आवास नहीं मिलने से परेशान युवक ने घटका जहरीला पदार्थ, अस्पताल मे भर्ती- Shivpuri News

शिवपुरी। खबर जिले के महोबा डामरौन ग्राम से है जहां एक आदिवासी युवक ने इल्ली मारने की दवा का सेवन कर लिया। युवक का कहना है कि उसकी झोपड़ी बीते कुछ दिन पहले आई आंधी में उड़ गई थी। जिसके बाद अब उसके पास सिर छुपाने को जगह नहीं है जिससे तंग आकर यवुक ने इल्लीमार दवा खाकर जान देने का प्रयास किया।

जिला अस्पताल में भर्ती महोबा डामरौन के रहने वाले 30 वर्षीय रामवरण आदिवासी ने बताया कि उसके पांच बच्चे हैं। वह अपने बच्चों और पत्नी के साथ एक झोपड़ी में रहकर गुजर बसर करता है। बीते कुछ दिन पहले आई आंधी से उसकी झोपड़ी का छप्पर उड़ गया था। जिससे उसे काफी परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा था। इसके साथ ही उसकी पत्नी कई महीनों से आवास योजना के तहत कुटीर उपलब्ध कराने के लिए कहती रहती थी। उसने कई बार सरपंच-सचिव से कुटीर मुहैया कराए जाने की बात करनी चाही। लेकिन आज दिनांक तक उसका नाम आवास योजना के तहत आने वाली सूची में नहीं आ सका।

जिसको लेकर उसकी पत्नी उस पर लगातार तंज कसती रहती है। उसे भी मन ही मन महसूस होता था कि वह अपने बीवी बच्चों को छत तक मुहैया नहीं करा पा रहा है। इसी बात से तंग होकर उसने इल्ली मारने की दवा का सेवन कर लिया। रामबरन आदिवासी ने बताया कि कुछ ही दिनों में भारी बारिश होने वाली है। बीते साल भी बारिश में उसे काफी नुकसान उठाना पड़ा था। इस बार फिर बारिश आने वाली है। बरसात से वह अपने बच्चों को परेशान होता नहीं देख सकता, इसी के चलते उसने जहरीली दवा का सेवन कर मौत को गले लगाने की सोचा।