जल्द ही शुरू होगा मेडिकल कॉलेज में ट्रोमा सेंटर और कैथ लैब,मीडिया के इन सवालो पर मंत्री चुप - Shivpuri News

शिवपुरी। प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने रविवार को शिवपुरी मेडिकल कॉलेज का दौरा किया और यहां मेडिकल कॉलेज की जनरल बॉडी की बैठक ली। इस बैठक में मेडिकल कॉलेज में ट्रोमा सेंटर, कैथ लैब व मरीजों के लिए भोजन उपलब्ध कराने के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

मंत्री विश्वास सारंग का कहना था कि हमने निर्णय लिया है कि मरीजों के लिए भोजन व्यवस्था शुरू करना है इसके लिए हमने किचन बनवाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा बैठक में मुझे बताया गया कि यहां से हाईवे गुजरते हैं इसलिए यहां ट्रोमा सेंटर की बेहद दरकार है। ऐसे में हम कोशिश करेंगे कि यहां एक व्यवस्थित ट्रामा यूनिट की शुरुआत करें।

मंत्री का कहना था कि इसके अलावा मैंने विधानसभा में मप्र के सभी मेडिकल कॉलेजों में कैथ लैब शुरू करवाने के संबंध में निर्णय लिया है ताकि कॉर्डियोलॉजी की समस्या का समाधान हो सके। इन तीनों ही चीजों में हमारा बेहद ध्यान है। मंत्री विश्वास सारंग ने शिवपुरी मेडीकल कॉलेज में छात्रों के लिए उच्च स्तरीय रीक्रिएशन सेंटर बनाने के लिए एक करोड़ रूपए का प्रावधान रविवार को हुई बैठक में किया है।

डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट को बताया अंतरराष्ट्रीय साजिश

डब्ल्यूएचओ द्वारा भारत में कोरोना से हुई मौतों के संबंध में 47 लाख मौतों का जो आंकड़ा पेश किया है से मंत्री विश्वास सारंग ने भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय साजिश बताया। उनका कहना था कि डब्ल्यूएचाओ की इस रिपोर्ट का हाल ही में अहमदाबाद में हुई बैठक में देश भर के स्वास्थ्य मंत्रियों ने एक स्वर में खंडन करते हुए डब्ल्यूएचओ की निंदा भी की थी।

इन सवालों पर मंत्री महोदय चुप

मंत्री विश्वास सारंग ने अपनी बातें तो मीडिया ब्रीफ में पुरजोर तरीके के साथ रखीं, लेकिन जब उनसे सवाल किए गए तो वे जवाब नहीं दे पाए। मीडिया द्वारा जब चिकित्सा शिक्षा मंत्री से मप्र के मेडिकल कॉलेज में वैज्ञानिक-बी और वैज्ञानिक-सी की भर्ती, मेडिकल कॉलेजों को प्रभारी डीन के भरोसे चलाने सहित शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में अनियमितताओं पर सवाल पूछे गए सवाल पर चुप्पी साध गए और बिना कोई जवाब दिए निकल गए।

उन्होंने वैज्ञानिक-बी और वैज्ञानिक-सी की भर्ती के संबंध में जरूर इतना भर कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है वह इसे दिखवाते हैं। प्रदेश भर के मेडिकल कॉलेजों से वैज्ञानिक-बी और वैज्ञानिक-सी की पोस्ट पर कोरोना काल में भर्ती किए गए डॉक्टरों को मार्च में हटाए जाने के बाद वर्तमान में लैब टेक्निशियन द्वारा की जा रही आरटी पीसीआर रिपोर्ट और उसकी एक्यूरेसी के संबंध में पूछे गए सवाल को भी मंत्री विश्वास सारंग टाल गए।