TI का डंडा कांड: हाईकोर्ट के डंडे के डर से पाहेरी TI सहित 3 पुलिसकर्मी लाइन अटैच- Shivpuri News

शिवपुरी। पोहरी TI जितेन्द्र चंदोलिया का डंडा कांड की हाईकोर्ट में सुनवाई शुरू हो चुकी है,इसी कारण हाईकोर्ट के डंडे के डर से शिवपुरी पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह चंदेल ने 2 सितंबर की रात पोहरी थाना प्रभारी,पोहरी थाने में पदस्थ ASI और एक आरक्षक को लाइन अटैच कर दिया है। इसी डंडा काण्ड में इससे पूर्व पोहरी थाने में पदस्थ ASI सहित एक अन्य पर FIR दर्ज हो चुकी हैं।

बीते 3 जुलाई को एएसआई धुर्वे, बाईसराम धाकड़,व ग्रामीण सेवक यादव एक ही बाईक पर सवार थे। तभी पोहरी थाना पुलिस इस बाइक का पीछा अपने वाहन से कर रही थी। पीछा करते हुए पोहरी पुलिस ने बाइक पर सबसे पीछे बैठे हुए बाईसराम धाकड में डंडा मार दिया जिससे वह गिर कर घायल हो गया,बताया जा रहा है कि बाईसराम कोमा में चला गया और ग्वालियर में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

मृतक के भाई शिवराज का बयान

मृतक बाइसराम धाकड़ निवासी झिरी के भाई शिवराज के अनुसार 3 जुलाई को उसका भाई बाइसराम एक ग्रामीण सेवक यादव व पुलिस विभाग में पदस्थ अमरौदा निवासी दरोगा भूपेंद्र के साथ रिश्तेदारी में गोबरा भीमपुर जा रहा था। इसी क्रम में पुलिस को सूचना मिली कि बाइसराम चुनाव में वोट प्रभावित करने के लिए शराब बांटने के लिए जा रहा है। उक्त सूचना पर पुलिस ने बाईसराम का पीछा किया।

पुलिस की गाड़ी को देख सेवक यादव ने बाइक और तेजी से भगाई तो पुलिस की गाड़ी में बैठे दरोगा ने चलती बाइक पर ही भूपेंद्र के कंधे पर टंगे बैग को पकड़ कर खींच दिया। इसके कारण बाइसराम बाइक से जमीन पर गिर गया और बाइसराम के सिर में गंभीर चोट आ गई। इसके बाद पुलिस ने बुलेरो कार रोक कर बाइसराम के सिर में लाठी मार दी।

शिवराज के अनुसार इसके बाद पुलिस बाईसराम का इलाज कराने की बजाय उसे थाने ले गई। जब उसकी तबीयत अधिक बिगड़ गई तब परिजनों को सूचित किया। परिजनों ने इस मामले में जांच के लिए एसपी शिवपुरी को आवेदन दिया था और इस मामले की जांच पोहरी एसडीओपी कर रहे थे।

पुलिस ने ASI धुर्वे पर कर लिया मामला दर्ज

पोहरी थाने में एएसआई भूपेंद्र धुर्वे पर धारा 304 ए के तहत मामला दर्ज किया कर लिया गया इसी रंजिश को लेकर भूपेंद्र धुर्वे व रामसेवक यादव उर्फ सेवक यादव अमरौदा के साथ फरियादी के घर पर गाली गलौज कर उसको बयान न देने की कह कर जान से मारने की धमकी दी साथ ही हवा में पिस्टल से फायर करने के आरोप में धारा 294 ए,506 ए, 336 भादवि के तहत मामला दर्ज किया था।

परिजन कार्रवाई से संतुष्ट नही हाईकोर्ट पहुंचे

इस पूरे मामले में एएसआई धुर्वे ने ही परिजनों को बताया था की उसकी मौत पुलिस के डंडे के कारण हुई हैं। पोहरी थाने की इस कार्रवाई से परिजन संतुष्ट नहीं थे,इस कारण मृतक बाईसराम के परिजनों ने हाईकोर्ट मे याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने पुलिस से पूछा कि इस मामले में मृतक के परिजनों ने जो पुलिस पर आरोप लगाए थे,उसमें क्या कार्रवाई की गई.......

चूकि आरोप पोहरी थाना पुलिस पर ही आरोप था और पोहरी पुलिस इस मामले में दूसरा सीन लिख चूकी थी,जिन पुलिसकर्मियों पर बाईसराम के परिजन आरोप लगा रहे थे उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। हाईकोर्ट में इस मामले में जवाब देने के उद्देश्य से एसपी शिवपुरी राजेश सिंह चंदेल ने 2 सितंबर की देर शाम पोहरी थाना प्रभारी जितेंद्र चंदोलिया,एएसआई विकास कौरव और आरक्षक रवि कन्नौजी को लाइन अटैच कर दिया हैं।