शिवपुरी मप्र के गंदे शहर की सूची में दूसरे स्थान पर,पिछोर प्रदेश में 12 वे स्थान पर: FIR की तैयारी- Shivpuri News

शिवपुरी। स्वच्छ सर्वेक्षण का रिजल्ट घोषित हो चुका है शिवपुरी शहर को मध्य प्रदेश की सबसे गंदे शहरों की सूची में नंबर 2 का स्थान मिला है,या यूँ कह लो की मध्यप्रदेश की 27 नगर पालिकाओं की सूची में 25 वें पायदान पर रहा हैं नीचे से दूसरा स्थान हैं। इसके लिए नगर पालिका शिवपुरी के फोन न उठाने वाले सीएमओ शैलेष अवस्थी बधाई के पात्र हैं। क्यों की शहर के लोग अपने घरो के आगे कचरा न उठाने को लेकर फोन करते थे फोन नहीं उठता तो सोशल पर कचरे को पोस्ट कर अपनी पीड़ा भी बताते थे।

शिवपुरी स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 के परिणामों में  शिवपुरी नगर पालिका ने टाप 100 में अपनी जगह तो बचा ली, लेकिन प्रवेश में उसका प्रदर्शन एक बार फिर निराशाजनक रहा। प्रवेश की रैंक में शिवपुरी पीछे से टाप टू में आया है। परिणामों के अनुसार शिवपुरी नगर पालिका अपनी कैटेगरी में प्रदेश की दूसरी सबसे अस्वच्छ नगर पालिका है।

शिवपुरी नगर पालिका की प्रवेश की 25 नगर पालिकाओं में से 27वीं रैंक है। वसी देश में 382 में से 70 रैंक मिली है। वहीं पिछले साल एक से 10 लाख की आबादी में शिवपुरी की नेशनल रैक 04 थी जिसमें थोड़ा सुधार हुआ है। उल्लेखनीय है कि यह परिणाम उस दौरान के है जब नगर परिषद नहीं थी और इसके प्रशासक खुद अमला और अच्छे खासे संसाधन होने के बाद भी प्रदेश में शिवपुरी का प्रदर्शन लगातार गिरा है।

जबकि अन्य जिलों में खुद में सुधार किया है। स्वच्छ सर्वेक्षण के परिणामों पर कुछ भी बोलने से सीएमओ शैलेश अवस्थी बचते हुए नजर आए। इस संबंध में सीएमओ को कॉल किया गया तो उन्होंने फोन ही रिसीव नहीं किया।

दावे धराशायी, प्रदेश में गिरा प्रदर्शन
जब पिछले परिणाम आए थे तो नगर पालिका ने दावा किया था कि इस बार शिवपुरी को टॉप 10 शहरों में शामिल करने का प्रयास करेंगे। इसका जमकर प्रचार प्रसार भी किया गया लेकिन अधिकारियों के दावे परिणामों में पूरी तरह धराशाई हो गए। उल्टा प्रदेश स्तर पर शिवपुरी नगर पालिका को प्रदर्शन और खराब हुआ है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में शिवपुरी प्रदेश में पीछे से चौथे स्थान पर था।

यह बनी कमजोरी
सड़कों की सफाई, सार्वजनिक शौचालयों की सफाई नालों की सफाई खुले में कचरा फेंकने के स्थानों पर सर्वेक्षण टीम को स्थिति अच्छी नहीं मिली। इसमें नगर पालिका का स्कोर 50 से 75 प्रतिशत रहा।

यहां अच्छा रहा प्रदर्शन
डोर टू डोर कचरा कलेक्शन, सुंदरीकरण, बाजारों की सफाई, रहवासी क्षेत्रों की सफाई, रहवासी क्षेत्रों में हर दिन अडू लगाने में नगर पालिका का प्रदर्शन बेहतर रहा। इसमें नगर पालिका को 90 प्रतिशत से अधिक अंक मिले। वही जल क्षेत्रों की सफाई में प्रदर्शन औसत रहा।

कंसल्टेंट की वजह से शहर के अंक घटे, एफआईआर की तैयारी
स्वच्छता सर्वेक्षण में दस्तावेजीकरण का अहम स्थान रहता है। इसका काम बाहर की कंसल्टेंट कंपनी ने हाथों में लिया था। साल 2022 के स्वच्छता सर्वेक्षण में कंसल्टेंट ने कर्मचारियों को कम वेतन दिया जिससे कर्मचारियों ने काम ठीक नहीं किया। बीच में ही काम प्रभावित हो गया।

 लिहाजा दस्तावेजीकरण का काम ठीक से नहीं हो सका। इस कारण शिवपुरी शहर की रैंकिंग प्रभावित रही। पिछले दिनों नगर परिषद के सम्मेलन में नपा सीएमओ शैलेश अवस्थी ने मामले को रखा था। जिसमें कंसल्टेंट पर एफआईआर दर्ज कराने की बात कही।

15 हजार सिटी में पिछोर 19वें व प्रदेश में 12वे स्थान पर
नगर परिषद स्तर की 15000 सिटी की जोन के आधार पर अलग से रैंकिंग जारी की गई है। वेस्ट जोन की 15 हजार सिटी में पिछोर की रैंकिंग 19 रही जो जिले में सबसे अच्छी है। पिछोर प्रदेश स्तर पर 12वें स्थान पर रहा। वहीं सबसे खराब प्रदर्शन बदरवास नगर का रहा। बदरवास 15 हजार सिटी में 139 वे और प्रदेश में 100वें स्थान पर रहा। शिवपुरी जिले की निकायों में सबसे कम रैंकिंग बदरवास की रही।