SHIVPURI में अब वेधशाला में वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर पकडी जाऐगी मौसम की नब्ज,पढिए कैसे

शिवंपरी। शिवपुरी में पिछले कई सालों से आकलन के आधार पर ही मौसम और वर्षा की जानकारी एकत्रित की जाती थी लेकिन अब यह जानकारी पूर्णतः वैज्ञानिक आधार पर एकत्रित होगी। इसके लिए मौसम विभाग ने शिवपुरी में मौसम वेधशाला स्थापित कर दी है।

इस वेधशाला में मशीनों के आधार पर ऑटोमैटिक और मैनुअल दोनों तरह से मौसम की जानकारी प्राप्त की जाएगी। इस वेधशाला के स्थापित होने से अब पुरानी पद्धतियों के आधार पर बारिश और मौसम की जानकारी से छुटकारा मिल जाएगा।

उल्लेखनीय है कि अभी तक शिवपुरी में 80 के दशक में स्थापित किए तापमापी केंद्र से मौसम के तापमान का अनुमान लगाया जाता था परंतु तब और अब के बीच वह उक्त स्थान पर कई तरह के परिवर्तन होने के कारण वहां से एकत्रित होने वाले डाटा की वैधता पूरी तरह से सही नहीं होती थी। इसी प्रकार यहां बारिश का आकलन भी तहसील पर मोरी से गिरने वाले पानी को गिलास में भरकर किया जाता था।

यह आकलन वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित नहीं होता। ऐसे में न तो तापमान की स्थिति पूरी तरह से सही आ पाती थी और न ही बारिश की। इसी के चलते मौसम विभाग ने शिवपुरी में कलेक्ट्रेट के पीछे आफिसर कालोनी में मौसम वेधशाला स्थापित की है। इस वेधशाला में अब वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर मौसम सहित बारिश का आंकड़ा एकत्रित किया जाएगा। इस वेधशाला के स्थापित होने के उपरांत पुरानी पद्यतियों से छुटकारा मिल जाएगा।

अब यह होगा फायदा
अभी तक शिवपुरी में सिर्फ तापमान और बारिश का आंकड़ा ही निकलकर सामने आ पाता था। मौसम वेधशाला स्थापित होने के बाद यहां दबाबए तापमान, आर्दता, वर्षा, हवा की गति और दिशा व ज्वार आदि का डाटा कलेक्ट किया जा सकेगा, क्योंकि मौसम विज्ञान वेधशाला क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र आरएमसी, चेन्नाई से वर्षा, चक्रवात और हवा की चेतावनी के लिए पूवानुमान प्राप्त करती है।

हर 15 मिनट में होगा आवजर्वेशन
मौसम विज्ञान केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक वेद प्रकाश सिंह के अनुसार शिवपुरी के वेधशाला बनकर तैयार हो चुकी है। इस वेधशाला से अब हर 15 मिनट पर आटोमैटिक आवजर्वेशन किया जाएगा। इसके अलावा सुबह शाम मैनुअल ऑब्जर्वेशन किया जाएगा। ऐसे में मौसम से संबंधित जो भी जानकारी सामने आएगी वह पूरी तरह से प्रमाणिक होगी।