Shivpuri News- कम्प्यूटर ऑपरेटर ने प्रधानमंत्री आवास योजना की 19 लाख रुपए की राशि हड़पी

शिवपुरी। नगर पंचायत करैरा में कलेक्टर दर पर कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेटर जितेंद्र गौड़ ने 19 लाख रुपए की राशि का गबन किया है। उक्त आरोपी ने अनाधिकृत रूप से योजना की राशि अपने परिचित उन लोगों के खाते में डाल दी जिन्हें पहले ही आवास योजना की राशि भेजी जा चुकी थी।

उक्त लोगों ने बताया कि कम्प्यूटर ऑपरेटर ने गलती से राशि जारी होना बताकर उनसे पूरी रकम ले ली है। बताया जाता है कि मामले की जानकारी जैसे ही नगर परिषद के अधिकारियों के संज्ञान में आई तो उन्होंने जितेंद्र को तीन नोटिस जारी किए। लेकिन उसने किसी का भी जबाव नहीं दिया। इस मामले में नगर परिषद करैरा के सीएमओ ताराचंद्र धुलिया ने करैरा थाने में आरोपी के विरूद्ध प्रकरण दर्ज करा दिया है और आरोपी को नौकरी से हटा दिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

सीएमओ ताराचंद्र धुलिया ने बताया कि उनके कार्यालय में पदस्थ कम्प्यूटर ऑपरेटर जितेंद्र पुत्र काशीराम गौड़ पीएम आवास की राशि डालने और अन्य कामों को करता है। जितेंद्र के पास पूर्व से ही पीएफएमएस पोर्टल के माध्यम से भुगतान करने के लिए चेकर आईडी एवं मेकर आईडी के पासवर्ड हैं। पीएम आवास योजना के साढ़े 26 लाख रुपए की राशि वितरित होनी थी। लेकिन खाते में पर्याप्त राशि नहीं थी। कम्प्यूटर ऑपरेटर जितेंद्र गौड़ सीएमओ के डिजिटल सिग्नेचर का इस्तेमाल करता है। जब जितेंद्र गौड़ से पूछा गया तो उसने बताया कि गलती से 19 लाख रूपए का अतिरिक्त भुगतान हो गया है। जिन 26 हितग्राहियों के खाते में उक्त राशि डाली गई है उन्हें पूर्व में ही पीएम आवास की राशि मिल चुकी थी।

इन हितग्राहियों के खाते में अवैध तरीके से डाली राशि
सायरा बानो, फारूक खान, रफीक खान और बबली विश्वकर्मा, मुबारिक, फूलवती, जुवेदा बेगम, मनोज कुमार, शांति, साहिद खान, कलावती, लालाराम, खेमराज कोली, रज्जाक मोहम्मद, भगवानदास, ऋषि सैन, विनीता और जाहिर खान के खातों में 50-50 हजार रूपए। राकेश, राशिद और रामा चौधरी, लक्ष्मी के खाते में डेढ़-डेढ़ लाख रूपए। वीरेंद्र कुशवाह, सादाव, मोहम्मद युसूफ खान, धर्मेंद्र के खाते में एक-एक लाख रूपए की राशि डाली गई है। इन लोगों ने बताया कि आरोपी उनसे पूरे पैसे ले चुका है।

इनका कहना है-
29 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना की किश्त जारी होनी थी। खाते में 45.50 लाख रूपए थे लेकिन ऑपरेटर ने 15 लाख रुपए बताए। छानबीन की तो पूरा फर्जीवाड़ा सामने आया। ऑपरेटर ने अप्रैल से 3 सितम्बर तक 29 लाख रुपए अन्य हितग्राहियों के खाते में राशि जारी कर दी। जबकि यह हितग्राही पहले ही पूरी किस्त ले चुके थे। इस मामले में पुलिस थाने में जितेंद्र के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कराया जा रहा है।
ताराचंद्र धुलिया, सीएमओ करैरा नगर परिषद