सुरेश शाक्य की हत्या के मामले में जिला अस्पताल की 4 नर्स और 2 वार्ड ब्वॉय दोषी, सस्पेंड- Shivpuri News

शिवपुरी।
 तीन साल पहले वार्ड में भर्ती मरीज की गला रेतकर हत्या के मामले में लापरवाह चार नर्स और दो वार्ड को निलंबित कर दिया है। मानव अधिकार आयोग द्वारा मामला संज्ञान में लेने के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभागीय जांच के बाद छह लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों की अनदेखी करना दूसरे ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को भी भारी पड सकता हैं।

जानकारी के अनुसार मरीज सुरेश उम्र 45 साल पुत्र मनीराम शाक्य निवासी शिवपुरी का 13 अगस्त 2019 को किसी ने गला रेतकर हत्या कर दी थी। टीवी वार्ड में मरीज का शव पडा रहा और स्टाफ ड्यूटी करने वाले कर्मचारियो ने कोई सुध नही ली। उसी दिन दोपहर 2ः30 बजेबजे सफाईकर्मी अनीता वाल्मीकि टीबी वार्ड में सफाई करने पहुंची तो पलंग नंबर 3 पर मरीज सुरेश शाक्य की खून से सनी लाश देखी।

सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर आई मामले में केस दर्ज कर छानबीन शुरू की। विवेचना में हत्या के पीछे रिश्तेदार ही निकला। पाटौर कब्जाने को लेकर सुरेश की गला रेतकर हत्या कर दि लेकिन बड़ी बात यह रही कि अस्पताल में ड्यूटी स्टाफ ने मरीज की बिल्कुल भी सुध नहीं ली।


मानव अधिकार के हस्तक्षेप के बाद विभागीय जांच हुई

सुरेश शाक्य की मौत के मामले को मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लिया और विभाग से जवाब तलब किया। विभागीय जांच प्रारंभ हुई और तीन साल बाद जांच पूरी हुई। ज्वाइंट डायरेक्टर ग्वालियर ने चार नर्स को जिम्मेदार माना है, जिसमें इच्छा बिलोन, अंकिता मंडेल और रिंकू सिसोदिया को निलंबित कर दिया है। वहीं सीएमएचओ शिवपुरी ने वार्ड ब्वॉय गोलू बौहरे व संजय शर्मा को सस्पेंड कर दिया है।