स्वास्थ्य विभाग की खुली पोल: आदिवासी बस्ती में शिविर में आए 40 बच्चों में से 38 एनीमिया ग्रस्त - Shivpuri News

शिवपुरी।
जिले में स्वास्थ्य सेवाएं भगवान भरोसे है। जिसे की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था से पूरा प्रदेश भली भांति परिचित है। कोरोना काल में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही ने कई घरों के चिरागों को बुझा दिया। परंतु अब जो खबर निकलकर सामने आई है वह पूरे विभाग की पोल खोलने बाली है। विभाग द्धारा आदिवासी बस्तीयों में करोडो रूपए पोषण आहार सहित स्वास्थ्य सेवाओं ने नाम पर ठिकाने लगा दिया जा रहा है। परंतु धरातल के हालात क्या है यह तो आंकड़े बता रहे है।

दरअसल आज शिवपुरी जिले के मझेरा गांव में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर जिला प्रशासन ने एक शिविर का आयोजन किया। जिसमें 40 बच्चों की जांच की इस दौरान 40 में से 38 बच्चे एनीमिया से ग्रसित पाए गए। इनका हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य से कई पॉइंट नीचे तक रहा।

जानकारी के अनुसार ग्राम मझेरा में आंगनबाड़ी केंद्र पर एक कार्यशाला आयोजित की गई थी। जिसमें एनीमिया से बचाव की जानकारी आयोजन का आयोजन किया गया। जिसमें उन्मुखीकरण और हीमोग्लोबिन जांच प्रोग्राम भी बालक और बालिकाओं के लिए रखा गया था। इसमें किशोर किशोरी एवं बालक-बालिकाओं में खून की कमी या एनीमिया की जांच की गई थी। साथ ही एनीमिया से बचाव की जानकारी भी शक्तिशाली महिला संगठन के द्वारा उपलब्ध कराई गई थी।

40 में 38 बच्चों में निकली खून की कमी

शक्तिशाली महिला संगठन के द्वारा महिला बाल विकास और ब्रिटानिया न्यूट्रिशन फाउंडेशन की ओर से एक कार्यशाला का आयोजन शिवपुरी के ग्राम मजेरा की आंगनबाड़ी केंद्र पर आयोजित किया गया था। जिसमें शक्तिशाली महिला संगठन के संयोजक रवि गोयल ने जानकारी देते हुए बताया कि स्कूली 40 बच्चों का हीमोग्लोबिन जांचा गया था।

जिसमें से 20 बालक और 20 बालिकाओं की जांच की गई थी। जिसमें से एक बालिका नैंसी आदिवासी और एक बालक राजू आदिवासी का हीमोग्लोबिन 11.5 से ऊपर निकला, बाकी सभी बच्चे एनीमिया से ग्रसित पाए गए जांच के दौरान एक बच्ची का हीमोग्लोबिन सबसे कम 6.8 पाया गया।

आयोजित शिविर में एनीमिक बच्चों सहित उनके परिजनों को रवि गोयल ने बताया कि यह बीमारी आयरन की कमी से होती है। जब शरीर में रेड ब्लड सेल्स धीरे-धीरे कम होने लगते हैं और शरीर को भरपूर डाइट नहीं मिल पाती। जिसके चलते खून की कमी हो जाती है जिससे एनीमिया जैसे रोग से बालक-बालिकाएं सहित महिला ग्रसित को जाती है इस बीमारी को दूर करने के लिए हरी साग सब्जी और अंडा दूध और लोहे की कड़ाही का खाना बनाना चाहिए , जिससे एनेमिया दूर हो जाता है।