर जब महिला के बारे में पता लगाया तो वह दतिया की निकला और नंबर रिश्तेदारों का था। दोपहर में जब परिजन दतिया से उन्हें लेने आए तो उनसे आधार कार्ड से तस्दीक कर महिला को उनके सुपुर्द कर दिया।