बड़े-बड़े सूरमा चित्त हुए हैं इस निकाय चुनाव में, सेकेंड लीड रोल में नहीं दिखे- Shivpuri News

शेखर यादव @ शिवपुरी। नगरीय निकाय चुनाव में इस बार बड़ा उलटफेर देखने को मिला शहर में अपनी राजनीतिक साख रखने वाले कद्दावर नेता भी अपने ही गढ़ में लाज नहीं बचा सके इस बार के परिणाम बडे ही चौकाने वाले है बडे-बडे दिग्गज को भी चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है।

शिवपुरी शहर की राजनैतिक पृष्ठभूमि होने के बाद भी पदम चौकसे सिंधिया दिष्ट नेता पूर्व नपा उपाध्यक्ष रहे है अपने वार्ड क्रमांक 21 से चुनाव भाजपा के टिकट से लड़ा,लेकिन यह भाजपा की इस लहर में निर्दलीय से हार गए और सामने भी नहीं टिक सके यह अपने वार्ड में तीसरे नंबर पर रहे।

चदशेखर शर्मा चंदू बाबूजी जो की कांग्रेसी के पूर्व कर्मचारी कांग्रेस के अध्यक्ष रहे है बताया जाता है की चंदू बाबूजी कांग्रेस के कद्दावर नेता केपी सिंह के खासमखास माने जाते है इनकी पुत्रवधु कल्याणी दीपक शर्मा न 22 से कांग्रेस पार्टी से चुनावी मैदान में थी इनके भी हार का सामना करना पड़ा हैं। कल्याणी शर्मा चुनाव हार गई साथ ही यह तीसरे नंबर पर रही। कल्याणी शर्मा से आगे निर्दलीय प्रत्याशी सरीन मिर्जा रहे।

सरीन मिर्जा के पति सफदर बेग मिर्जा 3 बार पार्षद रहे है और इस बार भी सफदर बेग कांग्रेस से टिकट की मांग कर रहे थे टिकिट न मिलने के कारण वह बागी होकर निर्दलीय चुनाव लडे। यहां यह लिख सकते है कि सीधा सीधा यह कांग्रेस को एक सीट का नुकसान हो गया।

वही इस चुनाव में निकाय के बडे सूरमा एपीएस चौहान की धर्मपत्नी पीतांबरा चौहान वार्ड क्रमांक 9 से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ी थी। पीतांबरा चौहान को भी हार का सामना करना पडा। एपीएस शहर में कांग्रेस नेताओं में एक बडा नाम हैं और खासकर नगर पालिका में एपीएस अपना बड़ा प्रभाव रखते है। नगर पालिका की एपीएस को बारीकी से जानकारी है। एपीएस चौहान स्वयं और पीतांबरा चौहान 3 बार पार्षद रहे हैं और पीतांबरा चौहान पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष भी रही है। यह इस चुनाव में 186 वोटो से हारी है।

नगर सरकार बनाने के इस चुनाव में वार्ड क्रमांक 07 से पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष गणेशी लाल जैन की पुत्री इंदु जैन ने चुनाव लड़ा था। इंदू जैन महिला जिला कांग्रेस की अध्यक्ष है। अगर अध्यक्ष का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से होता तो नगर पालिका अध्यक्ष के लिए कांग्रेस की ओर से टिकट की दावेदारी में बड़ा नाम होता।

अब यह बड़ा नाम वार्ड में ही हार गया। इंदू जैन को वार्ड क्रमांक 07 से निर्दलीय ने हरा दिया यह दूसरे नंबर पर भाजपा रही वही इंदू जैन ने तीसरा स्थान प्राप्त किया इंदू जैन को वार्ड में केवल 241 लोगो ने ही पसंद किया।

इसी श्रृंखला में अपने उम्र के 6 दशक देख चुके पूर्व भाजपा नेता भोपाल सिंह दांगी अपने गढ से चुनाव हार गए। भोपाल सिंह दांगी को भाजपा के प्रत्याशी ने चुनाव हराया हैं,इस प्रत्याशी वेदांश सेन ने चुनाव हराया हैं। वेदांश की उम्र मात्र 21 साल हैं। भोपाल सिंह दांगी की राजनीतिक उम्र 30 साल से अधिक हैं और अपने वार्ड 38 से दो बार पार्षद रहे हैं।

इस बार भी दांगी ने भाजपा से टिकिट की मांग की थी लेकिन मिला नहीं और वह बागी होकर मैदान में उतरे लेकिन एक 21 वर्षीय नवयुवक ने भोपाल दांगी को चुनाव हारा दिया। दांगी को 38 वार्ड में 312 लोगो ने अपना नेता चुना और तीसरे स्थान पर रहा।

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बात करे आम आदमी पार्टी की तो यह सीट जीतने में नाकाम रही पर पर प्रतिद्वंदियों को कड़ी टक्कर दी वार्ड 39 और वार्ड 13 में आम आदमी पार्टी दूसरे पायदान पर रही अगर बात की जाए कांग्रेस पार्टी की तो भी 7 वार्ड में पीछे रही है भारतीय जनता पार्टी 10 वार्डो में दूसरे स्थान पर रही है केवल एक वार्ड 21 ऐसा रहा जहां केवल निर्दलीय की टक्कर निर्दलीय प्रत्याशी से रही