Shivpuri News- जनसंपर्क में शराब बांट रहा प्रत्याशी गिरफ्तार

बैराड। बैराड़ थाना पुलिस ने चुनाव को प्रभावित करने की मंशा से वोटरों को बांटने के लिए लाई गई 18 पेटी अवैध देशी शराब के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनमें चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी के साथ उसके दो समर्थक शामिल हैं। पुलिस ने तीनों आरोपितों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।

जानकारी के अनुसार पोहरी जनपद पंचायत के वार्ड क्रमांक-9 से सदस्य पद हेतु चुनाव मैदान में भाग्य आजमा रहा प्रत्याशी अशोक धाकड़ उर्फ संतोष चुनाव में मतदाताओं को अपने पक्ष में मतदान करने के लिए रिझाा रहा था। इसी क्रम में उसने मतदाताओं को प्रलोभन देने की मंशा से शुक्रवार की रात अपने क्षेत्र के ग्राम लक्ष्‌मीपुरा मे मतदाताओं को शराब बांटने की योजना बनाई।

वह रात को जब अपने समर्थक छोटू उर्फ रामनिवास धाकड़ व माखन बंजारा निवासी लक्ष्‌मीपुरा के साथ शराब लेकर लक्ष्‌मीपुरा तिराहे पर पहुंचा तभी बैराड़ थाना प्रभारी नवीन यादव को इस बात की जानकारी मिल गई। उन्होंने तत्काल एसआई अरविंद भदौरिया को टीम के साथ बताए गए स्थान पर दबिश देने के निर्देश दिए। जब अरविंद भदौरिया मौके पर पहुंचे तो आरोपित शराब को गांव में ले जाते हुए पकड़ में आ गए।

पकड़े गए आरोपितों से 18 पेटी देशी शराब जप्त की गई। जप्त की गई शराब की कीमत 54 हजार रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण कायम कर विवेचना में ले लिया है। प्रत्याशी सहित दोनों आरोपितों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।



चर्चा में शराब बांटते हुए पकड़ने की कहानी
अगर ग्रामीण सूत्रों की मानें तो आरोपित शराब लेकर गांव आ गए थे। प्रत्याशी आकाश धाकड़ अपने समर्थकों के साथ ग्रामीणों को अपने पक्ष में मतदान करने के लिए प्रेरित करते हुए शराब का वितरण करवा रहा था। यह बात उसके प्रतिद्वंदियों को पता लग गई। उसने मामले की जानकारी पुलिस को दी और पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने आरोपितों को शराब के साथ पकड़ लिया। वही कुछ लोगों का कहना है कि आकाश धाकड़ कहीं बाहर से शराब लेकर आया था। इस बात की जानकारी लोकल के ठेकेदार को लग गई। वह पुलिस को लेकर गांव पहुंचा तो आरोपित शराब बांटते हुए मिले।

प्रत्याशी एफआइआर और जेल जाने के बाद भी लड़ सकेगा चुनाव
इसके बाबजूद आकाश धाकड़ चुनाव लड़ सकेगा। न्यायालय से जमानत मिलने के बाद वह अपने समर्थकों के साथ क्षेत्र में जाकर प्रचार कर सकेगा और अपने पक्ष में मतदान करने के लिए लोगों से वोट अपील भी कर सकेगा। अगर वह चुनाव जीत जाता है तो जनपद सदस्य भी चुना जाएगा।
इनका कहना है

आरोप लगने और एफआइआर दर्ज होने का प्रत्याशी के चुनाव पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। फिलहाल यह आरोप है, जब तक आरोप सिद्ध नहीं हो जाता है तब तक वह अपराधी नहीं कहलाएगा। ऐसे में जो एफआइआर दर्ज हुई है उससे संबंधित का चुनाव प्रभावित नहीं होगा। यदि बाद में अपराध सिद्ध होता है तो तत्समय नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।