2 हजार की रिश्वत:न्यायालय ने दी छात्रावास को 4 साल की कैद व 5 हजार जुर्माने की सजा

शिवपुरी। जिला कोर्ट के विशेष न्यायाधीश शिवकांत ने दो हजार की रिश्वत लेने वाले खनियाधाना छात्रावास अधीक्षक को दोषी मानते हुए 4 साल की कैद व 5 हजार का जुर्माने की सजा सुनाई हैं। आरोपी ने FDR की राशि का भुगतान करने की एवज में यह रिश्वत ली थी। मामले में पैरवी अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी हजारी लाल बैरवा ने की हैं।

अभियोजन के अनुसार खनियाधाना निवासी प्रभु दयाल जाटव उम्र 47 साल ने 2 सितंबर 2016 में शिकायत दर्ज कराई थी कि छात्रावास अधीक्षक घनश्याम शाक्य उनसे 50 हजार की FDR की राशि का भुगतान आदिम जाति कल्याण विभाग शिवपुरी से कराने के एवज में 3 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा हैं।

बाद में सौदा 2 हजार में तय हुआ था। लोकायुक्त पुलिस ने अधीक्षक को 2 हजार की रिश्वत लेते हुए धर दबौचा था। पुलिस ने बाद में चालान पेश किया। मामले में सुनवाई के दौरान तमाम सबूतो व गवाहों को सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी अधीक्षक को दोषी माना और अधीक्षक को 4 साल की कैद व 5 हजार के जुर्माने की सजा से दंडित किया हैं।