तनुज गोयल पुत्र महेंद्र गोयल पर अवैध कॉलोनी काटने के मामले में FIR के आदेश, 64 लाख का जुर्माना भी - Shivpuri News

शिवपुरी। कोलारस में लोगों को सर्वसुविधायुक्त वैध कालोनी बसाने का झांसा देकर प्लाट बेचने के बाद कालोनी में किसी भी तरह की सुविधा नहीं देने वाले कालोनाइजर के खिलाफ एडीएम न्यायालय ने एफआइआर के आदेश दिए हैं। साथ ही कालोनाइजर पर एक करोड़ 64 लाख रुपये का जुर्माना भी अधिरोपित किया है।

जानकारी के अनुसार बीआर टावर के संचालक महेंद्र गोयल के बेटे तनुज निवासी सदर बाजार ने पटवारी हल्का जगतपुर कोलारस में सर्वे नंबर 51/1 रकवा 1.44 हेक्टेयर पर सर्वसुविधा युक्त कॉलोनी बसाने की बात कही और उक्त कालोनी में बिना किसी लाइसेंस और शासन की अनुमति के लोगों को प्लॉट बेचे।

इस मामले में पटवारी की रिपोर्ट पर वर्ष 2014-15 में मामला एडीएम न्यायालय में आया परंतु शुरूआती जांच के बाद मामले की फाइल दबा दी गई। जब पुनः मामले में जांच प्रारंभ हुई तो उक्त फाइल पर फिर से जांच आगे बढ़ी। एडीएम न्यायालय में मामले की सुनवाई हुई और न्यायालय ने मामले में आए तथ्यों एवं साक्ष्‌यों पर विचारण उपरांत तनुज गोयल पर एक करोड़ 64 लाख रुपये का जुर्माना करते हुए नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 339 (घ) के तहत एफआइआर दर्ज करने के आदेश किए हैं।

उल्लेखनीय है कि थीम रोड पर स्थित बीआर टावर भी कार्रवाई की जद में है। यहां कई सालों से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की जुर्माना राशि नपा को वसूलना है। टावर को गिराने के आदेश भी जारी हो चुके हैं, लेकिन नगर पालिका बार-बार नोटिस देकर सालों से इस कार्रवाई को टाल रही है।

डाक्यूमेंट के फेर में अटकी FIR

तनुज पर डाक्यूमेंट के फेर में एफआइआर अटकी हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सिर्फ आदेश पर एफआइआर करने के बाद वह उन्हें बाद में विवेचना के दौरान परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में नगर परिषद से डाक्यूमेंट की मांग की गई है। फिलहाल नगर परिषद के पास भी डाक्यूमेंट नहीं है। इसी फेर में एफआइआर अटकी हुई है।

इनका कहना है
हमने नगर परिषद से डाक्यूमेंट मांगे हैं क्योंकि आदेश पर हम FIR तो कर लेते हैं लेकिन बाद में हमें विवेचना में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में हमने नप सीएमओ से कहा कि वह आदेश के साथ डॉक्यूमेंट की सर्टिफाइड लगा दें, ताकि एफआइआर की जा सके।
मनीष शर्मा,टीआई कोलारस

पुलिस ने केस से संबंधित डॉक्यूमेंट मांगे हैं, ऐसे में अब हमने भी एडीएम कार्यालय से डॉक्यूमेंट मंगाए हैं। डॉक्यूमेंट आते ही मामले में आरोपित के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी जाएगी।
महेश चंद्र जाटव, CMO, कोलारस