RSS का पथ संचलन:16 शाखा स्थलों से कदम से कदम मिलाते हुए निकाला गया

शिवपुरी । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस के अवसर पर बुधवार को शहर में संघ के स्वयंसेवकों द्वारा पथ संचलन निकाला गया। पथ संचलन शहर में लगभग 16 शाखा स्थलों से निकाला गया जिसमें 98 मोहल्लों से पंक्तिबद्ध कदम से कदम मिलाते हुए निकाला गया।

जिसमें लगभग 654 स्वयंसेवकों ने शामिल रहे। ज्ञात हो कि आर एस एस संघ की स्थापना 1925 में नागपुर स्थित मोहिते के बाड़े में विजयादशमी के दिन की गई थी। तब से लेकर आज तक विजयादशमी के दिन आरएसएस अपना स्थापना दिवस मनाता आ रहा है जिसको लेकर विभिन्न शाखाओं द्वारा पथ संचलन निकाला जाता है।

इस वर्ष संघ की स्थापना का यह 97 वा वर्ष है बुधवार को शहर के विभिन्न स्थानों पर संघ की शाखाएं लगाई गई इस दौरान आर एस एस के वरिष्ठ पदाधिकारियों का बौद्धिक भी हुआ साथ ही शस्त्र पूजन भी किया गया शिवपुरी शहर में  16 बस्तियों ने भागों में पथ संचलन निकाला गया।

पथ संचलन में ध्वज वाहिनी घोष और घोष दंड शामिल थे पथ संचलन में सभी स्वयंसेवक हाथों में दंड लिए कदमताल मिलाते हुए चल रहे थे पथ संचलन का जगह.जगह पुष्प वर्षा से भव्य स्वागत भी हुआ। कई स्थानों पर पथ संचलन का संगम भी देखने को मिला।

संघ के प्रचारक व विस्तारकों ने अपने संबोधन में बताया कि कैसे 9 दिन व्रत रखकर शक्ति की उपासना देवताओं द्वारा की गई। तदोपरांत देवी दुर्गा के रूप में उत्पन्न हुई। देवताओं की संगठित शक्ति का प्रतीक देवी दुर्गा ने महिषासुर रक्तबीज जैसे राक्षसों का वध किया। और आगे कहा कि देश को आजाद हुए 75 वर्ष हो गए हैं।

वर्षों के संघर्ष में करोड़ों लोगों के बलिदान के बाद आजादी मिली। राजा दाहिर से लेकर महाराणा सांगा, महारानी पद्मावती, रानी दुर्गावती, गुरु अर्जुन देव जी, गुरु, तेग बहादुर जी, गुरु गोबिंद सिंह जी, वीर हकीकत राय के बलिदानों के कारण धर्म की रक्षा हुई। अंग्रेजों से मुक्ति के लिए एक लंबा संघर्ष चला।

लाला लाजपतरायए शहीद भगत सिंहए राजगुरूए सुखदेवए करतार सिहं सराभाए मदनलाल ढींगडा जैसे महान बलिदानी अंग्रेजों के सामने झुके नहींए ताकि आने वाली पीढिय़ां सम्मान से जी सके।