Shivpuri News- भाजपा में बगावत की आग, जिले में यह भाजपाई निर्दलीय मैदान में

शिवपुरी। भाजपा ने अपने प्रत्याशियों की सूची कर दी। सूची आने के बगाबत की खबरें आने लगी। शनिवार को नामांकन भरने का अंतिम दिन था। अब कई नेता पार्टी से टिकट न मिलने के कारण कई नेता अब बगाबत कर निर्दलीय निकाय के रण में उतरने का मन बना चुके है। भाजपाइयों के बगाबत की इस आग को शांत करने में सफल होती हैं यह तो नामांकन वापसी के दिन क्लीयर होगा। बगावत करने वाले नेता इस रण में डटे रहते हैं या फिर नामांकन वापस लेते हैं,पढिए पूरे जिले में कहां से उठ रही बगावत की आग.............

भाजपा से टिकट न मिलने से पूर्व पार्षद वार्ड नंबर 1 गोपाल यादव निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना फार्म जमा करा चुके हैं। वहीं वार्ड क्रमांक 33 से मथुरा प्रसाद प्रजापति की धर्मपत्नी रामश्री प्रजापति भी चुनाव लड़ रही है। पूर्व पार्षद शकुन भदौरिया वार्ड नंबर 28 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में फार्म जमा कर गई। वार्ड 28 से ही भाजपा के दीपेश फड़नीस ने भी नामांकन भर दिया है।

वार्ड 38 में भी टिकट वितरण को लेकर नाराजगी है। नेपाल बघेल ने भाजपा से टिकट न मिलने पर कांग्रेस की ओर से नामांकन भर दिया है। वहीं दो बार पार्षद रह चुके भोपाल सिंह दांगी पूर्व में ही नामांकन भर चुके हैं। उन्होंने पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। मंजुला जैन के भी निर्दलीय नामांकन भरने की चर्चा थी, लेकिन अंतिम मौके पर उन्होंने चुनाव में न उतरने का निर्णय लिया। यही स्थिति दूसरे नगरीय निकायों में भी बनी है।

पोहरी में खुलकर पदाधिकारी विरोध में उतर चुके हैं और निर्दलीय नामांकन भर चुके हैं। देखना होगा कि चुनावी रेल में सवार हुए यह बिना टिकट के यात्री भाजपा के लिए कितनी मुसीबत खड़ी करते हैं।

पिछोर में भी बगावत पर वरिष्ठ नेता

पिछोर में टिकट वितरण में प्रीतम सिंह लोधी का दबदबा देखने को मिला। अधिकांश टिकट इन्हीं के समर्थकों को मिले और कुछ टिकट सिंधिया समर्थकों के हिस्से में गए। इससे पार्टी के पुराने और सक्रिय नेताओं में रोष है। वर्तमान मंडल उपाध्यक्ष ओर सिंधिया समर्थक संजीव राजोरिया वार्ड 7 से टिकट की दावेदारी कर रहे थे।

जब उन्हें पार्टी ने नजरअंदाज किया तो वे निर्दलीय फार्म भर आए। इसी तरह वार्ड 5 से कपिल मिश्रा, वार्ड 4 से बल्लू भट्ट को भी टिक नहीं मिला। वहीं पूर्व मंडल अध्यक्ष और पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष विकास पाठक वार्ड 8 से उम्मीदवार थे, लेकिन पार्टी ने टिकट नहीं दिया। यही स्थिति वार्ड छह में राजेश तिवारी के साथ हुई।

सांसद प्रतिनिधि व पूर्व मंडल व नगर पालिका अध्यक्ष विकास पाठक ने कहा कि पार्टी ने अपने सक्रिय कार्यकर्ता को टिकट न देकर पता नहीं किस किस को टिकट थमा दिए। मुझे मंडल स्तर के कार्यक्रम में बुलाया ही नहीं जाता और न कार्यक्रम की कोई जानकारी मुझे दी जाती है। मंडल अध्यक्ष राहुल राहोरा का कहना है कि टिकट वितरण सर्वसम्मति से कोर कमेटी ने तय किये हैं। इसमे किसी एक व्यक्ति का कोई रोल नहीं रहता है। यदि कोई कार्यकर्ता नाराज है तो उसे मनाने की कोशिश की जाएगी।