नामीबिया से आई मादा चीता आशा उम्मीद से, देश में 7 दशक बाद देश में जन्म लेगा चीता- Shivpuri News

शिवपुरी। 70 साल बाद देश की धरा पर नामीबिया से आई चीता आशा उम्मीद है कूनो के अधिकारी उम्मीद कर रहे है कि आशा के गर्भवती होने की पुष्टि अक्टूबर के अंत तक हो सकती है,बताया जा रहा है कि 3 वर्षीय मादा चीता जिसका नाम मोदी से आशा रखा था उसमें गर्भवती होने के प्रथम लक्षण दिखते हैं। अगर आशा उम्मीद से है और भारत की धरा पर बच्चा जन्म देती हैं,तो कूनो के चीता प्रोजेक्ट में चार चांद लग जाएंगे, भारत की धरती पर विलुप्त प्रजाति चीता का आना और उनके वंश में वृद्धि   के   समाचार भी कुछ ही दिन में आना इस प्रोजेक्ट की सफलता का सूचक हैं।

चीतों की निगरानी करने वाली टीम के अधिकारियों के अनुसार आशा में एक गर्भवती मादा चीता वाले सभी लक्षण हैं। आशा की उम्र साढ़े तीन साल बताई जा रही है। कुनो में उन पर कड़ी नजर रखने वाले अधिकारियों ने बताया कि इस चीते में गर्भावस्था के सभी लक्षण और हार्मोनल लक्षण दिखाई देते हैं। वहीं अक्टूबर के अंत तक ही आशा के गर्भवती होने की पुष्टि हो सकेगी। चीता संरक्षण कोष (CCF) के कार्यकारी निदेशक मार्कर ने कहा कि यदि चीता के गर्भवती होने की पुष्टि होती है तो राष्ट्रीय उद्यान में चीता की विशेष देखभाल और सुरक्षा की व्यवस्था की जाएगी।

नामीबिया के साथ हुए समझौते के आधार पर पांच मादा चीता और तीन नर चीतों को 17 सितंबर को विशेष विमान से भारत लाया गया। 1952 से देश में चीता एक विलुप्त प्रजाति है। ऐसे में सात दशक बाद भारत की धरती पर चीते का जन्म होगा। नन्‍हें चीतों के आगमन के लिए कुनो नेशनल पार्क भी पूरी तरह से तैयार है।