Shivpuri News- जेल में कैदी की मौतः प्रताडित कर 25 हजार मांगें, इसलिए लटका फांसी पर-भाई का आरोप

शिवपुरी। सर्किल जेल शिवपुरी में शुक्रवार को की दोपहर जेल मे बंद कैदी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। कैदी की मौत के बाद जेल प्रशासन पर कई सवाल उठने शुरू हो गए हैं। अस्पताल चौराहे पर स्थित पीएम हाउस पर मृतक कैदी के बडे भाई ने जेल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भाई ने आरोप लगाया हैं कि उसे प्रताड़ित किया जा रहा था और 25 हजार रुपए की मांग की जा रही थी इस प्रताडना से तंग आकर उसने ऐसा कदम उठाया है। मृतक कैदी को 5 नवंबर को नाबालिग के अपहरण और बलात्कार के मामले ने न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

सुरवाया थाना क्षेत्र से भगाकर ले गया था नाबालिग विवाहिता को

सुरवाया थाना क्षेत्र में एक फार्म हाउस से पातीराम पुत्र परमा आदिवासी उम्र 24 साल निवासी वेदमउ थाना क्षेत्र रन्नौद एक नाबालिग विवाहिता को भगा ले गया था। नाबालिग विवाहिता था उसकी शादी हो चुकी थी,पातीराम भी शादी शुदा था। विवाहित पातीराम के घर के सामने बैदमऊ में ही रहती थी दोनो का बचपन का प्यार था। दोनों की शादी के बाद भी प्यार चलता रहा।

नाबालिग अपने पिता के साथ फार्म हाउस पर मजदूरी करने आई थी और पातीराम भी मजदूरी करने आया था। पातीराम मौका पाकर नाबालिग को भगा ले गया। नाबालिग के पिता ने सुरवाया थाने में अपनी नाबालिग बेटी का अपहरण करने का मामला पातीरात पर दर्ज करा दिया। बताया जा रहा है कि यह दोनों 15 दिन वापस लौटे थे। पुलिस ने पातीराम को गिरफ्तार कर बलात्कार की धाराओं में इजाफा करते हुए जेल भेज दिया। बताया जा रहा है कि पातीराम 6 माह के बाद जमानत पर जेल से बहार आ गया था। 5 नवंबर को इसी मामले में पातीराम को 20 साल की सजा न्यायालय ने दी थी।

भाई बोला एक दिन पहले ही मिलकर आया था,मुझसे कहा था

पातीराम आदिवासी के बडे भाई जनवेद आदिवासी ने मीडिया को बताया कि वह गुरूवार को पातीराम से जेल मिलने पहुंचा था और उसे गर्म कपड़े देकर आया था उसने बताया कि मुझे पुलिस वाले प्रताड़ित कर रहे है और 25 हजार रुपए मांग रहे है बडा परेशान हूं किसी भी तरह मुझे जेल से बहार निकाल लो। इसी प्रताडना से तंग आकर मेरे छोटे भाई ने फांसी लगाइ हैं।

यह कहा जेल अधीक्षक रमेश चंद्र आर्य ने

जेल अधीक्षक रमेश चंद्र आर्य के अनुसार उन्हें पातीराम के साथियों ने बताया है कि गुरुवार को पातीराम की मुलाकात आई थी। इस मुलाकात के दौरान उससे मिलने आए लोगों ने उसे बताया कि जिस लड़की के लिए वह जेल आया है' वह अब उससे बेवफाई करके किसी और के साथ रहने को राजी हो गई है। इसके बाद पातीराम उदास सा हो गया।

बकौल जेल अधीक्षक इसी क्रम में शुक्रवार की दोपहर उसने प्रहरी से कहा कि उसे दस्त लग रहे हैं और वह फ्रेश होने के लिए बाथरूम में गया वहीं पर उसने पार्टीशन के ऊपर चढ़ कर छत पर निकल रहे एक सरिये में अपने टोपे के नाड़े से लटककर फांसी लगा ली। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है।

सवाल प्रताड़ना या प्यार में पागल-कैसे नापा जाएगा पैमाना

पातीराम के बडे भाई जनवेद आदिवासी का कहना है कि उसे प्रताड़ित किया जा रहा था और पैसो की डिमांड की जा रही थी,उधर जेल अधीक्षक के अनुसार वह प्रेमिका की बेवफाई से आहत था इसलिए उसने ऐसा कदम उठाया दोनों ही मामलों में मानसिक परेशानी सामने आ रही हैं लेकिन सवाल यह भी उठ रहा हैं कि पातीराम ने टोपे के नाडे से फांसी लगाया जाना बताया जा रहा हैं टोपे में ऐसा कौन सा नाडा होता है जिसमें इतने बडी रस्सी होती हैं ओर इतनी मजबूत।

जेल प्रबंधन पातीराम की लवस्टोरी का प्रेशर बता रहा हैं। उसके भाई ने बताया है कि वह कभी भी उससे जेल में मिलने नही गई। बल्कि उसकी शादी 6 माह पूर्व दूसरी जगह हो चुकी हैं। कुल मिलाकर मामला फिलहाल उलझा हुआ है शिवपुरी की बदनाम जेल में एक कैदी ने मौत हो गई है,इस ममाले मेें जांच मजेस्ट्यिल जांच शुरू हो चुकी हैं।